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Bareilly News: जर्जर तार बदलने में हो रही देरी, कार्यदायी संस्था को नोटिस
Mon, 15 Jan 2024 03:40 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 15 Jan 2024 03:40 AM IST
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बरेली। जिले में बिजली व्यवस्था सुधार के काम लापरवाही की भेंट चढ़ गए हैं। लाइन लॉस घटाने और चोरी खत्म करने के लिए 348 करोड़ रुपये लागत की री-वैंप योजना में अभी तक मात्र 11 फीसदी ही काम हुआ है। सात महीने में मात्र 11 फीसदी प्रगति हुई है। तय समय पर काम पूरा होना मुश्किल है। इस देरी पर कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया गया है।
योजना में मार्च 2024 तक 50 और मार्च 2025 तक 100 फीसदी काम पूरे कराने का लक्ष्य है, लेकिन अब तक हुए काम की दो फीसदी प्रतिमाह से भी कम की प्रगति रही है। अगर यही हाल रहा तो लोड बढ़ने पर फिर विद्युत आपूर्ति बाधित होगी। पॉवर काॅरपोरेशन के चेयरमैन व मध्यांचल विद्युत बोर्ड के प्रबंधक निदेशक इस स्थिति से वाकिफ हैं। इसीलिए उन्होंने जब-जब ऑनलाइन बैठक की, तब-तब अधीनस्थ अधिकारियों को प्रगति की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था सामग्री नहीं खरीद पाई। देरी पर देरी होती रही।
अब पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ.आशीष कुमार गोयल सोमवार को कलक्ट्रेट में बैठक करेंगे। मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, सभी उप खंड अधिकारी और सहायक अभियंता मीटर मौजूद रहेंगे। इसी क्रम में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम बरेली जोन-एक के मुख्य अभियंता रणविजय सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था को देरी पर नोटिस जारी किए गए हैं। अगर और देरी हुई तो कड़ी कार्रवाई होगी। जुर्माना भी लग सकता है। उन्होंने बताया कि वैसे कार्यदायी संस्था ने मार्च तक 50 फीसदी काम पूरा करने का भरोसा दिया। री-वैंप के सभी काम मार्च 2025 तक पूरा होना है।
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इनसेट-
छुट्टी के दिन आंकड़ेबाजी में व्यस्त रहे अफसर
उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल सोमवार को राजस्व वसूली और विद्युत व्यवस्था में सुधार व विस्तार की समीक्षा करेंगे। मंडल भर के अधिकारी रविवार को छुट्टी के दिन आंकड़ेबाजी में व्यस्त रहे। प्रस्तावित बैठक की तैयारी करते रहे। रविवार को भी दोनों जोन के दफ्तर खुले। ब्यूरो
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री-वैंप योजना का यह है हाल
लक्ष्य कार्य हुआ
जर्जर तार बदलने हैं 2488 किलोमीटर 350 किलोमीटर
कृषि-घरेलू फीडरों को अलग-अलग करना है 479 किलोमीटर 41 किलोमीटर
लोड मैनेजमेंट के लिए फीडरों का बंटवारा 984 किलोमीटर 66 किलोमीटर
जर्जर हो चुकीं हाईटेंशन लाइनों को बदलना है 289 किलोमीटर 70 किलोमीटर
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योजना में मार्च 2024 तक 50 और मार्च 2025 तक 100 फीसदी काम पूरे कराने का लक्ष्य है, लेकिन अब तक हुए काम की दो फीसदी प्रतिमाह से भी कम की प्रगति रही है। अगर यही हाल रहा तो लोड बढ़ने पर फिर विद्युत आपूर्ति बाधित होगी। पॉवर काॅरपोरेशन के चेयरमैन व मध्यांचल विद्युत बोर्ड के प्रबंधक निदेशक इस स्थिति से वाकिफ हैं। इसीलिए उन्होंने जब-जब ऑनलाइन बैठक की, तब-तब अधीनस्थ अधिकारियों को प्रगति की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था सामग्री नहीं खरीद पाई। देरी पर देरी होती रही।
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अब पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ.आशीष कुमार गोयल सोमवार को कलक्ट्रेट में बैठक करेंगे। मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, सभी उप खंड अधिकारी और सहायक अभियंता मीटर मौजूद रहेंगे। इसी क्रम में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम बरेली जोन-एक के मुख्य अभियंता रणविजय सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था को देरी पर नोटिस जारी किए गए हैं। अगर और देरी हुई तो कड़ी कार्रवाई होगी। जुर्माना भी लग सकता है। उन्होंने बताया कि वैसे कार्यदायी संस्था ने मार्च तक 50 फीसदी काम पूरा करने का भरोसा दिया। री-वैंप के सभी काम मार्च 2025 तक पूरा होना है।
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छुट्टी के दिन आंकड़ेबाजी में व्यस्त रहे अफसर
उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल सोमवार को राजस्व वसूली और विद्युत व्यवस्था में सुधार व विस्तार की समीक्षा करेंगे। मंडल भर के अधिकारी रविवार को छुट्टी के दिन आंकड़ेबाजी में व्यस्त रहे। प्रस्तावित बैठक की तैयारी करते रहे। रविवार को भी दोनों जोन के दफ्तर खुले। ब्यूरो
री-वैंप योजना का यह है हाल
लक्ष्य कार्य हुआ
जर्जर तार बदलने हैं 2488 किलोमीटर 350 किलोमीटर
कृषि-घरेलू फीडरों को अलग-अलग करना है 479 किलोमीटर 41 किलोमीटर
लोड मैनेजमेंट के लिए फीडरों का बंटवारा 984 किलोमीटर 66 किलोमीटर
जर्जर हो चुकीं हाईटेंशन लाइनों को बदलना है 289 किलोमीटर 70 किलोमीटर