‘बेटियों को पढ़ाओ, खुद बन जाएंगी अपराजिता’
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महिला दिवस पर साहू गोपी नाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुआ व्याख्यान
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नीता अहिरवार ने अपनी बात बेसिक शिक्षा से शुरू करते हुए कहा कि घर में बेटा-बेटी हैं तो उनकी परवरिश में अंतर दिखता है। बेटा कान्वेंट स्कूल तो बेटी को छोटे स्कूल में भेजा जाता है। अभिभावकों को अपनी सोच बदलनी होगी। उन्होंने कहा कि बेटी बारहवीं तक पढ़ ली तो समझो सशक्त बनने का आधा सफर उसने तय कर लिया। अशिक्षित महिलाओं को ही ज्यादा शोषण का शिकार होना पड़ता है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि छेड़छाड़ जैसी घटनाओं का विरोध करना सीखें। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 की भी जानकारी दी। कहा, रास्ते या स्कूल में कोई परेशान कर रहा है तो इसकी जानकारी अभिभावकों को जरूर दें। चुप रहना ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देने के सामान है। उन्होंने गुड टच, बैड टच के बारे में भी बताया।
डरें नहीं, विरोध करना सीखें। नो कहना सीखें। खुद पर विश्वास रखें।