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अगस्त में बंटनी थी ड्रेस..80 फीसदी बच्चों को अब तक नहीं मिली

Wed, 25 Sep 2019 02:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 02:29 AM IST
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बरेली। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षा सत्र के शुरुआती तीन महीने गुजरने के बाद भी अफसर अब तक 80 फीसदी बच्चों को यूनिफार्म मुहैया नहीं करा पाए हैं। शासन के बच्चों को अच्छी गुणवत्ता की यूनिफार्म देने के लिए सख्ती दिखाने पर दो महीने तक टालमटोल के बाद जब वेतन रोकने की कार्रवाई शुरू की गई तो अफसरों ने बेहतर कपड़ा तो ढूंढ लिया लेकिन अब उन एनजीओ ने उनके लिए मुश्किल खड़ी कर दी है जिन्हें बच्चों की यूनिफार्म बनवाकर देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दरअसल ये एनजीओ पहले ही घटिया कपड़े से हजारों यूनिफार्म बनवा चुके हैं। अब समस्या है कि इस यूनिफार्म को कैसे खपाया जाए। विभागीय सूत्रों के मुताबिक अब बच्चों में नए कपड़े से बनी यूनिफार्म के साथ पहले से बन चुकी इस यूनिफार्म खपाने की भी योजना है।
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शासन ने जुलाई में ही बेसिक स्कूलों के बच्चों को दो जोड़ी यूनिफार्म बांटने का आदेश जारी किया था। इसके लिए प्रत्येक बच्चे के लिए तीन सौ रुपये का बजट भी समय से हर जिले में भेज दिया गया था। बरेली जिले के करीब 2900 स्कूलों के 3.37 लाख बच्चों को यूनिफार्म दी जानी है। शासन से बजट आते ही अधिकारियों ने प्रत्येक ब्लॉक में यूनिफार्म तैयार कराने का काम अलग-अलग एनजीओ को दे दिया था। विभागीय सूत्रों के मुताबिक कपड़ा खरीदकर जिले के ज्यादातर ब्लॉकों में 25 से 40 समूहों के माध्यम से यूनिफार्म तैयार कराना शुरू कर दिया गया लेकिन पेच तब फंसा जब शासन ने बच्चों को अच्छी गुणवत्ता की यूनिफार्म देने पर अधिकारियों को कसना शुरू किया।
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शासन की सख्ती के बाद कपड़े की जांच कराई गई तो एक-एक कर सभी सैंपल फेल हो गए। इस पर सभी एनजीओ से यूनिफार्म बनवाने का काम रोक दिया गया। हाल ही में एक कंपनी का कपड़ा शासन के मानकों के अनुरूप मिला तो उससे कपड़ा लेकर यूनिफार्म बनाने का निर्देश एनजीओ को फिर दिया गया लेकिन एनजीओ ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि वह तो पहले ही हजारों यूनिफार्म बनवा चुका है। इस यूनिफार्म को वह कहां खपाएगा। सूत्र बताते हैं कि इसके बाद ज्यादातर एनजीओ ने विभागीय अफसरों से सांठगांठ कर तय किया है कि नए कपड़े से बनी यूनिफार्म के साथ ही पहले बन चुकी यूनिफार्म को भी बच्चों में खपा दिया जाएगा। जांच भी नए कपड़े के सैंपल की करा दी जाएगी। इससे नई कंपनी से एक साथ भारी मात्रा में कपड़ा मिलने में आ रही दिक्कत भी हल हो जाएगी।
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-ड्रेस के तय मानकों वाले कपड़ों की आपूर्ति को लेकर दिक्कत की वजह से देरी हुई है। यह समस्या पूरे प्रदेश में ही थी। कोशिश की जा रही है कि 15 अक्तूबर तक ड्रेस वितरण हो जाए। -सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
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