{"_id":"628b4c4c8679dbf24bfa877c16aa024c","slug":"dirty-postar-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डर्टी पोस्टर खुलेआम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डर्टी पोस्टर खुलेआम
बरेली
Updated Tue, 03 Feb 2015 12:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वयस्क व्यक्तियों के लिए बनने वाली फिल्मों के प्रचार प्रसार के लिए बने नियम कानून ताक पर हैं। हाल के अंदर देखी जा सकनेे वाली ऐसी फिल्मों के अश्लील पोस्टर पर सड़क पर खुलेआम लग रहे हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई करने के लिए अधिकृत पुलिस चुप्पी साधे बैठी है और मनोरंजन कर विभाग कार्रवाई के लिए शिकायत का इंतजार कर रहा है। पिछले दिनों मनोरंजन कर विभाग एक सिनेमाघर को जरूर अश्लील पोस्टर लगाने के मामले में नोटिस दिया है।
रामपुरबाग, गांधी उद्यान, खुर्रम गौटिया, सेटेलाइट, शहामतगंज चौराहा से लेकर शहर के स्कूल कालेजों के आसपास फिल्मों के अश्लील पोस्टर चस्पा हैं। हालांकि यह सिनेमाघर संचालक पर निर्भर है कि वह कैसी फिल्में चला रहे हैं लेकिन उसके प्रसार प्रचार के लिए भड़काऊ पोस्टर नहीं लगाए जा सकते हैं। शहर में इन दिनों दो फिल्मों को पोस्टर बहुतायत में देखे जा सकते हैं। आने वाले दिनों में क्रिकेट विश्वकप के चलते बड़ी और नई फिल्में भी कम ही आनी हैं ऐसे में कई सिनेमाघरों में वयस्क फिल्में लगाने की तैयारी है। मनोरंजन कर विभाग की निरीक्षक सुधारानी और संदीप शर्मा का कहना है कि ऐसे मामलाें पर शिकायत आने पर कार्रवाई होती है। अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है।
नहीं लगा सकते ऐसे पोस्टर
पोस्टर फिल्म के दृश्यों के अनुरूप ही होना चाहिए। सेंसर बोर्ड फिल्म के साथ ही उसकी प्रचार सामग्री भी प्रमाणित करता है। हालांकि कई बार दीवारों पर अवैध प्रचार सामग्री सिनेमाघरों में उपलब्ध कराई गई है। अश्लील और अवैध फिल्मी पोस्टर लगाने पर स्थानीय पुलिस यूपी पोस्टर ऑब्सीन एक्ट के तहत आईपीसी की धारा 292/294 के अंतर्गत कार्रवाई करती है। शिकायत मिलने पर मनोरंजन कर विभाग नोटिस जारी कर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा सकता है।
विज्ञापन
इन दिनों परीक्षा की तैयारी और विश्वकप मैच सीजन होने से नई फिल्में नहीं आई हैं। सिनेमाघर पुरानी फिल्मों पर निर्भर हैं। कुछ अपने खर्चे पूरा करने को सस्ती और अश्लील फिल्में लगा देते हैं। प्रचार के लिए केवल सेंसर बोर्ड से प्रमाणित सामग्री ही लगाई जा सकती है।
श्याम कपूर, सिनेमा कारोबारी
विज्ञापन
रामपुरबाग, गांधी उद्यान, खुर्रम गौटिया, सेटेलाइट, शहामतगंज चौराहा से लेकर शहर के स्कूल कालेजों के आसपास फिल्मों के अश्लील पोस्टर चस्पा हैं। हालांकि यह सिनेमाघर संचालक पर निर्भर है कि वह कैसी फिल्में चला रहे हैं लेकिन उसके प्रसार प्रचार के लिए भड़काऊ पोस्टर नहीं लगाए जा सकते हैं। शहर में इन दिनों दो फिल्मों को पोस्टर बहुतायत में देखे जा सकते हैं। आने वाले दिनों में क्रिकेट विश्वकप के चलते बड़ी और नई फिल्में भी कम ही आनी हैं ऐसे में कई सिनेमाघरों में वयस्क फिल्में लगाने की तैयारी है। मनोरंजन कर विभाग की निरीक्षक सुधारानी और संदीप शर्मा का कहना है कि ऐसे मामलाें पर शिकायत आने पर कार्रवाई होती है। अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है।
विज्ञापन
नहीं लगा सकते ऐसे पोस्टर
पोस्टर फिल्म के दृश्यों के अनुरूप ही होना चाहिए। सेंसर बोर्ड फिल्म के साथ ही उसकी प्रचार सामग्री भी प्रमाणित करता है। हालांकि कई बार दीवारों पर अवैध प्रचार सामग्री सिनेमाघरों में उपलब्ध कराई गई है। अश्लील और अवैध फिल्मी पोस्टर लगाने पर स्थानीय पुलिस यूपी पोस्टर ऑब्सीन एक्ट के तहत आईपीसी की धारा 292/294 के अंतर्गत कार्रवाई करती है। शिकायत मिलने पर मनोरंजन कर विभाग नोटिस जारी कर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा सकता है।
विज्ञापन
इन दिनों परीक्षा की तैयारी और विश्वकप मैच सीजन होने से नई फिल्में नहीं आई हैं। सिनेमाघर पुरानी फिल्मों पर निर्भर हैं। कुछ अपने खर्चे पूरा करने को सस्ती और अश्लील फिल्में लगा देते हैं। प्रचार के लिए केवल सेंसर बोर्ड से प्रमाणित सामग्री ही लगाई जा सकती है।
श्याम कपूर, सिनेमा कारोबारी