UP: फिलहाल अभी बरेली सेंट्रल जेल में ही रहेगा अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव, इस मामले में भुगत रहा सजा
पंकज महिंद्रा अपहरण कांड में बरी हुआ डॉन बबलू श्रीवास्तव को कस्टम अधिकारी की हत्या में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। फिलहाल बबलू श्रीवास्तव और उसके दो गुर्गे बरेली सेंट्रल जेल में काफी समय से बंद हैं।
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प्रयागराज के पंकज महिंद्रा अपहरण कांड से बरी हुआ अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव फिलहाल बरेली सेंट्रल जेल में ही रहेगा। बताया जा रहा है कि कस्टम अधिकारी की हत्या के मामले में वह उम्रकैद की सजा काट रहा है। हालांकि, पिछले दिनों शासन ने उसके आचरण की रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट सकारात्मक होने पर उसे राहत मिल सकती है।
ओमप्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू और उसके दो गुर्गे मंगेश व कमल किशोर सैनी बरेली सेंट्रल जेल में काफी समय से बंद हैं। उन्होंने कस्टम अधिकारी हत्याकांड में 25 साल की सजा काट ली है। पिछले साल तीनों की रिहाई को लेकर काफी चर्चा हुई थी। जेल प्रशासन ने शासन को इस संबंध में रिपोर्ट भेजी थी। तीनों के आचरण की रिपोर्ट भी मांगी गई थी।
तब कानूनी पेंच फंसने से उनकी रिहाई अटक गई थी। अब पंकज महिंद्रा अपहरण कांड से बरी होने के बाद उसकी रिहाई को लेकर फिर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, दबी जुबान अधिकारी बता रहे हैं कि बबलू के रिहा होने के चांस नहीं हैं।
पाकिस्तान ने लिया था नाम
कुछ महीने पहले बबलू श्रीवास्तव पर पाकिस्तानी आतंकी सरगना हाफिज सईद के बंगले पर बम गिरवाने का आरोप लगा था। पाकिस्तानी राजनयिकों ने खुले तौर पर बबलू श्रीवास्तव पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। चर्चा चली थी कि भारत सरकार का रुख बबलू के प्रति नरम है और विदेश में देश विरोधी तत्वों को निपटाने में उसकी मदद ली जा रही है। आईबी व एजेंसियों से उसकी करीबी बताई गई। हालांकि, भारत सरकार ने इस मामले में कभी कोई टिप्पणी नहीं की है।
छात्र राजनीति से अपराध में आया जेल में लिखीं किताबें
प्रयागराज के मशहूर सराफा कारोबारी पंकज महेंद्रा अपहरण कांड में बबलू और उसके भांजे संकल्प श्रीवास्तव को बरी किया गया है। लखनऊ यूनिवर्सिटी की राजनीति में सक्रिय रहा बबलू श्रीवास्तव देखते ही देखते अपराध की दुनिया का बड़ा नाम बन गया। वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ भी काम कर चुका है। अपनी किताब में उसने लिखा है कि वह आईएएस बनना चाहता था, लेकिन 1982 में उसने एक छात्र को चाकू मार दिया था। यहीं से मामला बिगड़ गया।
दाऊद से दुश्मनी होने के बाद बबलू ने कई देशों में फरारी काटी। पुणे में कस्टम अधिकारी एलडी अरोड़ा की हत्या में बबलू और उसके गुर्गों मंगेश व कमल किशोर सैनी को इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। मॉरिशस से गिरफ्तारी होने के बाद वर्ष 1999 में तीनों को बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया। तभी से तीनों हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद हैं।