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धन्य..धन्य नोटबंदी, जन-जन के खाते खुल गए
बरेली, ब्यूरो
Updated Sat, 03 Dec 2016 01:26 AM IST
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नौै नवंबर को नोटबंदी के बाद जनधन के 2.90 लाख खाते नए खुल गए। इन खातों में से अधिकांश में धनराशि भी जमा हो गई है। इनमें एक सौ रुपये से लेकर 48 हजार रुपये तक जमा हुए हैं। इससे पहले खुले जनधन खातों को सक्रिय करने के लिए बैंकों की ओर से इन ग्राहकों को जागरुक किया गया था लेकिन वह एक सौ रूपये भी जमा नहीं करा रहे थे। अब 30 नवंबर तक तेजी से जनधन खाते खुले और उनकी संख्या बढ़कर 11.23 लाख हो गई।
जिले के गांवों और मलिन बस्तियों में जनधन खाते खोलने के लिए बैंकों के कमीशन एजेंट लगा दिए हैं। बैंकों का उद्देश्य से है कि सभी लोगों के खाते खुले और वह बैंक तथा एटीएम के माध्यम से निकासी कराएं। बैंकों क ो इस प्रयास में अप्रत्याशित सफलता मिल रही है। इसी का परिणाम है कि एक महीने के दौरान इतनी संख्या खाते खुल गए। इनमें से अधिकांश खाते गांव, शहर और कस्बों के मलिन बस्ती वाले इलाकों में खुले हैं।
इन खातों को खुलवाने के पीछे बैंकों और सरकार की मंशा उनकी बेहतरी की है। अब इनके खातों में एक सौ से लेकर 48 हजार रुपये तक जमा हो रहे हैं। यह आंकड़ा जिले की सभी 525 बैंक शाखाओं का है। इन बैंकों के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर - अक्तूबर तक जिले में 8.33 लाख खाते खुले थे। इनमें से 6.75 लाख खातों को रुपे कार्ड (एटीएम) दे दिए गए हैं। इन सभी से थोड़ी - थोड़ी धनरशि की निकासी भी हो गई है।
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इन खातों में अब तक की जमा राशि का सही ब्योरा बैंकों से नहीं मिला है। दस दिन पहले तक इन खातों में दो अरब रुपये जमा हो गए थे। उसके बाद करीब 50 करोड़ से अधिक धनराशि नए और पुराने खातों में जमा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इतना ही नहीं जमा के साथ-साथ अधिकांश इन खातों से 10-10 हजार रुपये तक की निकासी भी हो चुकी है।
प्रमुख बैंक वार जनधन खातों का ब्योरा
बैंक खातों की संख्या(लाख में)
स्टेट बैंक आफ इंडिया 2.10
बैंक आफ बड़ौदा 2..01
ग्रामीण बैंक आफ बडौ़दा 1.99
कैनरा बैंक 1.85
पीएनबी 1.02
इलाहाबाद 0.56
यूको 0.46
यूनियन बैंक 0.45
सेंट्रल बैंक आफ इंडिया 0.44
स्टेट बैंक आफ पटियाला 0. 38
जिला सहकारी बैंक 0.13
अरबन कोआपरेटिव बैंक 0.12
‘जनधन खातों के लिए लोगों में क्रेज है। शासन के आदेश भी हैं कि सभी के खाते खुले। सभी के खाते खोलने के लिए इस माह कैंप लगाए जाएंगे।’ ओपी वढ़ेरा, प्रबंधक लीड बैंक
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जिले के गांवों और मलिन बस्तियों में जनधन खाते खोलने के लिए बैंकों के कमीशन एजेंट लगा दिए हैं। बैंकों का उद्देश्य से है कि सभी लोगों के खाते खुले और वह बैंक तथा एटीएम के माध्यम से निकासी कराएं। बैंकों क ो इस प्रयास में अप्रत्याशित सफलता मिल रही है। इसी का परिणाम है कि एक महीने के दौरान इतनी संख्या खाते खुल गए। इनमें से अधिकांश खाते गांव, शहर और कस्बों के मलिन बस्ती वाले इलाकों में खुले हैं।
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इन खातों को खुलवाने के पीछे बैंकों और सरकार की मंशा उनकी बेहतरी की है। अब इनके खातों में एक सौ से लेकर 48 हजार रुपये तक जमा हो रहे हैं। यह आंकड़ा जिले की सभी 525 बैंक शाखाओं का है। इन बैंकों के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर - अक्तूबर तक जिले में 8.33 लाख खाते खुले थे। इनमें से 6.75 लाख खातों को रुपे कार्ड (एटीएम) दे दिए गए हैं। इन सभी से थोड़ी - थोड़ी धनरशि की निकासी भी हो गई है।
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इन खातों में अब तक की जमा राशि का सही ब्योरा बैंकों से नहीं मिला है। दस दिन पहले तक इन खातों में दो अरब रुपये जमा हो गए थे। उसके बाद करीब 50 करोड़ से अधिक धनराशि नए और पुराने खातों में जमा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इतना ही नहीं जमा के साथ-साथ अधिकांश इन खातों से 10-10 हजार रुपये तक की निकासी भी हो चुकी है।
प्रमुख बैंक वार जनधन खातों का ब्योरा
बैंक खातों की संख्या(लाख में)
स्टेट बैंक आफ इंडिया 2.10
बैंक आफ बड़ौदा 2..01
ग्रामीण बैंक आफ बडौ़दा 1.99
कैनरा बैंक 1.85
पीएनबी 1.02
इलाहाबाद 0.56
यूको 0.46
यूनियन बैंक 0.45
सेंट्रल बैंक आफ इंडिया 0.44
स्टेट बैंक आफ पटियाला 0. 38
जिला सहकारी बैंक 0.13
अरबन कोआपरेटिव बैंक 0.12
‘जनधन खातों के लिए लोगों में क्रेज है। शासन के आदेश भी हैं कि सभी के खाते खुले। सभी के खाते खोलने के लिए इस माह कैंप लगाए जाएंगे।’ ओपी वढ़ेरा, प्रबंधक लीड बैंक