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डॉ. अनिल शर्मा ने सपा को कहा अलविदा
बरेली।
Updated Sun, 12 Nov 2017 02:20 AM IST
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डाक्टटर अिननिल श्ामाऱ्र्मा
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सपा के वरिष्ठ नेता डॉ. अनिल शर्मा ने खुद को मेयर का प्रत्याशी न बनाए जाने पर पार्टी से आखिरकार बगावत कर ही दी। पत्रकारों के सामने संगठन के नेताओं पर टिकट बांटने के नाम पर अपने हित साधने का आरोप लगाया। बोले, ‘पार्टी के लिए मैंने कई बार कुर्बानी दी है, लेकिन कब तक देता रहूं। यादव बिरादरी से होता तो अब तक बड़ा नेता बन गया होता। बार-बार टिकट काटकर सपा नेताओं ने मेरी बेइज्जती की है। डॉ.आईएस तोमर जैैसे अवसरवादी नेता को टिकट दे दिया। निराश होकर समर्थक अलग हो जाएंगे तो अकेला क्या करूंगा।’ मेयर चुनाव में भाजपा के समर्थन के सवाल पर कहने लगे कि जनेऊ का रिश्ता पार्टी से ऊपर है। भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम के पिता मिलने आए थे, लेकिन इस बार दिल से नहीं दिमाग से फैसला लूंगा।
रोडवेज बस अड्डे के पास इम्पीरियल मार्र्केट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनिल शर्मा ने कहा कि सपा की जिला और महानगर कमेटी ने अपनी इच्छा पूरी न होने के कारण कई मजबूत लोगों के टिकट कटवा दिए। फतेहगंज पश्चिमी में टिकट के लिए पैसा मांगा गया। टिकट ऐसे लोगों को दिया जाता है, जिनका पार्टी से कोई जुड़ाव नहीं है। कभी ऐसा नहीं हुआ जैसे इस बार एक विशेष समुदाय के लोगों को टिकट बांट दिए गए। मेयर के टिकट से पहले डॉ. आईएस तोमर ने शहर मेें होर्डिंग लगवाए उसमें न पार्टी का रंग है, न किसी नेता का फोटो तक छपवाया।
अनिल शर्मा ने कहा कि सपा में सड़कछाप लोगों का बोलबाला है। कभी उनके दामन पर कोई दाग लगा हो तो कोई भी बता दे। 2009 में उन्होंने सपा ज्वाइन की थी तब पार्टी विपक्ष में थी। उनका सपा हाईकमान से कोई विरोध नहीं है। उन्हें पार्टी ने हमेशा बकरे की तरह पालकर काटा है। वह गर्व से कह सकते हैं कि उन्होंने पार्टी से कुछ लिया नहीं बल्कि दिया ही है। आज से वह पार्टी को छोड़ रहे हैं। उन्होंने कभी सत्ता का कभी ोई लाभ नहीं उठाया। उनके काम सपा की सरकार में नहीं हुए। बसपा शासन में उनके मार्केट का ले आउट पास हुआ।
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..और झटके से उतरवा दीं अखिलेश-मुलायम की तस्वीरें
डॉ. अनिल शर्मा मेयर टिकट को लेकर अपनी उपेक्षा से बेहद खफा थे। उन्होंने सपा में रहने या न रहने का सवाल होते ही अपने दफ्तर में लगी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें समर्थकों से एक झटके में हटवा दीं। हालांकि तस्वीरें हटवाते समय यह भी कहते रहे कि किसी नेता का अपमान नहीं होना चाहिए।
सत्ता के साथ रहना मजबूरी है: शुभलेश
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि नेता जी और अखिलेश यादव की तस्वीरें को संघी हाथों से हटवाकर डॉ. अनिल शर्मा ने उनका अपमान किया है। मेयर का टिकट न मिलने उनकी मानसिक स्थिति सही नहीं है। डॉ. अनिल शर्मा के तमाम काम ऐसे हैं कि सत्ता के साथ रहना उनकी मजबूरी है। हर कोई जानता है कि मुजफ्फरनगर से वह क्या लेकर बरेली आए थे। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि अनिल शर्मा ने तमाम ऐसे काम किए हैं कि आज उनकी हैसियत करोड़ों की हो गई। 2002 में शहर विधान सभा से टिकट न मिलने पर कांग्रेस में चले गए थे। हर चुनाव में उन्हें टिकट चाहिए, यह कैसे हो सकता है। डॉ. आईएस तोमर का 2017 में कैंट विधानसभा से टिकट देने के बाद सिंबल वापस लिया गया। इसके बाद भी उन्होंने पार्टी के लिए काम किया। अनिल शर्मा ही बताएं वफादार कौन है। वह काफी समय से भाजपा नेताओं से संपर्क हैं। भाजपा में ही उन्हें जाना है।
मैं डॉ.अनिल शर्मा के पार्टी छोड़ने पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। यह संगठन का मामला है। जिलाध्यक्ष या महानगर अध्यक्ष से पूछ लीजिए। पार्टी हाईकमान ने मुझे टिकट दिया है, इसीलिए चुनाव मैदान में हूं। अनिल शर्मा को पार्टी मेयर का प्रत्याशी बनाती तो मैं सच्चे मन से लड़ा देता। -डॉ. आईएस तोमर, सपा प्रत्याशी
तो अनिल शर्मा की धमाकेदार ज्वाइनिंग होगी
सूत्रों का कहना है कि सपा को अलविदा कहने वाले अनिल शर्मा के भाजपा में जाने का तानाबाना लगभग बुना जा चुका है। प्लानिंग यह है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद की की मौजूदगी में उनकी धमाकेदार ज्वाइनिंग कराई जाएगी। ज्वाइनिंग करने वालों में डॉ. अनिल शर्मा के अलावा अन्य पार्टियों के और भी कई नेता हो सकते हैं। शनिवार को अनिल शर्मा की प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा के कैडर से जुड़े साध्वी प्राची के करीबी नेता और उनके साथियों की मौजूदगी ने उनके भाजपा में जाने की तस्वीर साफ भी कर दी।
रोडवेज बस अड्डे के पास इम्पीरियल मार्र्केट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनिल शर्मा ने कहा कि सपा की जिला और महानगर कमेटी ने अपनी इच्छा पूरी न होने के कारण कई मजबूत लोगों के टिकट कटवा दिए। फतेहगंज पश्चिमी में टिकट के लिए पैसा मांगा गया। टिकट ऐसे लोगों को दिया जाता है, जिनका पार्टी से कोई जुड़ाव नहीं है। कभी ऐसा नहीं हुआ जैसे इस बार एक विशेष समुदाय के लोगों को टिकट बांट दिए गए। मेयर के टिकट से पहले डॉ. आईएस तोमर ने शहर मेें होर्डिंग लगवाए उसमें न पार्टी का रंग है, न किसी नेता का फोटो तक छपवाया।
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अनिल शर्मा ने कहा कि सपा में सड़कछाप लोगों का बोलबाला है। कभी उनके दामन पर कोई दाग लगा हो तो कोई भी बता दे। 2009 में उन्होंने सपा ज्वाइन की थी तब पार्टी विपक्ष में थी। उनका सपा हाईकमान से कोई विरोध नहीं है। उन्हें पार्टी ने हमेशा बकरे की तरह पालकर काटा है। वह गर्व से कह सकते हैं कि उन्होंने पार्टी से कुछ लिया नहीं बल्कि दिया ही है। आज से वह पार्टी को छोड़ रहे हैं। उन्होंने कभी सत्ता का कभी ोई लाभ नहीं उठाया। उनके काम सपा की सरकार में नहीं हुए। बसपा शासन में उनके मार्केट का ले आउट पास हुआ।
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..और झटके से उतरवा दीं अखिलेश-मुलायम की तस्वीरें
डॉ. अनिल शर्मा मेयर टिकट को लेकर अपनी उपेक्षा से बेहद खफा थे। उन्होंने सपा में रहने या न रहने का सवाल होते ही अपने दफ्तर में लगी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें समर्थकों से एक झटके में हटवा दीं। हालांकि तस्वीरें हटवाते समय यह भी कहते रहे कि किसी नेता का अपमान नहीं होना चाहिए।
सत्ता के साथ रहना मजबूरी है: शुभलेश
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि नेता जी और अखिलेश यादव की तस्वीरें को संघी हाथों से हटवाकर डॉ. अनिल शर्मा ने उनका अपमान किया है। मेयर का टिकट न मिलने उनकी मानसिक स्थिति सही नहीं है। डॉ. अनिल शर्मा के तमाम काम ऐसे हैं कि सत्ता के साथ रहना उनकी मजबूरी है। हर कोई जानता है कि मुजफ्फरनगर से वह क्या लेकर बरेली आए थे। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि अनिल शर्मा ने तमाम ऐसे काम किए हैं कि आज उनकी हैसियत करोड़ों की हो गई। 2002 में शहर विधान सभा से टिकट न मिलने पर कांग्रेस में चले गए थे। हर चुनाव में उन्हें टिकट चाहिए, यह कैसे हो सकता है। डॉ. आईएस तोमर का 2017 में कैंट विधानसभा से टिकट देने के बाद सिंबल वापस लिया गया। इसके बाद भी उन्होंने पार्टी के लिए काम किया। अनिल शर्मा ही बताएं वफादार कौन है। वह काफी समय से भाजपा नेताओं से संपर्क हैं। भाजपा में ही उन्हें जाना है।
मैं डॉ.अनिल शर्मा के पार्टी छोड़ने पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। यह संगठन का मामला है। जिलाध्यक्ष या महानगर अध्यक्ष से पूछ लीजिए। पार्टी हाईकमान ने मुझे टिकट दिया है, इसीलिए चुनाव मैदान में हूं। अनिल शर्मा को पार्टी मेयर का प्रत्याशी बनाती तो मैं सच्चे मन से लड़ा देता। -डॉ. आईएस तोमर, सपा प्रत्याशी
तो अनिल शर्मा की धमाकेदार ज्वाइनिंग होगी
सूत्रों का कहना है कि सपा को अलविदा कहने वाले अनिल शर्मा के भाजपा में जाने का तानाबाना लगभग बुना जा चुका है। प्लानिंग यह है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद की की मौजूदगी में उनकी धमाकेदार ज्वाइनिंग कराई जाएगी। ज्वाइनिंग करने वालों में डॉ. अनिल शर्मा के अलावा अन्य पार्टियों के और भी कई नेता हो सकते हैं। शनिवार को अनिल शर्मा की प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा के कैडर से जुड़े साध्वी प्राची के करीबी नेता और उनके साथियों की मौजूदगी ने उनके भाजपा में जाने की तस्वीर साफ भी कर दी।