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उर्स-ए-रजवी: दरगाह पर हाजिरी दे सकेंगे जायरीन
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बरेली। इस्लामिया कॉलेज मैदान पर उर्स-ए-रजवी इस बार भी सीमित लोगों की मौजूदगी में मनाया जाएगा। जायरीन दरगाह पर भी हाजिरी दे सकेंगे लेकिन उर्स से पहले या उसके बाद में। दरगाह की ओर से अपील की गई है कि उर्स के दौरान इस्लामिया ग्राउंड पर भीड़ इकट्ठी न हो और लोग अपने घरों और मस्जिदों में उर्स मनाएं।
आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेली का 103 वां उर्स-ए-रजवी 2, 3 व 4 अक्तूबर को इस्लामिया ग्राउंड पर मनाया जाएगा। उर्स की तकरीब दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां की सरपरस्ती और सज्जादानशीन अहसन रजा खां कादरी की सदारत में अदा की जाएंगी। दरगाह के प्रशासनिक अधिकारी हाजी जावेद खान और मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स स्थल पर भीड़ न जुटे, इसके लिए पहले ही ऑनलाइन कार्यक्रम की जानकारी दी जा चुकी है।
दरगाह से जुड़े संगठन टीटीएस की ओर से भी यही अपील जारी की गई है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य परवेज नूरी ने बताया कि जो जायरीन उर्स में शिरकत न कर पाएं, वे उर्स से पहले और उर्स के बाद दरगाह पर हाजिरी दे सकते हैं। उर्स के दौरान लोग अपने घरों और मस्जिदों में फातेहा करें।
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आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेली का 103 वां उर्स-ए-रजवी 2, 3 व 4 अक्तूबर को इस्लामिया ग्राउंड पर मनाया जाएगा। उर्स की तकरीब दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां की सरपरस्ती और सज्जादानशीन अहसन रजा खां कादरी की सदारत में अदा की जाएंगी। दरगाह के प्रशासनिक अधिकारी हाजी जावेद खान और मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स स्थल पर भीड़ न जुटे, इसके लिए पहले ही ऑनलाइन कार्यक्रम की जानकारी दी जा चुकी है।
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दरगाह से जुड़े संगठन टीटीएस की ओर से भी यही अपील जारी की गई है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य परवेज नूरी ने बताया कि जो जायरीन उर्स में शिरकत न कर पाएं, वे उर्स से पहले और उर्स के बाद दरगाह पर हाजिरी दे सकते हैं। उर्स के दौरान लोग अपने घरों और मस्जिदों में फातेहा करें।
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