Bareilly News: जिला समन्वयक ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन में ली ऑनलाइन घूस, सीओ सिटी की जांच में खुलासा
बरेली में आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जिला समन्वयक ने एक महिला अभ्यर्थी से दो लाख रुपये रिश्वत ली। इसका खुलासा सीओ सिटी की जांच में हुआ। महिला ने एसएसपी से शिकायत की थी।
विस्तार
बरेली में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर भर्ती में हुए भ्रष्टाचार के मामले में सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के जिला समन्वयक धर्मपाल सिंह ने चयन में दो लाख रुपये की घूस ली है। इसमें कुछ रुपये तो उन्होंने ऑनलाइन लिए। इसका खुलासा सीओ सिटी (क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय) की जांच में हुआ है। विवेचना के क्रम में अब इस मामले में डीएम उपायुक्त स्वत: रोजगार से पूरे मामले की जांच करा रहे हैं।
मढ़ीनाथ निवासी विभा रानी पत्नी सचिन ने छह मई 2025 को एसएसपी अनुराग आर्य के यहां शिकायत की थी। उन्होंने एसएसपी को बताया था कि बाल विकास परियोजना शहर में रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति के लिए जिला समन्वयक ने उनसे ऑनलाइन व नकद दो लाख रुपये लिए हैं, लेकिन उसका चयन नहीं हुआ। जिस पर एसएसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी द्वितीय अजय कुमार से कराई।
यह भी पढ़ें- UP: प्रेमी के साथ रह रही मीरा की गला दबाकर हत्या, दूसरे समुदाय का 'आशिक' गायब, चार साल के बेटे ने खोला राज
विवेचना में पाया गया कि जिला समन्वयक ने 22 जुलाई 2024 को शिकायतकर्ता विभा रानी से 19 हजार रुपये ऑनलाइन पेमेंट अपने खाते में प्राप्त किए। फिर 28 मार्च 2025 को जिला समन्वयक ने छह हजार रुपये खाते से ऑनलाइन पेमेंट विभा रानी को किया है। इस विवेचना के क्रम में अब डीएम ने इस प्रकरण की जांच के लिए उपायुक्त स्वत: रोजगार को जांच अधिकारी बनाया है।
जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 311 पदों पर भर्ती प्रक्रिया अप्रैल में पूरी हुई है। चयन में फर्जीवाड़े की शिकायत पर डीएम ने जांच कराई थी। जिसमें 21 लोगों के आय-निवास प्रमाण पत्र गलत पाए गए थे। जिनमें उनकी सेवाएं समाप्त की गई हैं। इस गड़बड़ी में तीन लेखपाल निलंबित हुए थे, जबकि सात के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई जारी है।
- डीपीओ के नाम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन कराने में धन उगाही क्यों की गई?
- पुलिस की विवेचना एवं शिकायत प्रकरण से यदि आप अवगत थे तो डीपीओ को क्यों नहीं बताया?
- आपने विभा रानी के पति सचिन से 19 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांजेक्शन अपने खाते में क्यों कराए और छह हजार रुपये उन्हें क्यों लौटाए?
डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि सीओ सिटी की प्रारंभिक जांच में रुपये के लेनदेन की पुष्टि हुई है। उन्होंने अपनी विवेचना रिपोर्ट में किसी अन्य विभागीय अधिकारी से भी जांच करा लेने की बात का जिक्र किया है। इसलिए उपायुक्त स्वत: रोजगार को लगाया है। आरोपी धर्मपाल सिंह की आउटसोर्सिंग सर्विस की भी जांच करा रहे हैं। सोमवार को इस मामले में निर्णय कर देंगे।