फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The contract took treatment and the patient died

इलाज का ठेका ले लिया और मरीज मर गया

Sun, 17 Apr 2016 01:44 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Sun, 17 Apr 2016 01:44 AM IST
विज्ञापन
The contract took treatment and the patient died
मृतक
गांव में बिना किसी डर के डॉक्टरी कर रहे झोलाछाप असलम शाह ने एक मरीज को ठीक करने का ठेका ले लिया। डेढ़ लाख में इलाज तय हुआ। तीमारदार ने एक लाख रुपये जमा कर दिए। तीन सप्ताह तक इलाज चला और गंभीर मरीज ने दम तोड़ दिया। शनिवार को मरीज की मौत के बाद झोलाछाप की क्लीनिक पर खूब हंगामा हुआ। एसडीएम के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। असलम शाह के खिलाफ वर्ष 2014 में भी इलाज के दौरान एक की मौत होने पर रिपोर्ट लिखाई गई थी। लेकिन न तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ही स्वास्थ्य विभाग ने।  
विज्ञापन

हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव ग्रेम निवासी छेदालाल के 26 वर्षीय पुत्र मनोहर लाल का एक माह पहले बाइक से एक्सीडेंट हो गया था। उसके कमर से नीचे हिस्से पर चोट आई थी। मनोहर को हरदुआ किफायतुल्ला में क्लीनिक चला रहे असलम शाह को दिखाया। बताते हैं कि असलम ने डेढ़ लाख रुपये में मनोहर को ठीक करने का ठेका लिया और छेदालाल ने एक लाख रुपया जमा भी कर दिए। कहा गया कि 50 हजार रुपये ठीक होने पर देगा। उपचार के बाद शनिवार को मनोहर ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर पर दर्जनों लोग अस्पताल पहुंच गए और खूब हंगामा किया। झोलाछाप अपने स्टाफ के साथ फरार हो गया। कुछ लोगों ने समझौता कराने का भी प्रयास किया तो छेदालाल ने इंकार किया। इसके बाद थाना दिवस में मौजूद एसडीएम मनीष बंसल से शिकायत की गई। उन्होंने तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। पीड़ित की तहरीर पर असलम शाह के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या और मेडिकल एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। युवक की मौत के बाद झोलाछाप के अस्पताल में भर्ती चार मरीज हंगामा होता देख इलाज छोड़कर निकल भागे।  
विज्ञापन

- साल भर पहले भी हुआ मुकदमा
झोलाछाप असलम शाह के विरुद्ध 28 अक्तूबर 2014 को भी ग्राम लाईखेड़ा निवासी रानी पत्नी हरपाल ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उसके पुत्र की भी इलाज के दौरान मौत हुई थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक इसमें कार्रवाई नहीं की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

- एसडीएम ने की सीएमओ से बात
एसडीएम ने सीएमओ को फोन करके झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की बात की। लिखित शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग जांच करेगा। एसडीएम ने फर्जी लोगों की सूचना देने को कहा है। 

झोलाछाप की सूची तो स्वास्थ्य विभाग के झोले में हैं 
यह पहला मामला नहीं है जब झोलाछाप की वजह से मरीज ने दम तोड़ा हो। इससे पहले भी कई मामले हो चुके हैं। गांव के असलम शाह के खिलाफ ही 2014 में मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन पुलिस और विभाग ने कुछ नहीं किया। सीबीगंज के 41 झोलाछाप डॉक्टराें की सूची ग्रामीणाें ने डीएम और सीएमओ को भेजी थी। यह मामला भी ठंडे बस्ते में है। इनमें से कुछ ने रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश भी की थी। करगैना के अमरनाथपुरम में राधा शर्मा पर गलत इलाज करने का आरोप लगा था, गिरफ्तारी हुई लेकिन अभी जमानत पर रिहा है। एयरफोर्स के पास चल रहे हिना क्लीनिक पर तो कार्रवाई होने में तीन साल लग गए। मामला दबाने की पूरी कोशिश की गई थी। दरअसल, झोलाछाप डॉक्टराें की क्लीनिक सीज करने का अधिकार सीएमओ के पास है, जबकि गिरफ्तार पुलिस ही कर सकती है। 


‘झोलाछाप डॉक्टरों की शिकायत पर कार्रवाई सीएमओ की ओर से की जाती है। अगर कोई शिकायत आई है तो कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।’
डॉ. सुबोध शर्मा, जेडी हेल्थ 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed