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बेटे के लिए ‘साहब’ के करीबी ने परीक्षा की शुचिता को किया खराब
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बरेली। नियम-कायदे तो यह कहते हैं कि कोई एक साथ दो शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता लेकिन स्कूल अपने घर का हो और सिस्टम आंख मूंद ले तो ऐसा भी हो सकता है। नवाबगंज के एक छात्र ने इसी साल सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा दी और यूपी बोर्ड की भी। सीबीएसई में बमुश्किल पास हुआ तो यूपी बोर्ड में टॉप कर गया। दोनों परीक्षाओं में वह रेग्युलर छात्र था। हाल ही में यह मामला डीआईओएस दफ्तर में चर्चा का विषय बना और फिर धीरे-धीरे परतें उघड़ती चली गईं। पता चला कि जिस कॉलेज में छात्र का यूपी बोर्ड का पंजीकरण था, वह उसके अपने ही घर का है। पिता की महकमे के ‘साहब’ से भी अच्छी घनिष्ठता है। बहरहाल अब डीआईओएस ने इसे धोखाधड़ी का गंभीर मामला बताते हुए सख्त कार्रवाई करने की बात कही है
नवाबगंज के छात्र अर्पित गंगवार ने इस साल अपने कस्बे के ही एसएसटी कॉलेज में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा दी थी। अर्पित का रोल नंबर ‘0818477’ था उसने 90.83 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में छठा स्थान हासिल किया है। अर्पित ने इसके बाद शहर के बेदी इंटरनेशनल स्कूल से सीबीएसई की परीक्षा भी दी, जिसमें उसका रोल नंबर ‘5057950’ था। यूपी बोर्ड का टॉपर अर्पित सीबीएसई की परीक्षा में सिर्फ 45.6 प्रतिशत अंक हासिल कर पाया। बेदी इंटरनेशनल में अर्पित की साल भर में उपस्थिति 31 प्रतिशत है तो अपने ‘मम्मी पापा’ के स्कूल में 90 प्रतिशत। मामले की जानकारी होने पर बेदी इंटरनेशनल स्कूल संचालक ने मामले की शिकायत सीबीएसई बोर्ड से करने की बात कही है।
पते और जन्मतिथि में भी ‘खेल’
अर्पित के ‘मम्मी-पापा’ ने सीबीएसई से संबद्ध बेदी इंटरनेशनल स्कूल में पता और जन्मतिथि बदलकर 9वीं में उसका एडमिशन कराया। एसएसटी कॉलेज यानी अपने स्कूल में नवाबगंज के अपने घर का पता दिया गया तो बेदी स्कूल में सुरेश शर्मा नगर में निवास दिखाया गया है। यूपी बोर्ड में जन्मतिथि 7 जुलाई 2004 दर्शायी है तो सीबीएसई में एक जनवरी 2004। लेकिन ‘मम्मी-पापा’ अपना नाम और बेटे की तस्वीर नहीं बदलवा सके। इसी वजह से मामला पकड़ में आ गया।
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‘साहब’ के करीबी हैं ‘पिता जी’
सूत्रों के मुताबिक अर्पित के पिता तुलाराम की शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के बीच अच्छी पकड़ है। इसी वजह से वह बेटे को यूपी बोर्ड और सीबीएसई दोनों की परीक्षा दिलाने में कामयाब रहे। सीबीएसई में बेटे की खराब परफार्मेंस देखकर उन्होंने अपने स्कूल में भी बेटे का दाखिला कर लिया। कहा यह भी जा रहा है कि यूपी बोर्ड की परीक्षा में अर्पित की जगह किसी और छात्र को बैठाकर परीक्षा दिलाई गई। पिता के इस कारनामे की जानकारी अफसरों को भी थी मगर वे चुप्पी साधे रहे।
दो बोर्ड की परीक्षा एक साथ देने का मामला काफी गंभीर है। माध्यमिक शिक्षा परिषद को गुमराह करने और धोखाधड़ी के इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। - डॉ. अचल कुमार मिश्र, डीआईओएस
फ्रॉड के इस मामले में सीबीएसई को नियमानुसार कार्रवाई के लिए साक्ष्य समेत रिपोर्ट भेजी जाएगी। अर्पित के पेरेंट्स ने अपने बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। - अमनदीप बेदी, चेयरमैन बेदी इंटरनेशनल स्कूल
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नवाबगंज के छात्र अर्पित गंगवार ने इस साल अपने कस्बे के ही एसएसटी कॉलेज में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा दी थी। अर्पित का रोल नंबर ‘0818477’ था उसने 90.83 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में छठा स्थान हासिल किया है। अर्पित ने इसके बाद शहर के बेदी इंटरनेशनल स्कूल से सीबीएसई की परीक्षा भी दी, जिसमें उसका रोल नंबर ‘5057950’ था। यूपी बोर्ड का टॉपर अर्पित सीबीएसई की परीक्षा में सिर्फ 45.6 प्रतिशत अंक हासिल कर पाया। बेदी इंटरनेशनल में अर्पित की साल भर में उपस्थिति 31 प्रतिशत है तो अपने ‘मम्मी पापा’ के स्कूल में 90 प्रतिशत। मामले की जानकारी होने पर बेदी इंटरनेशनल स्कूल संचालक ने मामले की शिकायत सीबीएसई बोर्ड से करने की बात कही है।
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पते और जन्मतिथि में भी ‘खेल’
अर्पित के ‘मम्मी-पापा’ ने सीबीएसई से संबद्ध बेदी इंटरनेशनल स्कूल में पता और जन्मतिथि बदलकर 9वीं में उसका एडमिशन कराया। एसएसटी कॉलेज यानी अपने स्कूल में नवाबगंज के अपने घर का पता दिया गया तो बेदी स्कूल में सुरेश शर्मा नगर में निवास दिखाया गया है। यूपी बोर्ड में जन्मतिथि 7 जुलाई 2004 दर्शायी है तो सीबीएसई में एक जनवरी 2004। लेकिन ‘मम्मी-पापा’ अपना नाम और बेटे की तस्वीर नहीं बदलवा सके। इसी वजह से मामला पकड़ में आ गया।
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‘साहब’ के करीबी हैं ‘पिता जी’
सूत्रों के मुताबिक अर्पित के पिता तुलाराम की शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के बीच अच्छी पकड़ है। इसी वजह से वह बेटे को यूपी बोर्ड और सीबीएसई दोनों की परीक्षा दिलाने में कामयाब रहे। सीबीएसई में बेटे की खराब परफार्मेंस देखकर उन्होंने अपने स्कूल में भी बेटे का दाखिला कर लिया। कहा यह भी जा रहा है कि यूपी बोर्ड की परीक्षा में अर्पित की जगह किसी और छात्र को बैठाकर परीक्षा दिलाई गई। पिता के इस कारनामे की जानकारी अफसरों को भी थी मगर वे चुप्पी साधे रहे।
दो बोर्ड की परीक्षा एक साथ देने का मामला काफी गंभीर है। माध्यमिक शिक्षा परिषद को गुमराह करने और धोखाधड़ी के इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। - डॉ. अचल कुमार मिश्र, डीआईओएस
फ्रॉड के इस मामले में सीबीएसई को नियमानुसार कार्रवाई के लिए साक्ष्य समेत रिपोर्ट भेजी जाएगी। अर्पित के पेरेंट्स ने अपने बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। - अमनदीप बेदी, चेयरमैन बेदी इंटरनेशनल स्कूल