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लाल फाटक के गड्ढों में खत्म हो गईं तीन जिंदगियां
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 11 Sep 2016 01:58 AM IST
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बदायूं रोड पर लाल फाटक के पास गड्ढों ने तीन और जिंदगियां खत्म कर दीं। गड्ढे में फंसी एक बाइक अचानक डगमगा गई, तभी पीछे से आते ट्रक ने बाइक सवार दंपति और उनकी एक रिश्तेदार महिला को रौंद दिया। मां के हाथ से मासूम बच्ची छिटककर दूर जा गिरी, जिससे उसकी जान बच गई। ये सभी लोग एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए शनिवार सुबह बिथरी जा रहे थे। पुलिस ने ट्रक तो पकड़ लिया लेकिन चालक फरार हो गया।
थाना भमोरा के राजीपुरा गांव के 30 वर्षीय शैलेंद्र कुमार अपनी 28 वर्षीय पत्नी ममता, डेढ़ साल की मासूम बेटी सलोनी और 45 वर्षीय चाची विमला देवी के साथ बाइक से बिथरी चैनपुर थाने के गोपालपुर गांव जा रहे थे। वहां ममता की बुआ की मौत हो गई थी, शनिवार को अंतिम संस्कार था। सुबह करीब नौ बजे लाल फाटक पर दिल्ली-लखनऊ रेल मार्ग की क्रासिंग बंद थी। चंदौसी रेलवे लाइन का फाटक क्रास करने के बाद शैलेंद्र की बाइक भीड़ में फंस गई। फाटक खुलने पर शैलेंद्र ने जल्दबाजी करनी शुरू कर दी। उसने आगे खड़े ट्रक को ओवरटेक करके सड़क की साइड से निकलने की कोशिश की, तभी बाइक ट्रक के आगे सड़क के गड्ढे में फंसकर डगमगा गई। इस दौरान मासूम सलोनी मां की गोद से छिटक कर खाई में जा गिरी। शैलेंद्र, ममता और विमला बाइक से गिरकर ट्रक के पहिए के नीचे दब गए। हादसे में घायल होने पर तीनों को आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मासूम सलोनी के भी हाथ में चोट लगी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों को सौंप दिया। मामले में ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है।
एक ही घर में तीन मौतों से मचा कोहराम
बरेली। थाना भमौरा के राजीपुरा गांव के एक ही घर में तीन मौतों से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद तीनों लाशें गांव पहुंची तो पूरे गांव में मातम छा गया। माता-पिता की दर्दनाक मौत के बाद मासूम सलोनी समेत चारों भाई-बहन की परवरिश को लेकर सवाल खड़े होने लगे। शनिवार की सुबह दीनानाथ का बेटा शैलेंद्र कुमार अपनी पत्नी ममता को लेकर उसकी बुआ की मौत की खबर मिलने पर थाना बिथरी चैनपुर के गोपालपुर गांव के चलने को हुआ तो उसकी चाची विमला देवी भी साथ चलने के लिए कहने लगीं। विमला के पति बबलू ने बाइक पर तीन सवारी का विरोध भी किया। कहने लगे अच्छा नहीं रहेगा। शैलेंद्र कुमार हेलमेट भी नहीं पहने था। महिलाओं में से भी किसी के पास हेलमेट नहीं था। तीनों की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। शैलेंद्र कुमार के तीन बेटों में मासूम सलोनी अकेली बेटी है। बड़ी मन्नतों से ममता के बेटी के अरमान पूरे हुए थे। इसलिए वह उससे सबसे ज्यादा लाड प्यार उसी से करती थी। विमला देवी ने भी अपने पीछे दो लड़के और दो लड़की छोड़ी हैं। मां की मौत के बाद चारों बच्चों के आंसू नहीं थम रहे हैं।
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इसे करिश्मा ही कह रहे चश्मदीद
बरेली। कहते हैं न बच्चे तो भगवान का रूप होते हैं। शनिवार को लाल फाटक पर हुआ हादसा भी इसका उदाहरण है। बाइक पर सवार शैलेंद्र उनकी पत्नी और चाची की मौत हो गई, लेकिन मासूम सलोनी की जान बच गई। वह मां की गोद से छिटकर खाई में गिरी और मामूली ही चोट उसको लग पाई। हादसे से चश्मदीद गवाह भी ईश्वर के इस करिश्मे से हैरान हैं।
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थाना भमोरा के राजीपुरा गांव के 30 वर्षीय शैलेंद्र कुमार अपनी 28 वर्षीय पत्नी ममता, डेढ़ साल की मासूम बेटी सलोनी और 45 वर्षीय चाची विमला देवी के साथ बाइक से बिथरी चैनपुर थाने के गोपालपुर गांव जा रहे थे। वहां ममता की बुआ की मौत हो गई थी, शनिवार को अंतिम संस्कार था। सुबह करीब नौ बजे लाल फाटक पर दिल्ली-लखनऊ रेल मार्ग की क्रासिंग बंद थी। चंदौसी रेलवे लाइन का फाटक क्रास करने के बाद शैलेंद्र की बाइक भीड़ में फंस गई। फाटक खुलने पर शैलेंद्र ने जल्दबाजी करनी शुरू कर दी। उसने आगे खड़े ट्रक को ओवरटेक करके सड़क की साइड से निकलने की कोशिश की, तभी बाइक ट्रक के आगे सड़क के गड्ढे में फंसकर डगमगा गई। इस दौरान मासूम सलोनी मां की गोद से छिटक कर खाई में जा गिरी। शैलेंद्र, ममता और विमला बाइक से गिरकर ट्रक के पहिए के नीचे दब गए। हादसे में घायल होने पर तीनों को आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मासूम सलोनी के भी हाथ में चोट लगी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों को सौंप दिया। मामले में ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है।
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एक ही घर में तीन मौतों से मचा कोहराम
बरेली। थाना भमौरा के राजीपुरा गांव के एक ही घर में तीन मौतों से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद तीनों लाशें गांव पहुंची तो पूरे गांव में मातम छा गया। माता-पिता की दर्दनाक मौत के बाद मासूम सलोनी समेत चारों भाई-बहन की परवरिश को लेकर सवाल खड़े होने लगे। शनिवार की सुबह दीनानाथ का बेटा शैलेंद्र कुमार अपनी पत्नी ममता को लेकर उसकी बुआ की मौत की खबर मिलने पर थाना बिथरी चैनपुर के गोपालपुर गांव के चलने को हुआ तो उसकी चाची विमला देवी भी साथ चलने के लिए कहने लगीं। विमला के पति बबलू ने बाइक पर तीन सवारी का विरोध भी किया। कहने लगे अच्छा नहीं रहेगा। शैलेंद्र कुमार हेलमेट भी नहीं पहने था। महिलाओं में से भी किसी के पास हेलमेट नहीं था। तीनों की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। शैलेंद्र कुमार के तीन बेटों में मासूम सलोनी अकेली बेटी है। बड़ी मन्नतों से ममता के बेटी के अरमान पूरे हुए थे। इसलिए वह उससे सबसे ज्यादा लाड प्यार उसी से करती थी। विमला देवी ने भी अपने पीछे दो लड़के और दो लड़की छोड़ी हैं। मां की मौत के बाद चारों बच्चों के आंसू नहीं थम रहे हैं।
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इसे करिश्मा ही कह रहे चश्मदीद
बरेली। कहते हैं न बच्चे तो भगवान का रूप होते हैं। शनिवार को लाल फाटक पर हुआ हादसा भी इसका उदाहरण है। बाइक पर सवार शैलेंद्र उनकी पत्नी और चाची की मौत हो गई, लेकिन मासूम सलोनी की जान बच गई। वह मां की गोद से छिटकर खाई में गिरी और मामूली ही चोट उसको लग पाई। हादसे से चश्मदीद गवाह भी ईश्वर के इस करिश्मे से हैरान हैं।