Bareilly News: निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक में आई दरार, जल निगम ने फर्म के डिजाइनर को किया तलब
मीरगंज विकास खंड के गांव सुजातपुर में 3.75 करोड़ की लागत से ओवरहेड टैंक बन रहा है। टैंक से पानी लीक होने पर गुणवत्ता पर सवाल उठे तो जल निगम के जिम्मेदारों ने क्षतिग्रस्त हिस्से को परदे से ढक दिया था।
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बरेली के मीरगंज विकास खंड के गांव सुजातपुर में 3.75 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक में दरार आने के मामले में जल निगम ने संबंधित फर्म के डिजाइनर को तलब किया है। डिजाइनर की जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। जल निगम की अधिशासी अभियंता ने बताया कि अगले दो दिनों में मामले की हकीकत सामने आ जाएगी।
टैंक से पानी लीक होने पर गुणवत्ता पर सवाल उठे तो जल निगम के जिम्मेदारों ने क्षतिग्रस्त हिस्से को परदे से ढक दिया था। टैंक की ओर लोगों का आवागमन रोकने के लिए शनिवार को बैरिकेडिंग करा दी थी। सोमवार को अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार ने स्पष्ट किया है कि पानी की टंकी कंस्ट्रक्शन का हिस्सा नहीं है। पहले स्ट्रक्चर बनता है, फिर उस पर टैंक अलग से रखा जाता है।
अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि दिक्कत कहां पर आई है, लेकिन टैंक खाली करा दिया है। क्या पता एलाइनमेंट में गड़बड़ी हो या फिर टैंक रखने में दिक्कत आई हो। फर्म के अधिकारियों खबर दी है। टैंक डिजाइनर एक-दो दिन में आएंगे। उनके देखने के बाद ही हम कुछ कह सकेंगे।
ओवरहेड टैंक को तोड़ा जाएगा
मीरगंज। मीरगंज ब्लॉक के गांव सुजातपुर और बलूपुरा गांवों को पेयजल की आपूर्ति कराने के लिए बने ओवरहेड टैंक को तोड़ा जाएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। सुजातपुर एवं बलूपुरा गांवों के हर घर में जल पहुंचने के लिए सुजातपुर गांव में 350 किलोलीटर का ओवरहेड टैंक बनाया गया है।
दरअसल, रविवार को टेस्टिंग के दौरान टैंक में पानी भरा गया तो उसके लिंटर में दरार आ गई और पिलर टेढ़ा हो गया। उसके टुकड़े टूटकर गिरने लगे। ग्रामीणों की शिकायत पर जल जीवन मिशन के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। विभाग के आदेश के बाद टैंक को गिराकर उक्त स्थल पर नए टैंक का निर्माण कराया जाएगा।
सोमवार को एसडीएम तृप्ति गुप्ता गांव सुजातपुर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। उसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जल निगम के एक्सईएन को पत्र भेजा जा रहा है।
जल निगम के जेई राकेश चौधरी ने बताया कि इस संस्था ने जिले में 325 ओवरहेड टैंक बनाए हैं। किसी टैंक में कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद ठेकेदार को पूरा टैंक तोड़ने के आदेश दिए गए हैं। उसके बाद नया ओवरहेड टैंक बनाया जाएगा।