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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The soldier abuse in the ground breaking ceremony

भूमि पूजन में हड़काने गए सिपाही

Fri, 22 Apr 2016 02:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Fri, 22 Apr 2016 02:06 AM IST
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इज्जतनगर थाने की पुलिस भूमाफिया के शह पर काम कर रही है, ये बात लगातार साबित होती रही है। ताजा उदाहरण गुरुवार को सामने आया जब एक व्यक्ति अपने प्लाट में भूमि पूजन करा रहे थे तो दो पुलिस क र्मी कुछ लोगों को एक एग्रीमेंट के साथ लेकर पहुंच गए और काम रुकवा दिया। न उनके पास कोर्ट का आदेश न इंस्पेक्टर को कुछ पता। डीआईजी ने प्लाट मालिक की शिकायत पर इंस्पेक्टर रामगोपाल शर्मा ने पूरा प्रकरण पूछा तो उनका जवाब था कि उन्हें इस मामले की जानकारी ही नहीं है। डीआईजी ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।  
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डीडीपुरम में रहने वाले राजेश तनेजा के नाम ग्राम तुलाशेर पुर में खसरा संख्या 97/2 का प्लाट है। प्लाट की बाउंड्रीवाल के साथ गेट भी लगा है। बृहस्पतिवार को राजेश अपने प्लाट पर भूमि पूजन कराने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा रहे थे। इसी बीच दो पुलिस कर्मियों के साथ 8-10 लोग पहुंच गए। उनका कहना था कि प्लाट हमारा है। उनके साथ पहुंचे पुलिस कर्मियों ने काम रुकवा दिया। उसी वक्त राजेश डीआईजी के पास पहुंच गए। उन्होंने अपनी बात बताई तो डीआईजी का पारा चढ़ गया। उन्होंने फौरन ही इंस्पेक्टर को फोन मिलाकर हड़काना शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर का कहना था कि उन्हें इस संबंध में जानकारी ही नहीं है। उनके पास कोई शिकायत लेकर नहीं आया है। शिकायत लेकर आए तो अभी कार्रवाई करा देते हैं। डीआईजी ने इंस्पेक्टर से जब यह पूछा कि कौन काम रुकवाने गया था तो उन्होंने इसकी भी जानकारी होने से इन्कार करते हुए पता लगाने को कहा। डीआईजी ने इज्जतनगर पुलिस का जमीनों को लेकर रवैया ठीक न होने पर नाराजगी जताते हुए एसएसपी से भी बात की। उन्होंने इंस्पेक्टर से राजेश के मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है। डीआईजी का कहना कि जमीन के मामलों में पुलिस का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। कोर्ट का आदेश होने पर ही पुलिस जमीन के मामलों में कार्रवाई करे। 
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यहां तो नेताओं और भूमाफिया के गैंग हैं
इज्जतनगर में कई नेताओं और भूमाफियाओं के गैंग घूमते रहते हैं। इनमें कई छुटभैय्या नेता भी शामिल हैं। पुलिस से इन लोगों की मिलीभगत रहती है। जमीनों का खेल करने वाले इस गैंग के सदस्य इलाके में घूमते रहते हैं। जैसे ही उन्हें किसी प्लाट पर काम होता दिखाई देता है पहुंच जाते हैं। फर्जी एग्रीमेंट दिखाकर काम शुरू होते ही पुलिस को साथ ले जाकर हंगामा करने लगते हैं। काम रुकने के बाद प्लाट के मालिक किसी तरह से मामले को निपटाने के लिए कुछ न कुछ इस गैंग के लोगों को दे दी देता है। कई मामलों में प्लाट भूमाफियाओं को दिलवा दिए गए। कुछ मामले अदालतों में चल रहे हैं।
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दोहरी नीति में नपे एसएसआई
इज्जतनगर के एसएसआई नरेश कुमार दोहरी नीति की वजह से नप गए। हार्टमैन के जिस प्लाट की चहारदीवारी टूटने के बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उस प्लाट की बाउंड्री भी इज्जतनगर पुलिस ने ही मोटी रकम लेकर कराई थी। थाने की सत्ता बदली तो विवेचना कर रहे एसएसआई का सुर फिर से बदल गया। उन्होंने बाउंड्री टूटने पर किसी भी तरह की कार्रवाई कराने की जरूरत नहीं समझी। मामला डीआईजी के पास पहुंचा और उन्होंने जांच कराई। जांच में यह बात साफ हो गई कि पुलिस ने जानबूझकर प्लाट की बाउंड्री टूटने पर कोई कार्रवाई नहीं की।   


बाईपास किनारे बसने लगी कालोनियां
बड़े बाईपास पर पुलिस और बीडीए की शह पर नई कॉलोनियां बसने लगी हैं। कुछ भूमाफिया भी इस इलाके में प्लाटिंग कर रहे हैं। कर्मपुर चौधरी, सैदपुर हॉकिंस, मुंशीनगर, छोटी विहार, बड़ी विहार, सौ फुटा रोड, परतापुर चौधरी, परतापुर जीवन सहाय से लेकर भोजीपुरा तक जमीनों के रेड आसमान छू रहे हैं। पुलिस की शह पर ही भूमाफिया इन इलाकों में फलफूल रहे हैं।  
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