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डॉक्टर विकलांग बोर्ड छोड़कर भाग गए
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:49 AM IST
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जिला अस्पताल में डॉक्टरों को न मरीजों की चिंता है न अफसरों का खौफ। इसकी बानगी पिछले हफ्ते बृहस्पतिवार को उस समय देखने को मिली जब विकलांग बोर्ड में डॉक्टर सीएमओ के बुलाने पर भी नहीं आए। दिव्यांग परेशान हो गए। सीएमओ ने इसकी शिकायत शासन से की गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में हर बृहस्पतिवार को विकलांग बोर्ड का आयोजन लगता है। इसमें जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम दिव्यांग लोगों की जांच कर सर्टिफिकेट जारी करते हैं। पिछले बोर्ड में फिजीशियन डॉ. अजय मोहन अग्रवाल की भी ड्यूटी लगाई गई थी। ओपीडी खत्म करने के बाद डॉ. अग्रवाल बोर्ड में आए, लेकिन कुछ केस देखने के बाद निकल गए। दोबारा न आने पर दिव्यांग इंतजार करते रहे। तीन बजे के बाद कई दिव्यांग सीएमओ ऑफिस पहुंच गए और शिकायत की। सीएमओ डॉ. विजय यादव और विकलांग बोर्ड के प्रभारी डॉ. मनोहर लाल ने डॉ. अजय मोहन अग्रवाल को बुलवाया लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इससे नाराज सीएमओ ने तुरंत शासन को चिट्ठी लिखकर स्थिति से अवगत कराया।
इससे पहले भी कर चुके हैं अनसुनी
डॉ. अजय मोहन अग्रवाल ने पहली बार सीएमओ को नजरअंदाज नहीं किया है। इससे पहले भी उन्होंने सीएमओ की सिफ ारिश पर एक गरीब को भर्ती नहीं किया था। तब सीएमओ डॉ. विजय यादव खुद इमरजेंसी पहुंच गए थे और मरीज को भर्ती कराया था।
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विकलांग बोर्ड में डॉ. अजय मोहन अग्रवाल एक बार आने के बाद दोबारा नहीं आए जिससे दिव्यांग परेशान हुए। शिकायत की गई है।
-डॉ. मनोहर लाल, प्रभारी, विकलांग बोर्ड
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में हर बृहस्पतिवार को विकलांग बोर्ड का आयोजन लगता है। इसमें जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम दिव्यांग लोगों की जांच कर सर्टिफिकेट जारी करते हैं। पिछले बोर्ड में फिजीशियन डॉ. अजय मोहन अग्रवाल की भी ड्यूटी लगाई गई थी। ओपीडी खत्म करने के बाद डॉ. अग्रवाल बोर्ड में आए, लेकिन कुछ केस देखने के बाद निकल गए। दोबारा न आने पर दिव्यांग इंतजार करते रहे। तीन बजे के बाद कई दिव्यांग सीएमओ ऑफिस पहुंच गए और शिकायत की। सीएमओ डॉ. विजय यादव और विकलांग बोर्ड के प्रभारी डॉ. मनोहर लाल ने डॉ. अजय मोहन अग्रवाल को बुलवाया लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इससे नाराज सीएमओ ने तुरंत शासन को चिट्ठी लिखकर स्थिति से अवगत कराया।
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इससे पहले भी कर चुके हैं अनसुनी
डॉ. अजय मोहन अग्रवाल ने पहली बार सीएमओ को नजरअंदाज नहीं किया है। इससे पहले भी उन्होंने सीएमओ की सिफ ारिश पर एक गरीब को भर्ती नहीं किया था। तब सीएमओ डॉ. विजय यादव खुद इमरजेंसी पहुंच गए थे और मरीज को भर्ती कराया था।
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विकलांग बोर्ड में डॉ. अजय मोहन अग्रवाल एक बार आने के बाद दोबारा नहीं आए जिससे दिव्यांग परेशान हुए। शिकायत की गई है।
-डॉ. मनोहर लाल, प्रभारी, विकलांग बोर्ड