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डीएम हुए सख्त, पूछा क्यों बंद कराया कालेज
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sun, 31 Jul 2016 12:46 AM IST
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बरेली कालेज में बने अराजकता के माहौल पर सख्त हुए डीएम गौरव दयाल ने मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष की हैसियत से शनिवार शाम को प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव और शिक्षक प्रतिनिधियों को तलब कर लिया। उन्होंने दोनों से सर्विस बुक में छेड़छाड़ मामले में पक्ष जानने के बाद इस मामले में सचिव देवमूर्ति से वार्ता करके अपने स्तर से जल्द निर्णय लेने की बात कही, साथ ही कालेज को अचानक बंद कराने पर शिक्षक प्रतिनिधियों को आड़े हाथ लिया। शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. वीपी सिंह से पूछा- कालेज क्यों बंद कराया। इतनी जल्दी क्या थी ताले डालने की। डॉ. सिंह ने जवाब में कहा कि इस मामले में सचिव के समक्ष अपना पक्ष पहले ही रख दिया था फिर भी मुकदमा दर्ज करा दिया गया इसलिए यह कदम उठाना पड़ा। डीएम ने कहा कि कालेज का शैक्षिक माहौल प्रभावित नहीं होना चाहिए।
डीएम के बुलाने पर प्राचार्य और डॉ. वीपी सिंह शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के साथ शाम करीब सात बजे डीएम आफिस पहुंचे थे। डीएम ने उनसे पूछा- सर्विस बुक में छेड़छाड़ क्यों की गई। वीपी सिंह ने कहा शिक्षक साथी के लिए उन्होंने ऐसा किया और कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. एके सक्सेना के निर्देश पर गवाह बतौर हस्ताक्षर किए। इस पर प्राचार्य डॉ. सोमेश ने डीएम को अवगत कराया कि जांच में डॉ. सक्सेना ने निर्देश न देने की बात कही है। वीपी सिंह ने कहा- उन्होंने लिखित में नहीं कहा था इसलिए अब मुकर रहे हैं। बहरहाल, लगभग 20 मिनट की वार्ता में डीएम ने इस मामले की दुबारा जांच कराने के संकेत दिए। शिक्षक प्रतिनिधियों से पूछा भी कि अगर वह किसी एसडीएम से जांच कराएं तो उन्हें कोई आपत्ति तो नहीं होगी। वीपी सिंह ने आपत्ति से इंकार किया तो डीएम बोले- ठीक है लेकिन पहले सचिव देवमूर्ति से बात कर लें फिर कोई निर्णय लेंगे पर कालेज का माहौल खराब नहीं होना चाहिए। पठन-पाठन और एडमिशन प्रक्रिया नहीं रुकनी चाहिए। इससे पहले दोपहर को शिक्षक प्रतिनिधि कमिश्नर और फिर डीएम से मिले थे। वीपी सिंह ने दोनों के समक्ष अपना पक्ष रखा था।
कोट...
दोनों पक्षों की बात सुनी है। पूरे मामले का परीक्षण करा रहे हैं। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा लेकिन कह दिया है कि कालेज सुचारू चलते रहना चाहिए।
-गौरव दयाल, डीएम
शिक्षक, कर्मचारी विरोध पर अड़े
बरेली। डीएम से मुलाकात के बाद शाम को शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. वीपी सिंह ने दोहराया कि वह मुकदमे के विरोध के निर्णय पर कायम हैं। सोमवार को सारे शिक्षक और कर्मचारी प्राचार्य का घेराव तब तक करेंगे, जब तक वह मुकदमा वापसी का ऐलान नहीं करते। उन्होंने बताया कि डीएम से मुलाकात हुई थी। उन्होंने इस मामले में अपने स्तर से निर्णय लेने का आश्वासन दिया है लेकिन सोमवार तक निर्णय नहीं हुआ तो शिक्षक संघ अपने रुख पर कायम रहेगा। शनिवार को कालेज बंद था और माहौल की गरमाहट को देखते हुए पुलिस तैनात रही। कालेज सभागार में हुई शिक्षक और कर्मचारियों की बैठक में इस मामले में संघर्ष के लिए समन्वय समिति बनाई गई। सबने कहा कि मुकदमा वापस लेने तक काम नहीं किया जाएगा और सोमवार को प्राचार्य को घेराव होगा। बैठक में शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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डीएम के बुलाने पर प्राचार्य और डॉ. वीपी सिंह शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के साथ शाम करीब सात बजे डीएम आफिस पहुंचे थे। डीएम ने उनसे पूछा- सर्विस बुक में छेड़छाड़ क्यों की गई। वीपी सिंह ने कहा शिक्षक साथी के लिए उन्होंने ऐसा किया और कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. एके सक्सेना के निर्देश पर गवाह बतौर हस्ताक्षर किए। इस पर प्राचार्य डॉ. सोमेश ने डीएम को अवगत कराया कि जांच में डॉ. सक्सेना ने निर्देश न देने की बात कही है। वीपी सिंह ने कहा- उन्होंने लिखित में नहीं कहा था इसलिए अब मुकर रहे हैं। बहरहाल, लगभग 20 मिनट की वार्ता में डीएम ने इस मामले की दुबारा जांच कराने के संकेत दिए। शिक्षक प्रतिनिधियों से पूछा भी कि अगर वह किसी एसडीएम से जांच कराएं तो उन्हें कोई आपत्ति तो नहीं होगी। वीपी सिंह ने आपत्ति से इंकार किया तो डीएम बोले- ठीक है लेकिन पहले सचिव देवमूर्ति से बात कर लें फिर कोई निर्णय लेंगे पर कालेज का माहौल खराब नहीं होना चाहिए। पठन-पाठन और एडमिशन प्रक्रिया नहीं रुकनी चाहिए। इससे पहले दोपहर को शिक्षक प्रतिनिधि कमिश्नर और फिर डीएम से मिले थे। वीपी सिंह ने दोनों के समक्ष अपना पक्ष रखा था।
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कोट...
दोनों पक्षों की बात सुनी है। पूरे मामले का परीक्षण करा रहे हैं। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा लेकिन कह दिया है कि कालेज सुचारू चलते रहना चाहिए।
-गौरव दयाल, डीएम
शिक्षक, कर्मचारी विरोध पर अड़े
बरेली। डीएम से मुलाकात के बाद शाम को शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. वीपी सिंह ने दोहराया कि वह मुकदमे के विरोध के निर्णय पर कायम हैं। सोमवार को सारे शिक्षक और कर्मचारी प्राचार्य का घेराव तब तक करेंगे, जब तक वह मुकदमा वापसी का ऐलान नहीं करते। उन्होंने बताया कि डीएम से मुलाकात हुई थी। उन्होंने इस मामले में अपने स्तर से निर्णय लेने का आश्वासन दिया है लेकिन सोमवार तक निर्णय नहीं हुआ तो शिक्षक संघ अपने रुख पर कायम रहेगा। शनिवार को कालेज बंद था और माहौल की गरमाहट को देखते हुए पुलिस तैनात रही। कालेज सभागार में हुई शिक्षक और कर्मचारियों की बैठक में इस मामले में संघर्ष के लिए समन्वय समिति बनाई गई। सबने कहा कि मुकदमा वापस लेने तक काम नहीं किया जाएगा और सोमवार को प्राचार्य को घेराव होगा। बैठक में शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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