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सात राज्यों के 37 कलाकारों को मिला सम्मान
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राज्य ललित कला अकादमी और रुहेलखंड विश्वविद्यालय की तीन दिवसीय प्रदर्शनी का समापन
बरेली। राज्य ललित कला अकादमी और रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय चित्रकार प्रदर्शनी का गुरुवार को समापन हो गया। इस दौरान सात राज्यों से आए 37 कलाकारों को सम्मान पत्र और मानदेय देकर सम्मानित किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया।
कार्यक्रम में पहुंचे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ल ने भी राष्ट्रीय नायकों को कैनवास पर उकेरने के इस कार्यक्रम की सराहना की। आरएसएस के विभाग प्रचारक आनंद ने कहा कि तीन दिनों के परिश्रम के बाद महापुरुषों के चित्रों का जो स्वरूप देखने को मिला वह काफी आनंददायक था। राज्य ललित कला अकादमी के सचिव डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने अकादमी की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। बताया कि अकादमी की स्वतंत्र वेबसाइट के लिए एनआईसी को पत्र भेज दिया गया है। अकादमी अब ललित कला के साथ ही लोक कलाकारों को भी जोड़ने का अभियान चलाएगी। अकादमी के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह पुंडीर ने बताया कि अकादमी ने स्वतंत्र कलाकारों को भी प्रदर्शनी लगाने के लिए एक बार में दस हजार रुपये तक की सहायता करने का निर्णय लिया है। इस दौरान आयोजन सचिव डॉ. प्रवीण कुमार तिवारी, डॉ. रामबाबू सिंह, डॉ. विमल कुमार, डॉ. रश्मि रंजन, डॉ. मीनाक्षी द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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बरेली। राज्य ललित कला अकादमी और रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय चित्रकार प्रदर्शनी का गुरुवार को समापन हो गया। इस दौरान सात राज्यों से आए 37 कलाकारों को सम्मान पत्र और मानदेय देकर सम्मानित किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया।
कार्यक्रम में पहुंचे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ल ने भी राष्ट्रीय नायकों को कैनवास पर उकेरने के इस कार्यक्रम की सराहना की। आरएसएस के विभाग प्रचारक आनंद ने कहा कि तीन दिनों के परिश्रम के बाद महापुरुषों के चित्रों का जो स्वरूप देखने को मिला वह काफी आनंददायक था। राज्य ललित कला अकादमी के सचिव डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने अकादमी की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। बताया कि अकादमी की स्वतंत्र वेबसाइट के लिए एनआईसी को पत्र भेज दिया गया है। अकादमी अब ललित कला के साथ ही लोक कलाकारों को भी जोड़ने का अभियान चलाएगी। अकादमी के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह पुंडीर ने बताया कि अकादमी ने स्वतंत्र कलाकारों को भी प्रदर्शनी लगाने के लिए एक बार में दस हजार रुपये तक की सहायता करने का निर्णय लिया है। इस दौरान आयोजन सचिव डॉ. प्रवीण कुमार तिवारी, डॉ. रामबाबू सिंह, डॉ. विमल कुमार, डॉ. रश्मि रंजन, डॉ. मीनाक्षी द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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