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पत्नी नहीं आई तो आग लगाकर जान दे दी
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 28 Aug 2016 01:37 AM IST
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घरेलू कलह के बाद नाराज होकर पत्नी के रिश्तेदारी में जाने से युवक ने नशे की हालत में केरोसिन डालकर खुद को आग लगा ली। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार वालों ने शव की अंत्येष्टि कर दी।
मोहल्ला किसान निवासी 40 वर्षीय बाल किशन के पास 14 बीघा जमीन थी। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले जमीन के बंटवारे को लेकर उसका अपने भाई लाखन से विवाद हो गया था। शुक्रवार को दिन में किसी बात पर उसका पत्नी तन्नी से झगड़ा हो गया। तन्नी नाराज होकर पास के गांव विलसा में अपने रिश्तेदार के घर चली गई। बाल किशन को यह नागवार गुजरा। उसने शराब पीनी शुरू कर दी। परिवार और पड़ोसियों के मुताबिक शुक्रवार की शाम उसने पत्नी तन्नी को फोन कर घर वापस आने को कहा लेकिन उसने मना कर दिया तो बाल किशन कच्ची दारू पीकर घर आ गया। रात बारह बजे उसने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। चीखने-चिल्लाने पर बेटा और बेटी बचाने के लिए दौड़े लेकिन आग की लपटें तेज हो गई। इस बीच पड़ोसी भी आ गए। तब तक बालकिशन गंभीर रूप से झुलस चुका था। घरवाले उसे लेकर तत्काल बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। यहां इलाज के दौरान रात में ही उसने दम तोड़ दिया। तब घरवाले बिना पोस्टमार्टम शव को साथ ले आए और शनिवार को गांव में ही उसकी अंत्येष्टि कर दी। बालकिशन के परिवार में तन्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटी हैं। एक बेटी और बेटी की शादी हो चुकी है।
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मोहल्ला किसान निवासी 40 वर्षीय बाल किशन के पास 14 बीघा जमीन थी। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले जमीन के बंटवारे को लेकर उसका अपने भाई लाखन से विवाद हो गया था। शुक्रवार को दिन में किसी बात पर उसका पत्नी तन्नी से झगड़ा हो गया। तन्नी नाराज होकर पास के गांव विलसा में अपने रिश्तेदार के घर चली गई। बाल किशन को यह नागवार गुजरा। उसने शराब पीनी शुरू कर दी। परिवार और पड़ोसियों के मुताबिक शुक्रवार की शाम उसने पत्नी तन्नी को फोन कर घर वापस आने को कहा लेकिन उसने मना कर दिया तो बाल किशन कच्ची दारू पीकर घर आ गया। रात बारह बजे उसने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। चीखने-चिल्लाने पर बेटा और बेटी बचाने के लिए दौड़े लेकिन आग की लपटें तेज हो गई। इस बीच पड़ोसी भी आ गए। तब तक बालकिशन गंभीर रूप से झुलस चुका था। घरवाले उसे लेकर तत्काल बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। यहां इलाज के दौरान रात में ही उसने दम तोड़ दिया। तब घरवाले बिना पोस्टमार्टम शव को साथ ले आए और शनिवार को गांव में ही उसकी अंत्येष्टि कर दी। बालकिशन के परिवार में तन्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटी हैं। एक बेटी और बेटी की शादी हो चुकी है।
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