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हेडफोन लगाकर ट्रैक पर चल रहा था,जान गंवा दी
बरेली
Updated Wed, 17 Feb 2016 01:12 AM IST
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हेडफोन लगाकर रेलवे ट्रैक पर चलना युवक के लिए भारी पड़ गया। वह पीछे से आई लालकुआं-बरेली पैसेंजर ट्रेन का हॉर्न नहीं सुन पाया। ट्रेन से उसे टक्कर मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसा मंगलवार सुबह साढ़े छह बजे गुड़वारा गांव के पास हुआ। गांव के रमेश कश्यप का 18 वर्षीय बेटा रघुवीर कुमार सुबह साढ़े सात बजे शौच को जंगल जा रहा था। उसके हेड फोन लगा रखा था। वह रेलवे लाइन पार करने के बजाय उसपर पैदल चलने लगा। इस बीच बरेली से लालकुआं जा रही पैसेंजर गाड़ी आ गई। रमेश उसके हॉर्न को नहीं सुन पाया। तेज रफ्तार ट्रेन उसे टक्कर मारकर आगे बढ़ गई। काफी आगे जाने के बाद ट्रेन रुकी तो यात्रियों ने पहियों में फंसा उसका शव बाहर निकाला।
मौके पर जीआरपी भी पहुंच गई और परिवार वालों को भी बुला लिया गया। पिता गश खाकर गिर पड़े। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पिता ने बताया कि वह खेतीबाड़ी में हाथ बंटाता था।
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इनसेट
देवरनियां के पास भी हो चुका है हादसा
डेढ साल पहले देवरनियां स्टेशन के पास भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। एक युवक हेड फोन लगाकर ट्रैक पर चल रहा था। बरेली से लालकुआं जाने वाली ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई थी।
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हादसा मंगलवार सुबह साढ़े छह बजे गुड़वारा गांव के पास हुआ। गांव के रमेश कश्यप का 18 वर्षीय बेटा रघुवीर कुमार सुबह साढ़े सात बजे शौच को जंगल जा रहा था। उसके हेड फोन लगा रखा था। वह रेलवे लाइन पार करने के बजाय उसपर पैदल चलने लगा। इस बीच बरेली से लालकुआं जा रही पैसेंजर गाड़ी आ गई। रमेश उसके हॉर्न को नहीं सुन पाया। तेज रफ्तार ट्रेन उसे टक्कर मारकर आगे बढ़ गई। काफी आगे जाने के बाद ट्रेन रुकी तो यात्रियों ने पहियों में फंसा उसका शव बाहर निकाला।
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मौके पर जीआरपी भी पहुंच गई और परिवार वालों को भी बुला लिया गया। पिता गश खाकर गिर पड़े। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पिता ने बताया कि वह खेतीबाड़ी में हाथ बंटाता था।
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देवरनियां के पास भी हो चुका है हादसा
डेढ साल पहले देवरनियां स्टेशन के पास भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। एक युवक हेड फोन लगाकर ट्रैक पर चल रहा था। बरेली से लालकुआं जाने वाली ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई थी।