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Bareilly: अमेरिकन कार्ड बनवाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये की ठगी, शातिर ने सात बार में निकाली रकम
Sat, 01 Feb 2025 06:17 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 01 Feb 2025 06:17 PM IST
सार
जालसाज ने युवक को कॉल कर अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड बनवाने का झांसा दिया। झांसा देकर क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड और पैनकार्ड की जानकारी ले ली।
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Cyber Crime
- फोटो : FREEPIK
विस्तार
बरेली में अमेरिकन कार्ड बनवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित जब तक समझ पाया तब तक उसकी फोन स्क्रीन शेयर कर सात बार में यह रकम निकाल ली गई। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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बहेड़ी निवासी मुकेश गर्ग ने बताया कि उनके व्हाट्सएप पर अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड बनवाने का झांसा दिया। झांसा देकर क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड और पैनकार्ड की जानकारी ले ली। इसके बाद मदद के बहाने उनकी फोन स्क्रीन को शेयर कराया और उसमें ओटीपी देखकर सात बार में 502728 उनके खाते से निकाल लिए।
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धोखाधड़ी के बारे में जब तक मुकेश को पता लगा तब तक कर उनका खाता खाली हो चुका था। उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। अब साइबर क्राइम थाने में पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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फालतू एप डाउनलोड करने से बचें
उप्र पुलिस के साइबर सलाहकार राहुल मिश्रा ने बताया कि कई बार ऐसी ठगी के बाद लोग शिकायत करते हैं कि उन्होंने किसी को ओटीपी शेयर नहीं किया तो उनके खाते से रुपये कैसे कट गए। जबकि वह नहीं समझ पाते कि जाने अंजाने में वह कई बार ऐसे एप इंस्टॉल कर बैठते हैं जो उनकी मोबाइल फोन स्क्रीन दूर बैठे साइबर ठग से शेयर कर देते हैं।
मतलब प्रोसेस होने पर उसे आपके मोबाइल के ओटीपी व अन्य जानकारी दिखाई देती है। क्विक सपोर्ट नाम का एप कई बार ठग ही लोगों के मोबाइल में इंस्टाल करा देते हैं, यह एनीडेस्क की तरह ही काम करता है पर लोग इसके नाम से धोखा खा जाते हैं।
उप्र पुलिस के साइबर सलाहकार राहुल मिश्रा ने बताया कि कई बार ऐसी ठगी के बाद लोग शिकायत करते हैं कि उन्होंने किसी को ओटीपी शेयर नहीं किया तो उनके खाते से रुपये कैसे कट गए। जबकि वह नहीं समझ पाते कि जाने अंजाने में वह कई बार ऐसे एप इंस्टॉल कर बैठते हैं जो उनकी मोबाइल फोन स्क्रीन दूर बैठे साइबर ठग से शेयर कर देते हैं।
मतलब प्रोसेस होने पर उसे आपके मोबाइल के ओटीपी व अन्य जानकारी दिखाई देती है। क्विक सपोर्ट नाम का एप कई बार ठग ही लोगों के मोबाइल में इंस्टाल करा देते हैं, यह एनीडेस्क की तरह ही काम करता है पर लोग इसके नाम से धोखा खा जाते हैं।