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Bareilly News: आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी नकद लेकर किया उपचार, सादा कागज पर कराए हस्ताक्षर

Wed, 16 Jul 2025 02:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 02:14 AM IST
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Despite having Ayushman card, treatment was done by taking cash and signature was taken on plain paper
बरेली। आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अलहिंद अस्पताल में मरीज का इलाज करने से मना कर दिया गया। 53,416 रुपये नकद लेकर इलाज किया। मरीज की जान फिर भी नहीं बची। आरोपों की पुष्टि पर सीएमओ ने अस्पताल को नकद रुपये लौटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही साचीज को पत्र भेजकर कार्रवाई की संस्तुति की है।
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आईजीआरएस पर फरीदपुर के भगवंतपुर निवासी अब्दुल हसन ने शिकायत की थी। आरोप था कि पीलीभीत बाइपास स्थित अलहिंद अस्पताल में आयुष्मान योजना के लाभार्थी मरीज शमशुल हसन का इलाज नकद रुपये लेकर किया गया। यही नहीं, इलाज में भी लापरवाही भी बरती गई।
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आरोप पर संबंधित चिकित्सक का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने फिजिशियन डॉ. एएम अग्रवाल और एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार को जांच सौंपी। जांच टीम ने चिकित्सक और शिकायतकर्ता दोनों के बयान लिए। ऑडियो रिकॉर्डिंग भी प्राप्त की।
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दस्तावेजों के अनुसार अस्पताल में मरीज आठ से 18 जून तक भर्ती रहा। आयुष्मान कार्ड लगाने में अस्पताल की ओर से मानकों की अनदेखी की गई। रिकॉर्डिंग में मरीज के परिजनों ने आयुष्मान मित्र से जब कार्ड लगाने के लिए कहा तो उसने नकद रुपये नहीं देने पर मरीज ले जाने की बात कही।

जुर्माने के साथ लौटानी होगी नकद धनराशि
आरोपों की पुष्टि होने पर सीएमओ ने जुर्माना लगाया है। मरीज के परिजन से जमा कराए 53,416 रुपये जुर्माने की रकम के साथ लौटाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, जांच में अस्पताल के चिकित्सक द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने की पुष्टि नहीं हुई। मरीज के इलाज के दौरान हॉस्पिटल का पंजीकरण नहीं था। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी एक्सपायर मिली। परिजन से सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने की भी पुष्टि हुई। साचीज की ओर से जुर्माने की राशि का आकलन किया जाएगा।

कार्रवाई के लिए साचीज को भेजा पत्र
अस्पताल संचालक के अनुसार, 12 जून को अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड लगाकर इलाज किया। जांच टीम के अनुसार इलाज के दौरान अस्पताल सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत नहीं था, 27 जून से पंजीकृत हुआ। इस बीच इलाज संबंधी दावों की पुष्टि के लिए सीएमओ ने स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रेहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र भेजकर कार्रवाई की संस्तुति की है। ब्यूरो


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मरीज बेहद गंभीर हालत में अस्पताल आया था। तब परिजन ने आयुष्मान कार्ड के बिना इलाज पर सहमति जताई थी। जब कार्ड दिया तो उसे लगाया। आयुष्मान कार्ड से इलाज की समय सीमा होती है, इसके बावजूद इलाज जारी रखा। न्यूनतम दरों पर इलाज किया। आरोपों बेबुनियाद हैं, जिनका जवाब दे दिया है। जो कार्रवाई होगी, उसे देखा जाएगा। - डॉ. मतीन, सर्जन, अलहिंद अस्पताल
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