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डॉ. अनुराग की नियुक्ति अवैध, बोर्ड चुनेगा नया प्राचार्य
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बरेली। पूर्व डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह रिपोर्ट की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष एवं कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने बरेली कॉलेज में डॉ. अनुराग मोहन की प्राचार्य पद पर नियुक्ति को अवैध माना है। उन्होंने डीएम नितीश कुमार को बरेली कॉलेज में स्थानापन्न यानी वैकल्पिक प्राचार्य नियुक्त करने के बाद स्थाई तौर पर कार्यवाहक प्राचार्य की नियुक्ति के लिए बोर्ड ऑफ कंट्रोल में प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
बरेली कॉलेज में प्राचार्य पद पर डॉ. अनुराग मोहन की ताजपोशी को डॉ. पूर्णिमा अनिल ने चुनौती दी थी। कमिश्नर, डीएम, कुलपति समेत कई स्तरों पर की गई शिकायत में उन्होंने खुद को डॉ. अनुराग मोहन से वरिष्ठ बताते हुए प्राचार्य पद पर दावा किया था। डॉ. पूर्णिमा अनिल की शिकायत पर तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश से जांच कराई थी। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के मुताबिक बरेली कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी के सचिव देवमूर्ति के आदेश पर उच्चाधिकारियों को जानकारी दिए बिना तत्कालीन प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा ने डॉ. अनुराग मोहन को चार्ज दे दिया। इस रिपोर्ट के बाद तत्कालीन डीएम ने अपनी रिपोर्ट बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष एवं कमिश्नर रणवीर प्रसाद को सौंपी थी। चार-पांच दिन इस रिपोर्ट का गहराई से अध्ययन करने के बाद कमिश्नर ने डॉ. अनुराग मोहन की प्राचार्य पद पर नियुक्ति को अवैध माना है। उन्होंने डीएम एवं बरेली कॉलेज मैनेजमेंट के अध्यक्ष नितीश कुमार को आदेश दिए हैं कि कॉलेज में तत्काल स्थानापन्न प्राचार्य की नियुक्ति की जाए। इसके बाद मैनेजमेंट की बैठक बुलाकर स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति का प्रस्ताव बोर्ड ऑफ कंट्रोल को भेजा जाए।
विश्वविद्यालय की नियमावली और बायलॉज से लिया निर्णय
कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस मामले में विश्वविद्यालय की नियमावली और कॉलेज के बायलॉज के आधार पर निर्णय लेने की बात कही थी। यह बायलॉज ही डॉ. अनुराग मोहन की मुश्किलों का कारण बन गया क्योंकि बरेली कॉलेज बायलॉज के बिंदु संख्या नौ के पैरा नंबर छह में प्राचार्य की नियुक्ति और उन्हें पदच्युत करने का अधिकार सिर्फ बोर्ड ऑफ कंट्रोल को दिया गया है। इसी आधार पर कमिश्नर ने डीएम को स्थानापन्न प्राचार्य नियुक्त कर प्राचार्य नियुक्ति का प्रस्ताव बोर्ड ऑफ कंट्रोल को भेजने के निर्देश दिए हैं।
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डीएम से कहा गया है कि बरेली कॉलेज में स्थानापन्न प्राचार्य की नियुक्ति करें। इसके बाद मैनेजमेंट की बैठक बुलाकर प्राचार्य नियुक्त करने का प्रस्ताव बोर्ड ऑफ कंट्रोल को भेजें। - रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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बरेली कॉलेज में प्राचार्य पद पर डॉ. अनुराग मोहन की ताजपोशी को डॉ. पूर्णिमा अनिल ने चुनौती दी थी। कमिश्नर, डीएम, कुलपति समेत कई स्तरों पर की गई शिकायत में उन्होंने खुद को डॉ. अनुराग मोहन से वरिष्ठ बताते हुए प्राचार्य पद पर दावा किया था। डॉ. पूर्णिमा अनिल की शिकायत पर तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश से जांच कराई थी। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के मुताबिक बरेली कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी के सचिव देवमूर्ति के आदेश पर उच्चाधिकारियों को जानकारी दिए बिना तत्कालीन प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा ने डॉ. अनुराग मोहन को चार्ज दे दिया। इस रिपोर्ट के बाद तत्कालीन डीएम ने अपनी रिपोर्ट बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष एवं कमिश्नर रणवीर प्रसाद को सौंपी थी। चार-पांच दिन इस रिपोर्ट का गहराई से अध्ययन करने के बाद कमिश्नर ने डॉ. अनुराग मोहन की प्राचार्य पद पर नियुक्ति को अवैध माना है। उन्होंने डीएम एवं बरेली कॉलेज मैनेजमेंट के अध्यक्ष नितीश कुमार को आदेश दिए हैं कि कॉलेज में तत्काल स्थानापन्न प्राचार्य की नियुक्ति की जाए। इसके बाद मैनेजमेंट की बैठक बुलाकर स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति का प्रस्ताव बोर्ड ऑफ कंट्रोल को भेजा जाए।
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विश्वविद्यालय की नियमावली और बायलॉज से लिया निर्णय
कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस मामले में विश्वविद्यालय की नियमावली और कॉलेज के बायलॉज के आधार पर निर्णय लेने की बात कही थी। यह बायलॉज ही डॉ. अनुराग मोहन की मुश्किलों का कारण बन गया क्योंकि बरेली कॉलेज बायलॉज के बिंदु संख्या नौ के पैरा नंबर छह में प्राचार्य की नियुक्ति और उन्हें पदच्युत करने का अधिकार सिर्फ बोर्ड ऑफ कंट्रोल को दिया गया है। इसी आधार पर कमिश्नर ने डीएम को स्थानापन्न प्राचार्य नियुक्त कर प्राचार्य नियुक्ति का प्रस्ताव बोर्ड ऑफ कंट्रोल को भेजने के निर्देश दिए हैं।
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डीएम से कहा गया है कि बरेली कॉलेज में स्थानापन्न प्राचार्य की नियुक्ति करें। इसके बाद मैनेजमेंट की बैठक बुलाकर प्राचार्य नियुक्त करने का प्रस्ताव बोर्ड ऑफ कंट्रोल को भेजें। - रणवीर प्रसाद, कमिश्नर