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दुकान में घुसकर रंगदारी मांग रहे थे, पकड़े गए

Sun, 29 May 2016 02:09 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Sun, 29 May 2016 02:09 AM IST
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नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और बड़े सराफा व्यवसायी नंदलाल शरण की दुकान पर बेखौफ अंदाज में पहुंचे दो दबंगों ने सराफ के बेटों से पचास हजार रुपये महीना रंगदारी मांगी। मना करने पर दबंग उनसे उलझ गए। यह देख नौकरों ने हिम्मत जुटाकर दबंगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पता चला कि घंटे भर पहले एक किराना व्यापारी से भी आरोपियों ने रंगदारी मांगी थी। सर्राफ और किराना व्यापारी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने दोनों को हवालात में डाल दिया।
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शनिवार शाम करीब छह बजे पूर्व चेयरमैन नंदलाल शरण की सराफा दुकान पर उनके पुत्र अतुल गर्ग और आलोक गर्ग बैठे थे। तभी यहां जटपुरा अर्सियाबोझ निवासी वीरेंद्र गंगवार उर्फ वीरू और भट्ठी वाली गौंटिया निवासी हरेंद्र गंगवार पहुंचे। दोनों ही अतुल और आलोक को काफी देर तक धमकाते रहे। सर्राफ पुत्र इनका मंतव्य नहीं समझ पाए तो वीरू और हरेंद्र ने कहा कि लाला सीधी बात सुनो, तुमने गिरवी गांठ से अब तक बहुत माल कमा लिया है। अगर अपनी और अपने परिवार की जानमाल की परवाह है तो उन लोगों को हर महीने पचास हजार रुपये देने होंगे। उसकी तारीख और समय अभी तय कर देंगे। इस महीने के पचास हजार अभी देने होंगे। इस धमकी से अतुल और आलोक सोच में पड़ गए। हालांकि उन्होंने रंगदारी से इंकार किया तो दबंग उनसे बहस करने लगे। हंगामा देखकर दुकान के नौकरों ने ग्राहकों की मदद से दोनों को दबोच लिया। आसपास के सराफा व्यवसायी भी आ गए। सूचना पर इंस्पेक्टर अजय श्रोतिया और चौकी इंचार्ज सलाउद्दीन पहुंचे और दोनों आरोपियों को पकड़कर थाने ले आये।
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रंगदारी मांगने की चर्चा फैली तो किराना के थोक व्यापारी घनश्याम दास गुप्ता भी एक तहरीर लेकर थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को बताया कि शाम पांच बजे दोनों युवकों ने उनकी दुकान पर जाकर दस हजार रुपये महीना देने को कहा था। मना किया तो जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने बाद में आने की बात कहकर टाल दिया। पुलिस ने पकडे़ गए युवकों को दिखाया तो उन्होंने उन्हें पहचान लिया। पुलिस ने आलोक गर्ग और घनश्याम दास गुप्ता से अलग अलग तहरीर लेकर दोनो युवकों के खिलाफ डरा धमकाकर रंगदारी वसूलने का मामला दर्ज कर लिया। 
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छात्र संघ चुनाव लड़ चुका है हरेंद्र 
हरेंद्र गंगवार गन्ना उत्पादक महाविद्यालय में एमए प्रथम वर्ष का छात्र है और एक बार एबीवीपी से छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ चुका है। पांच माह पहले मोहल्ला केशवपुरम में एक युवती कुछ लड़कों के साथ पकड़ी गई थी। इनमें हरेंद्र भी मौके से पकड़ा गया था। इलाके भर में मारपीट के कई मामलों में उसका नाम सामने आया है। 

इंसेट
प्राइवेट कंपनी में काम करता था वीरू
वीरू इस समय खाली घूम रहा है। पहले वह रुद्रपुर और उसके बाद बरेली की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। गलत हरकतों के चलते उसे नौकरी से निकाल दिया गया। बताते हैं कि बडे़ सर्राफों और व्यापारियों से महीना व हफ्ता वसूली का प्लान वीरू ने ही बनाया था। घटना के वक्त वह नशे में था। 
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