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गलती मानने के बजाय किया बदनाम, अब लड़ूंगी आरपार की लड़ाई
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बरेली। डीपीएस में समय पर फीस जमा न कर पाने पर एक बच्चे को क्लास से निकाल देने और उसे फीस डिफाल्टर कहकर चिढ़ाए जाने के मामले में उसकी मां ने स्कूल प्रबंधन पर अपनी करतूत पर पर्दा डालने के लिए उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह सारे सबूतों के साथ डीएम से मिलेंगी और इस मामले में आरपार की लड़ाई ल़ड़ेंगी।
सोमवार को डीपीएस में कक्षा चार के बच्चे को फीस बकाया के चलते स्कूल आने से रोक दिया गया था। इसके बाद मां ने बच्चे के साथ काफी देर तक स्कूल गेट पर धरना दिया और फिर उनकी सूचना पर अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना एवं अन्य लोग स्कूल पहुंचे थे। उन लोगों ने बीच में पड़कर मामला रफा-दफा कराया था। इस मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य वेदप्रकाश मिश्रा ने बताया था कि बच्चे पर 37-38 हजार रुपये फीस बकाया है। इस संबंध में मंगलवार को बच्चे की मां ने मीडिया को फीस जमा होने के सबूत सौंपे। उन्होंने कहा कि सिर्फ सेकेंड क्वार्टर की फीस बकाया है और स्कूल प्रबंधन उत्पीड़न के बाद अब लंबी फीस बकाया बताकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहा है। वह इन सबूतों के साथ डीएम से मिलेंगी और मामले की शिकायत करेंगी।
स्कूलों में बने शुल्क समिति
वहीं, अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना का कहना है कि इस समस्या की जड़ स्कूलों में शुल्क समिति नहीं होना है। ऐसा घटनाएं तमाम स्कूलों में होती हैं लेकिन अभिभावक बच्चों के भविष्य की खातिर चुप हो जाते हैं। वह इस मामले को शुल्क निर्धारण समिति के समक्ष रखेंगे और स्कूलों में शुल्क समिति बनवाने की बात कहेंगे।
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यह मामला अभी संज्ञान में नहीं आया है। किसी छात्र या अभिभावक उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। अगर स्कूल ने किसी के साथ गलत किया है तो कार्रवाई की जाएगी। - वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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सोमवार को डीपीएस में कक्षा चार के बच्चे को फीस बकाया के चलते स्कूल आने से रोक दिया गया था। इसके बाद मां ने बच्चे के साथ काफी देर तक स्कूल गेट पर धरना दिया और फिर उनकी सूचना पर अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना एवं अन्य लोग स्कूल पहुंचे थे। उन लोगों ने बीच में पड़कर मामला रफा-दफा कराया था। इस मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य वेदप्रकाश मिश्रा ने बताया था कि बच्चे पर 37-38 हजार रुपये फीस बकाया है। इस संबंध में मंगलवार को बच्चे की मां ने मीडिया को फीस जमा होने के सबूत सौंपे। उन्होंने कहा कि सिर्फ सेकेंड क्वार्टर की फीस बकाया है और स्कूल प्रबंधन उत्पीड़न के बाद अब लंबी फीस बकाया बताकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहा है। वह इन सबूतों के साथ डीएम से मिलेंगी और मामले की शिकायत करेंगी।
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स्कूलों में बने शुल्क समिति
वहीं, अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना का कहना है कि इस समस्या की जड़ स्कूलों में शुल्क समिति नहीं होना है। ऐसा घटनाएं तमाम स्कूलों में होती हैं लेकिन अभिभावक बच्चों के भविष्य की खातिर चुप हो जाते हैं। वह इस मामले को शुल्क निर्धारण समिति के समक्ष रखेंगे और स्कूलों में शुल्क समिति बनवाने की बात कहेंगे।
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यह मामला अभी संज्ञान में नहीं आया है। किसी छात्र या अभिभावक उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। अगर स्कूल ने किसी के साथ गलत किया है तो कार्रवाई की जाएगी। - वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम