{"_id":"5e1a21138ebc3e87e577b974","slug":"developement-bareilly-news-bly3915489151","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहगल साहब आप भड़के तो खंगाला भूमाफिया का रिकॉर्ड पर उनका क्या जो बदल गए नकटिया की धार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहगल साहब आप भड़के तो खंगाला भूमाफिया का रिकॉर्ड पर उनका क्या जो बदल गए नकटिया की धार
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पिछले दौरे पर प्रमुख सचिव भूमाफिया की सूची न देने हुए थे नाराज, इस बार माफिया के इशारे पर नकटिया नदी का रुख बदलने के मामले में लीपापोती की कोशिश
दोबारा दौरे से पहले एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स ने 21 विभागों को भेजे नोटिस
नकटिया नदी की जांच छोड़ लंबी छुट्टी पर गए प्रभारी, बाकी टीम भी बैठी
बरेली। जिले के नोडल प्रमुख सचिव नवनीत सहगल का दौरा फिर तय होने के बाद जिला प्रशासन को भूमाफिया की याद आ गई है। अब एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स ने भी 21 विभागों के अध्यक्षों को नोटिस भेजकर अपनी भू संपत्ति और उस पर अतिक्रमण की स्थिति का ब्योरा देने को कहा है। विभाग अतिक्रमण हटाने के लिए अब तक की गई कार्रवाई की भी रिपोर्ट देंगे। हालांकि इस बीच माफिया के इशारे पर नकटिया नदी की मुख्य धार मोड़ने का मामला चर्चा में है जिस पर लीपापोती की कोशिश की जा रही है।
भूमाफिया की सूची तैयार करना प्रशासन के लिए हमेशा मुश्किल काम रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने पहली बार करीब दो साल पहले भूमाफिया की सूची मांगी थी। प्रशासन ने पहले तो यह सूची भेजी ही नहीं, बाद में छोटे-मोटे कब्जेदारों को भूमािफया बताते हुए सूची शासन को भेजी गई जिस पर आपत्तियां हुईं तो उसे निरस्त कर दिया गया। करीब डेढ़ महीने पहले यहां समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने भी भूमाफिया का रिकार्ड न होने पर नाराजगी जताई थी और सभी विभागों में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। हालांकि इसके बावजूद न किसी विभाग ने भू-माफिया की सूची तैयार करने में गंभीरता दिखाई न जिला प्रशासन ने।
हाल ही में नवनीत सहगल का फिर 16 और 17 जनवरी को दौरा तय हो गया है। इस बीच प्रशासन सरकारी जमीन पर काबिज भूमाफिया को चिह्नित करना तो दूर विभागों से सर्वे तक नहीं करा पाया है। प्रमुख सचिव के सामने जवाबदेही से बचने के लिए अब अफसरों को उनके निर्देश याद आए हैं। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स ने 21 विभागों को नोटिस देकर सरकारी जमीन पर काबिज अतिक्रमणकारियों का रिकार्ड मांगा है। डीएम नितीश कुमार और सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने इन विभागों के अध्यक्षों से शासकीय संपत्ति रजिस्टर तैयार कर इसकी प्रति उपलब्ध कराने को कहा है। अतिक्रमणकारी का नाम और उसके खिलाफ कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा गया है।
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इन विभागों को जारी हुए नोटिस
नगर निगम, नलकूप विभाग, लघु सिंचाई, जिला उद्योग केंद्र, वन विभाग, रूहेलखंड नहर खंड, जिला पंचायत राज विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, सभी बीडीओ, जिला कृषि अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव, पॉवर कॉरपोरेशन, जिला गन्ना अधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, सभी स्थानीय निकाय, पीडब्ल्यूडी और जिला पंचायत।
नकटिया नदी प्रकरण- किसान चक्कर काट रहे हैं, अब साहब मिलते ही नहीं
जांच टीम के प्रभारी लंबी छुट्टी गए, टीम के बाकी सदस्य दोबारा मौके पर जाने को भी तैयार नहीं
बरेली। किसानों के खेतों में खुदाई करके नकटिया नदी की मुख्य धार का रुख बदल दिए जाने के मामले की जांच से राजस्व विभाग ने हाथ खींच लिया है। जिस राजस्व निरीक्षक की अगुवाई में जांच टीम बनाई गई थी, वह तीन किसानों की जमीन को तीन गांवों की सीमा में उलझा होने का पेच फंसा छोड़कर लंबी छुट्टी चले गए हैं। पीड़ित किसान तहसील के चक्कर काट रहे हैं लेकिन राजस्व टीम बगैर प्रभारी के जांच के लिए मौके पर जाने को ही तैयार नहीं है।
किसानों की शिकायत है कि डोहरा रोड पर रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के पीछे नकटिया नदी के पास बाढ़ खंड ने सूखी पड़ी नदी की सफाई के नाम पर उनके खेतों को काटकर बहाव की दिशा बदल दी है। माफिया के इशारे पर मुख्य धारा पर मिट्टी डाल दी गई है। मामला एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह तक पहुंचने के बाद तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने राजस्व निरीक्षक भूदेव की अगुवाई में लेखपालों की छह सदस्यीय टीम बना दी थी। यह टीम एक ही दिन मौके पर पहुंची और पैमाइश के बाद बताया कि किसानों की जमीन डोहरा, बिचपुर चंदपुरी और नवादा जोगियान गांवों की सीमा पर है लिहाजा इसकी आसानी से जांच मुमकिन नहीं है। टीम के पास न नवादा जोगियान का नक्शा था न संबंधित लेखपाल आया था। टीम जांच किए बगैर लौटी तो फिर दोबारा मौके पर ही नहीं गई। इस बीच टीम प्रभारी राजस्व निरीक्षक लंबी छुट्टी पर चले गए। अब पीड़ित किसानों के तहसील के चक्कर काटने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
जांच टीम को जल्द ही रिकार्डों के साथ दोबारा मौके पर भेजा जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके। -आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार सदर
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दोबारा दौरे से पहले एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स ने 21 विभागों को भेजे नोटिस
नकटिया नदी की जांच छोड़ लंबी छुट्टी पर गए प्रभारी, बाकी टीम भी बैठी
बरेली। जिले के नोडल प्रमुख सचिव नवनीत सहगल का दौरा फिर तय होने के बाद जिला प्रशासन को भूमाफिया की याद आ गई है। अब एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स ने भी 21 विभागों के अध्यक्षों को नोटिस भेजकर अपनी भू संपत्ति और उस पर अतिक्रमण की स्थिति का ब्योरा देने को कहा है। विभाग अतिक्रमण हटाने के लिए अब तक की गई कार्रवाई की भी रिपोर्ट देंगे। हालांकि इस बीच माफिया के इशारे पर नकटिया नदी की मुख्य धार मोड़ने का मामला चर्चा में है जिस पर लीपापोती की कोशिश की जा रही है।
भूमाफिया की सूची तैयार करना प्रशासन के लिए हमेशा मुश्किल काम रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने पहली बार करीब दो साल पहले भूमाफिया की सूची मांगी थी। प्रशासन ने पहले तो यह सूची भेजी ही नहीं, बाद में छोटे-मोटे कब्जेदारों को भूमािफया बताते हुए सूची शासन को भेजी गई जिस पर आपत्तियां हुईं तो उसे निरस्त कर दिया गया। करीब डेढ़ महीने पहले यहां समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने भी भूमाफिया का रिकार्ड न होने पर नाराजगी जताई थी और सभी विभागों में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। हालांकि इसके बावजूद न किसी विभाग ने भू-माफिया की सूची तैयार करने में गंभीरता दिखाई न जिला प्रशासन ने।
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हाल ही में नवनीत सहगल का फिर 16 और 17 जनवरी को दौरा तय हो गया है। इस बीच प्रशासन सरकारी जमीन पर काबिज भूमाफिया को चिह्नित करना तो दूर विभागों से सर्वे तक नहीं करा पाया है। प्रमुख सचिव के सामने जवाबदेही से बचने के लिए अब अफसरों को उनके निर्देश याद आए हैं। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स ने 21 विभागों को नोटिस देकर सरकारी जमीन पर काबिज अतिक्रमणकारियों का रिकार्ड मांगा है। डीएम नितीश कुमार और सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने इन विभागों के अध्यक्षों से शासकीय संपत्ति रजिस्टर तैयार कर इसकी प्रति उपलब्ध कराने को कहा है। अतिक्रमणकारी का नाम और उसके खिलाफ कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा गया है।
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इन विभागों को जारी हुए नोटिस
नगर निगम, नलकूप विभाग, लघु सिंचाई, जिला उद्योग केंद्र, वन विभाग, रूहेलखंड नहर खंड, जिला पंचायत राज विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, सभी बीडीओ, जिला कृषि अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव, पॉवर कॉरपोरेशन, जिला गन्ना अधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, सभी स्थानीय निकाय, पीडब्ल्यूडी और जिला पंचायत।
नकटिया नदी प्रकरण- किसान चक्कर काट रहे हैं, अब साहब मिलते ही नहीं
जांच टीम के प्रभारी लंबी छुट्टी गए, टीम के बाकी सदस्य दोबारा मौके पर जाने को भी तैयार नहीं
बरेली। किसानों के खेतों में खुदाई करके नकटिया नदी की मुख्य धार का रुख बदल दिए जाने के मामले की जांच से राजस्व विभाग ने हाथ खींच लिया है। जिस राजस्व निरीक्षक की अगुवाई में जांच टीम बनाई गई थी, वह तीन किसानों की जमीन को तीन गांवों की सीमा में उलझा होने का पेच फंसा छोड़कर लंबी छुट्टी चले गए हैं। पीड़ित किसान तहसील के चक्कर काट रहे हैं लेकिन राजस्व टीम बगैर प्रभारी के जांच के लिए मौके पर जाने को ही तैयार नहीं है।
किसानों की शिकायत है कि डोहरा रोड पर रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के पीछे नकटिया नदी के पास बाढ़ खंड ने सूखी पड़ी नदी की सफाई के नाम पर उनके खेतों को काटकर बहाव की दिशा बदल दी है। माफिया के इशारे पर मुख्य धारा पर मिट्टी डाल दी गई है। मामला एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह तक पहुंचने के बाद तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने राजस्व निरीक्षक भूदेव की अगुवाई में लेखपालों की छह सदस्यीय टीम बना दी थी। यह टीम एक ही दिन मौके पर पहुंची और पैमाइश के बाद बताया कि किसानों की जमीन डोहरा, बिचपुर चंदपुरी और नवादा जोगियान गांवों की सीमा पर है लिहाजा इसकी आसानी से जांच मुमकिन नहीं है। टीम के पास न नवादा जोगियान का नक्शा था न संबंधित लेखपाल आया था। टीम जांच किए बगैर लौटी तो फिर दोबारा मौके पर ही नहीं गई। इस बीच टीम प्रभारी राजस्व निरीक्षक लंबी छुट्टी पर चले गए। अब पीड़ित किसानों के तहसील के चक्कर काटने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
जांच टीम को जल्द ही रिकार्डों के साथ दोबारा मौके पर भेजा जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके। -आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार सदर