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इस रोड पर अब और हादसे बर्दाश्त से बाहर
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 12 Sep 2016 01:30 AM IST
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लाल फाटक से कैंट होकर शहर में आने वाली खस्ता हाल सड़क पर हो रहे हादसे भविष्य में कानून व्यवस्था को चुनौती दे सकते हैं। इस आशंका के चलते डीएम ने शनिवार की घटना को गंभीरता से लिया और कैंट बोर्ड के सीईओ को निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण में देरी हो तो वह पहले इस सड़क की मरम्मत करा दें। भविष्य में इस तरह हादसे हुए तो लोगों का आक्रोश भड़क सकता है। उन्होंने फाटक से बदायूं रोड तक की खस्ता हाल सड़क की तीन दिन के अंदर मरम्मत करानेे के निर्देश पीडब्लूडी को दिए हैं।
लाल फाटक पर बदायूं रोड से कैंट परिसर होकर शहर आने वाले रास्ते में करीब 500 मीटर सड़क खस्ता हाल में हैं। पिछले एक साल से इस रोड़ पर करीब 200 से अधिक दुर्घटनाएं हो गई हैं। दो दर्जन लोगों की मौत हो गई। 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई बार रास्ता जाम करके आंदोलन किए। इन आंदोलनकारियों में से कुछ पर पुलिस ने कानून हाथ में लेने का मुकदमा भी दर्ज कराया। दूसरी ओर इन हादसों के जिम्मेदार कैंट बोर्ड और पीडब्लूडी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। अब प्रशासन की ओर से इस बारे में डीएम पंकज यादव ने फिर से पहल की है। उनका कहना है कि इस रोड पर हादसे अब बर्दाश्त से बाहर हैं।
दूसरे शहर के वाहनों को चौपुला से निकालने की तैयारी
जिला प्रशासन यह विचार कर रहा है कि जो वाहन सीधे नैनीताल, मुरादाबाद, और दिल्ली की ओर जाने वाले हैं। उनको लाल फाटक के स्थान पर चौपुला से निकलवा दिया जाए। क्योंकि यह वाहन शहर में नहीं आएंगे और चौपुला होते हुए सीधे मुरादाबाद और दिल्ली की ओर निकल जाएंगे। शहर के अंदर जाने वाले वाहन इस रोड पर प्रतिबंधित होंगे। इस सुझाव पर ट्रैफिक पुलिस में विचार चल रहा है।
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कैंट की स्वीकृत सड़क बनने में लंबा समय लगेगा। इसलिए इस रोड़ के कुछ हिस्से की मरम्मत और पेच वर्क जरूरी हो गया है। इस बारे में कैंट बोर्ड के सीईओ को निर्देशित किया है कि वह जल्दी ही इस रोड की मरम्मत करा दें, जिससे कि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। - पंकज यादव, डीएम
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लाल फाटक पर बदायूं रोड से कैंट परिसर होकर शहर आने वाले रास्ते में करीब 500 मीटर सड़क खस्ता हाल में हैं। पिछले एक साल से इस रोड़ पर करीब 200 से अधिक दुर्घटनाएं हो गई हैं। दो दर्जन लोगों की मौत हो गई। 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई बार रास्ता जाम करके आंदोलन किए। इन आंदोलनकारियों में से कुछ पर पुलिस ने कानून हाथ में लेने का मुकदमा भी दर्ज कराया। दूसरी ओर इन हादसों के जिम्मेदार कैंट बोर्ड और पीडब्लूडी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। अब प्रशासन की ओर से इस बारे में डीएम पंकज यादव ने फिर से पहल की है। उनका कहना है कि इस रोड पर हादसे अब बर्दाश्त से बाहर हैं।
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दूसरे शहर के वाहनों को चौपुला से निकालने की तैयारी
जिला प्रशासन यह विचार कर रहा है कि जो वाहन सीधे नैनीताल, मुरादाबाद, और दिल्ली की ओर जाने वाले हैं। उनको लाल फाटक के स्थान पर चौपुला से निकलवा दिया जाए। क्योंकि यह वाहन शहर में नहीं आएंगे और चौपुला होते हुए सीधे मुरादाबाद और दिल्ली की ओर निकल जाएंगे। शहर के अंदर जाने वाले वाहन इस रोड पर प्रतिबंधित होंगे। इस सुझाव पर ट्रैफिक पुलिस में विचार चल रहा है।
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कैंट की स्वीकृत सड़क बनने में लंबा समय लगेगा। इसलिए इस रोड़ के कुछ हिस्से की मरम्मत और पेच वर्क जरूरी हो गया है। इस बारे में कैंट बोर्ड के सीईओ को निर्देशित किया है कि वह जल्दी ही इस रोड की मरम्मत करा दें, जिससे कि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। - पंकज यादव, डीएम