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दोस्त के लिए गर्ल्स हॉस्टल को बना दिया अय्याशी का अड्डा
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बरेली। बरेली कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के फिर आबाद होने से पहले ही एक कर्मचारी ने एक छात्रा को फंसाकर उसे अपनी अवैध प्रेमलीला का अड्डा बना लिया। छात्रा की मां की जानकारी में मामला आया तो वह बेटी को लेकर प्राचार्य के पास पहुंच गई। प्राचार्य ने तो माफी मंगवाकर मामला रफादफा करा दिया, लेकिन मामले को निपटाते-निपटाते इस प्रेमकहानी के चर्चे कर्मचारी के घर तक पहुंच गए और लाख कोशिश के बावजूद उसकी बीवी ने उसे माफ करने को तैयार नहीं हुई। बीवी के तानों और लानत-मलामत से कर्मचारी इतना शर्मिंदा हुआ कि शुक्रवार सुबह उसने प्राचार्य के कक्ष में ही जहर खा लिया। कॉलेज में इससे हड़कंप मच गया। कर्मचारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बरेली कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल को दोबारा शुरू करने की तैयारी चल रही है। यहां दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारी की निगरानी में एक इलेक्ट्रीशियन काम कर रहा है। दोनों की दोस्ती हुई तो इलेक्ट्रीशियन ने सफाईकर्मी के नाम से फेसबुक पर अपना फोटो लगाकर अकाउंट बना लिया। खुद को शिक्षक बताकर कॉलेज की एक पूर्व छात्रा को भी फंसा लिया और अक्सर उसे गर्ल्स हॉस्टल में बुलाने लगा। बताया जाता है कि सफाई कर्मी ने भी छात्रा को खुद को शिक्षक बता रखा था। कुछ दिन पहले छात्रा के घरवालों ने उसकी और इलेक्ट्रीशियन की व्हाट्सएप चैट देख ली। इसके बाद छात्रा की मां उसे लेकर प्राचार्य के पास पहुंचीं और शिकायत की। पूछताछ में सारा मामला साफ हो गया, लेकिन प्राचार्य ने माफी-तलाफी कराकर मामला रफा-दफा कर दिया।
प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि फेसबुक अकाउंट सफाईकर्मी के नाम से था इसलिए मामला उसके घर तक पहुंच गया। घर में हद से ज्यादा क्लेश बढ़ा तो सफाईकर्मी सुबह उनके कार्यालय पहुंचा। पहले तो उसने बहुत बदनामी हो जाने की बात कही। फिर बराबर वाले कमरे में जाकर चूहेमार दवा खा ली। कर्मचारियों के बताने पर उन्होंने चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा और दूसरे शिक्षकों के साथ उसे निजी अस्पताल भेजकर भर्ती कराया। प्राचार्य ने बताया कि छात्रा और उसके घरवालों की ओर से कुछ भी लिखित नहीं दिया गया, इसलिए इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी नहीं की गई।
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बरेली कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल को दोबारा शुरू करने की तैयारी चल रही है। यहां दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारी की निगरानी में एक इलेक्ट्रीशियन काम कर रहा है। दोनों की दोस्ती हुई तो इलेक्ट्रीशियन ने सफाईकर्मी के नाम से फेसबुक पर अपना फोटो लगाकर अकाउंट बना लिया। खुद को शिक्षक बताकर कॉलेज की एक पूर्व छात्रा को भी फंसा लिया और अक्सर उसे गर्ल्स हॉस्टल में बुलाने लगा। बताया जाता है कि सफाई कर्मी ने भी छात्रा को खुद को शिक्षक बता रखा था। कुछ दिन पहले छात्रा के घरवालों ने उसकी और इलेक्ट्रीशियन की व्हाट्सएप चैट देख ली। इसके बाद छात्रा की मां उसे लेकर प्राचार्य के पास पहुंचीं और शिकायत की। पूछताछ में सारा मामला साफ हो गया, लेकिन प्राचार्य ने माफी-तलाफी कराकर मामला रफा-दफा कर दिया।
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प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि फेसबुक अकाउंट सफाईकर्मी के नाम से था इसलिए मामला उसके घर तक पहुंच गया। घर में हद से ज्यादा क्लेश बढ़ा तो सफाईकर्मी सुबह उनके कार्यालय पहुंचा। पहले तो उसने बहुत बदनामी हो जाने की बात कही। फिर बराबर वाले कमरे में जाकर चूहेमार दवा खा ली। कर्मचारियों के बताने पर उन्होंने चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा और दूसरे शिक्षकों के साथ उसे निजी अस्पताल भेजकर भर्ती कराया। प्राचार्य ने बताया कि छात्रा और उसके घरवालों की ओर से कुछ भी लिखित नहीं दिया गया, इसलिए इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी नहीं की गई।
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