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बेकाबू ट्रक ने स्कूटी सवार डॉक्टर को कुचला, मौत
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 22 Jun 2016 01:10 AM IST
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सौ फुटा रोड पीलीभीत बाईपास तिराहे पर बेकाबू ट्रक ने स्कूटी सवार 48 वर्षीय डॉक्टर गुरविंदर सिंह को कुचल दिया। हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हुए डॉक्टर की रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज ले जाते समय मौत हो गई। हादसा मंगलवार को दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे हुआ। वह वीर सावरकर नगर में प्लाट देखकर घर लौट रहे थे। मोहल्ला सुभाषनगर 554 ए सत्तोदय स्कूल के पास रहने वाले डॉ. गुरविंदर सिंह स्कूटी से वीर सावरकर नगर में प्लाट देखकर लौट रहे थे। घर के पास ही डॉ. गुरविंदर सिंह का क्लीनिक है। सुभाष नगर खन्ना बिल्डिंग के पास रहने वाला उनका भांजा हरप्रीत सिंह भी अपनी बाइक से पीछे पीछे चल रहा था। भांजे की बाइक पर थाना बारादरी इलाके के दुर्गानगर में रहने वाले रणजीत सिंह बैठे थे। सौ फुटा रोड पर भव्य पेट्रोल पंप से तेल लेने के बाद गुरविंदर सिंह जैसे ही पीलीभीत रोड की तरह चले। फिनिक्स मॉल की तरह से आए बेकाबू ट्रक ने उनकी स्कूटी में सामने से टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी से गिरने पर गुरविंदर सिंह बुरी तरह से कुचल गए। दौड़क र आसपास के लोग पहले गंभीर रूप से जख्मी गुरविंदर सिंह को पास से ही एक निजी अस्पताल ले गए। इसी बीच पीछे से हरप्रीत सिंह भी मौके पर पहुंच गए। वह पुलिस की मदद से गुरविंदर सिंह को मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डॉक्टरों ने गुरविंदर सिंह को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद चालक ट्रक को छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर हरप्रीत सिंह की तहरीर पर चालक के खिलाफ के मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नया अशियाना बनाने का सपना रह गया अधूरा
बरेली। बीएएमएस की डिग्री हासिल करने के बाद गुरविंदर सिंह ने घर के पास में ही क्लीनिक खोल रखी थी। वह सुभाषनगर से निकलकर वीर सावरकर नगर में नया आशियाना बनाने का सपना देख रहे थे, लेकिन ईश्वर को शायद यह मंजूर ही नहीं था।
हादसे की खबर मिलने के बाद से उनकी पत्नी उपकार कौर का बुरा हाल है। बीएससी की पढ़ाई कर रही बड़ी बेटी नैंसी और छोटी बेटी जसलीन को पिता की अचानक मौत से गहरा सदमा लगा है। तीन बच्चों में गुरविंदर सिंह का सबसे छोटा बेटा मंदीप सिंह को पापा की मौत के बाद से गुमसुम हो गया है। डॉक्टर गुरविंदर सिंह बुजुर्ग पिता प्रीतम सिंह के लिए तो बुढ़ापे की लाठी थे।
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नया अशियाना बनाने का सपना रह गया अधूरा
बरेली। बीएएमएस की डिग्री हासिल करने के बाद गुरविंदर सिंह ने घर के पास में ही क्लीनिक खोल रखी थी। वह सुभाषनगर से निकलकर वीर सावरकर नगर में नया आशियाना बनाने का सपना देख रहे थे, लेकिन ईश्वर को शायद यह मंजूर ही नहीं था।
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हादसे की खबर मिलने के बाद से उनकी पत्नी उपकार कौर का बुरा हाल है। बीएससी की पढ़ाई कर रही बड़ी बेटी नैंसी और छोटी बेटी जसलीन को पिता की अचानक मौत से गहरा सदमा लगा है। तीन बच्चों में गुरविंदर सिंह का सबसे छोटा बेटा मंदीप सिंह को पापा की मौत के बाद से गुमसुम हो गया है। डॉक्टर गुरविंदर सिंह बुजुर्ग पिता प्रीतम सिंह के लिए तो बुढ़ापे की लाठी थे।
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