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न दवा दी और न खाना, मर गया तड़पकर बेटा

Sun, 02 Aug 2020 01:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 01:33 AM IST
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death of corona patient
बरेली। संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ इलाज में भी लापरवाही के आरोप भी लगने लगे हैं। दिल्ली हाईवे पर एल-2 कोविड अस्पताल में भर्ती युवक की मौत के बाद ऐसा ही आरोप लगा है। युवक के घरवालों ने शनिवार को अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल से शिकायत की कि उनके बेटे के सैंपल की रिपोर्ट दो दिन तक नहीं आई और इस बीच न उसे कोई दवा दी गई न खाना। हालत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। सहल ने इस मामले में डीएम को गहन जांच कराने का निर्देश दिया है।
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कोविड अस्पताल में मरने वाले युवक के घरवाले सुबह करीब सवा 11 बजे सर्किट हाउस पहुंचकर जिले के नोडल अफसर व अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल से मिले। सुभाषनगर की गणेशनगर कॉलोनी में रहने वाले मृतक युवक के पिता ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के साथ अस्पताल प्रशासन पर भी इलाज न करने का आरोप लगाते हुए बेटे का पोस्टमार्टम भी कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई को 38 वर्षीय बेटे की तबीयत बिगड़ने पर उसे कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उसके सैंपल की जांच कराने के बाद ही इलाज शुरू करने की बात तो कही लेकिन इसके बावजूद दो दिन तक उसका सैंपल ही नहीं लिया गया। 29 जुलाई को सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं आई तो दो दिन उसका इलाज ही शुरू नहीं किया। बीमारी बढ़ने से उनके बेटे की मौत हो गई।
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मानव अंगों की तस्करी का लगाया आरोप
मृतक युवक के पिता ने अस्पताल प्रशासन पर मानव अंगों की तस्करी का भी आरोप लगाया। नोडल अफसर को बताया कि शुक्रवार को मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनके बेटे की बॉडी बगैर पैक किए ही उनके सुपुर्द कर दी। उन्होंने शव देखा तो कपड़ों पर कमर के पास और छाती के पास शरीर खून से लथपथ था। बेटा चूंकि संदिग्ध संक्रमित था लिहाजा उन्होंने खुद शव को देखने की कोशिश नहीं की। उन्होंने मांग की कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि साफ हो सके कि मौत के बाद शव से छेड़छाड़ तो नहीं की गई। नोडल अफसर ने तत्काल डीएम को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।
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बुधवार को भेजा था सैंपल, नहीं आई रिपोर्ट
पता चला कि मृतक युवक का सैंपल 29 जुलाई को लिया गया था जिसे 30 जुलाई की सुबह जांच के लिए आईवीआरआई भेज दिया गया था। रिपोर्ट आने से पहले ही उसकी मौत हो गई। नोडल अफसर ने स्वास्थ्य विभाग से यह पूछताछ करने का निर्देश दिया कि गंभीर मरीज होने के बावजूद उसका एंटीजन टेस्ट क्यों नहीं कराया गया। कोविड अस्पताल में एंटीजन किट थी या नहीं, इसका भी पता लगाने को कहा।

कोरोना पर नोडल अफसर की बैठक
से स्वास्थ्य विभाग के अफसर नदारद
शनिवार को नोडल अफसर के शहर का दौरा करने की सूचना से हर कोई अलर्ट रहा। डीएम नितीश कुमार और सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग के साथ सर्किट हाउस में नोडल अफसर ने बैठक की और फिर सवा 11 बजे नगर निगम जाने के लिए निकले। सर्किट हाउस में बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग का कोई अफसर मौजूद नहीं था। अफसरों ने इस बीच अर्दली को भेजकर यह भी पता कराया कि कहीं स्वास्थ्य विभाग का कोई अफसर बाहर तो मौजूद नहीं है। अर्दली ने बाहर बैठे लोगों से पूछताछ की लेकिन कोई भी स्वास्थ्य विभाग से नहीं था। इसके बाद डीएम ने सीएमओ को फोन किया तो उन्होंने बताया कि वह रास्ते में हैं। डीएम ने इस पर उन्हें नगर निगम में रुकने को कहा।
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