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एलएलबी की मेरिट पर आपत्ति विरोध के बाद रुकी काउंसलिंग
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बरेली। बरेली कॉलेज में एलएलबी की एडमिशन प्रक्रिया के पहले दिन ही विवाद शुरू हो गया है। एलएलबी की मेरिट में भारांक जोड़ने की प्रक्रिया को गलत ठहराते हुए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बरेली कॉलेज में जमकर हंगामा किया और काउंसलिंग को बंद करा दिया। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इस बारे में अब विश्वविद्यालय से मार्गदर्शन मांगा जाएगा।
रविवार को बरेली कॉलेज ने एलएलबी की ओपन कैटेगरी की पहली मेरिट जारी की थी। इसके तहत सोमवार को ओपन मेरिट इंडेक्स 92.30-68.00 के अनुसार 1-113 रैंक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। 64 विद्यार्थियों की काउंसलिंग होने के बाद विद्यार्थी परिषद के राहुल चौहान, गौरव यादव समेत तमाम पदाधिकारी पहुंच गए। उन लोगों ने मेरिट बनाने में गलत प्रक्रिया अपनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और काउंसलिंग बंद करा दी। इसके बाद मामले को प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा और मुख्य प्रवेश समन्वयक डॉ. अनुराग मोहन के समक्ष रखा गया। उन्होंने इस संबंध में विश्वविद्यालय से गाइडलाइंस लेने की बात कही है।
ऐसे बनाई गई है मेरिट लिस्ट
बरेली कॉलेज ने मेरिट लिस्ट तैयार करने के लिए अभ्यर्थियों के प्राप्तांक का प्रतिशत निकाला है। इसके बाद एनसीसी के पांच और एनएसएस के लिए दस भारांक को प्रतिशत में जोड़कर मेरिट जारी कर दी। विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं को इस पर ही आपत्ति है। उनका कहना है कि अभ्यर्थी के कुल नंबर में भारांक जोड़ने के बाद प्रतिशत निकालकर मेरिट बनानी चाहिए।
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नियम को लेकर सब उलझे
हंगामा होने के बाद छात्र नेताआें ने बरेली कॉलेज प्रशासन से मेरिट बनाने की प्रक्रिया पूछी तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। मुख्य प्रवेश समन्वयक डॉ. अनुराग मोहन का कहना है विश्वविद्यालय से नियम पूछे जाएंगे। वहीं, विश्वविद्यालय के प्रवेश समन्वयक प्रो. एसके पांडेय का कहना है कि विश्वविद्यालय नियम भेज चुका है और उन पर कॉलेज किस तरह काम कर रहा है, वही बता सकते हैं।
अन्य कोर्स के एडमिशन भी सवालों के घेरे में
कहा जा रहा है कि बरेली कॉलेज प्रशासन ने अन्य पाठ्यक्रम में एडमिशन के लिए मेरिट तैयार करने में भी यही प्रक्रिया अपनाई है। ऐसे में अगर यह प्रक्रिया गलत साबित हो गई तो पूर्व में हो चुके सारे एडमिशन भी सवालों में घिर जाएंगे और पूरी प्रवेश प्रक्रिया ही बाधित हो सकती है।
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रविवार को बरेली कॉलेज ने एलएलबी की ओपन कैटेगरी की पहली मेरिट जारी की थी। इसके तहत सोमवार को ओपन मेरिट इंडेक्स 92.30-68.00 के अनुसार 1-113 रैंक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। 64 विद्यार्थियों की काउंसलिंग होने के बाद विद्यार्थी परिषद के राहुल चौहान, गौरव यादव समेत तमाम पदाधिकारी पहुंच गए। उन लोगों ने मेरिट बनाने में गलत प्रक्रिया अपनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और काउंसलिंग बंद करा दी। इसके बाद मामले को प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा और मुख्य प्रवेश समन्वयक डॉ. अनुराग मोहन के समक्ष रखा गया। उन्होंने इस संबंध में विश्वविद्यालय से गाइडलाइंस लेने की बात कही है।
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ऐसे बनाई गई है मेरिट लिस्ट
बरेली कॉलेज ने मेरिट लिस्ट तैयार करने के लिए अभ्यर्थियों के प्राप्तांक का प्रतिशत निकाला है। इसके बाद एनसीसी के पांच और एनएसएस के लिए दस भारांक को प्रतिशत में जोड़कर मेरिट जारी कर दी। विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं को इस पर ही आपत्ति है। उनका कहना है कि अभ्यर्थी के कुल नंबर में भारांक जोड़ने के बाद प्रतिशत निकालकर मेरिट बनानी चाहिए।
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नियम को लेकर सब उलझे
हंगामा होने के बाद छात्र नेताआें ने बरेली कॉलेज प्रशासन से मेरिट बनाने की प्रक्रिया पूछी तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। मुख्य प्रवेश समन्वयक डॉ. अनुराग मोहन का कहना है विश्वविद्यालय से नियम पूछे जाएंगे। वहीं, विश्वविद्यालय के प्रवेश समन्वयक प्रो. एसके पांडेय का कहना है कि विश्वविद्यालय नियम भेज चुका है और उन पर कॉलेज किस तरह काम कर रहा है, वही बता सकते हैं।
अन्य कोर्स के एडमिशन भी सवालों के घेरे में
कहा जा रहा है कि बरेली कॉलेज प्रशासन ने अन्य पाठ्यक्रम में एडमिशन के लिए मेरिट तैयार करने में भी यही प्रक्रिया अपनाई है। ऐसे में अगर यह प्रक्रिया गलत साबित हो गई तो पूर्व में हो चुके सारे एडमिशन भी सवालों में घिर जाएंगे और पूरी प्रवेश प्रक्रिया ही बाधित हो सकती है।