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बीपीएड मुद्दा विधान सभा में उठाया जाए
बरेली
Updated Mon, 02 Mar 2015 12:08 AM IST
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प्रशिक्षित बीपीएड संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार से भेंट कर ज्ञापन दिया। मांग की कि बीपीएड मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाए।
ज्ञापन में कहा है कि बीपीएड (बैचलर आफ फिजिक्स एजूकेशन) डिग्री धारकों की नियुक्ति 1999 से 2008 तक प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रूप में होती रही है लेकिन एक अगस्त 2010 में तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा एनसीईआरटी के गाईड लाइन में संशोधन कर देने से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टी.ई.टी. (शिक्षा पात्रता परीक्षा) अनिवार्य कर दिया गया है। उक्त परीक्षा में 72825 बीपीएड डिग्री धारकों को शामिल नहीं किया गया जिससे वे बेरोजगार होकर भटक रहें हैं। बसपा से लेकर सपा सरकार में इनकी मांग पर ध्यान देना तो दूर उल्टे पीट कर जेल में बंद किया गया।
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ज्ञापन में कहा है कि बीपीएड (बैचलर आफ फिजिक्स एजूकेशन) डिग्री धारकों की नियुक्ति 1999 से 2008 तक प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रूप में होती रही है लेकिन एक अगस्त 2010 में तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा एनसीईआरटी के गाईड लाइन में संशोधन कर देने से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टी.ई.टी. (शिक्षा पात्रता परीक्षा) अनिवार्य कर दिया गया है। उक्त परीक्षा में 72825 बीपीएड डिग्री धारकों को शामिल नहीं किया गया जिससे वे बेरोजगार होकर भटक रहें हैं। बसपा से लेकर सपा सरकार में इनकी मांग पर ध्यान देना तो दूर उल्टे पीट कर जेल में बंद किया गया।