फर्जी मदरसों का खुलासा: ईडी की टीम ने बदायूं के कादरचौक में मारा छापा, सामने आई चौंकाने वाली हकीकत
ईडी की टीम ने करोड़ों के छात्रवृति घोटाले के मामले में बृस्पतिवार को कादरचौक इलाके में छापा मारा। टीम ने देर रात तक जांच की। कई दस्तावेज कब्जे में लिए। बताया जा रहा है कि कागजों में मदरसे चल रहे हैं, लेकिन मौके पर सिर्फ दीवारें खड़ी हैं।
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बदायूं में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने करोड़ों के छात्रवृति घोटाले के मामले में बृस्पतिवार को कादरचौक इलाके में छापा मारा। एक मदरसा संचालक के घर में रात 11 बजे तक चली छानबीन के दौरान तमाम दस्तावेज कब्जे में लिए गए। कुछ नकदी भी जब्त होने की चर्चा है। टीम अभिलेखों में दर्ज मदरसा स्थलों पर भी गई, लेकिन वहां कोई मदरसा संचालित नहीं मिला।
लखनऊ से प्रवर्तन निदेशालय की टीम बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव लोहाठेर पहुंची। रैपिड एक्शन फोर्स और महिला टीम के साथ लोहाठेर निवासी साहिल अजीज पुत्र अब्दुल रज्जाक के घर में छापा मारा। बताते हैं कि इस दौरान साहिल के घर में अफरातफरी मच गई। कुछ लोग इधर-उधर भाग गए। साहिल अजीज सरकारी अभिलेखों में रमजानपुर और भमुईया गांव में दो मदरसे चला रहा था। इनमें तमाम बच्चों के नाम लिखे थे लेकिन हकीकत में कोई मदरसा संचालित ही नहीं है।
मदरसे के नाम पर खड़ीं थी सिर्फ दीवारें
छानबीन के दौरान टीम भमुईया, रमजानपुर और गौरामई भी गई, लेकिन वहां सिर्फ दीवारें खड़ी थीं। कोई मदरसा संचालित होते नहीं मिला। इमारत पर लिंटर ही नहीं पड़ा था और न ही वहां शिक्षण कार्य होने के साक्ष्य मिले। स्थानीय लोगों के मुताबिक ईडी ने साहिल के घर से तमाम अभिलेख जब्त किए हैं।
उसके घर से कुछ नकदी भी बरामद हुई है। इसके अलावा संपत्ति के कागजात जब्त किए गए हैं। टीम फर्जी मदरसों की फोटो और वीडियोग्राफी भी करके ले गई है। कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। इससे मदरसा संचालक पर क्या कार्रवाई हुई है। अभी इस संबंध में कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।