स्कीम और प्रवेशपत्र में पेपरों की तिथियां अलग
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाओं के प्रवेशपत्रों में खामियां सामने आने से परीक्षार्थी उलझ गए हैं। वजह यह है कि कई परीक्षार्थियों के प्रवेशपत्रों में उनकी परीक्षाओं की जो तारीखें दर्शाई गई हैं, वह परीक्षा स्कीम से भिन्न हैं। मसलन, बीकॉम प्रथम वर्ष का पर्यावरण का पेपर परीक्षा स्कीम के मुताबिक, 24 मार्च को प्रथम पाली में है लेकिन कई परीक्षार्थियों के प्रवेशपत्र में इस पेपर की तारीख 23 मार्च प्रदर्शित हो रही है। इससे परीक्षार्थियों में इस पेपर की तिथि को लेकर संशय गहरा गया है। वह समझ नहीं पा रहे हैं कि किस दिन पेपर होगा। इसी तरह एमए की परीक्षा में कई परीक्षार्थियों के प्रवेशपत्र पर सारे पेपरों की तिथि एक ही प्रदर्शित हो रही है। इन खामियों की ओर अभी विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। अलबत्ता, विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव परीक्षा वीएन सिंह का कहना है कि अगर प्रवेशपत्र में पेपरों की तिथि को लेकर कुछ खामियां हैं तो भी विश्वविद्यालय की परीक्षा स्कीम के मुताबिक ही पेपर होंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थी विश्वविद्यालय से जारी स्कीम को ही मान्यता दें और उसी के मुताबिक, अपने पेपर सुनिश्चित करें। बता दें कि विश्वविद्यालय ने प्रवेशपत्र किसी बाहरी एजेंसी से मुद्रित कराकर अपलोड किए हैं, इसी वजह से उनमें खामियां सामने आ रही हैं लेकिन इससे परीक्षार्थियों को प्रभावित होना पड़ रहा है।