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सिंचाई विभाग में नौकरी के नाम पर 3.20 लाख ठगे
बीरेली
Updated Sun, 14 Dec 2014 11:18 PM IST
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सिंचाई विभाग में नौकरी के नाम पर बीए पास बेरोजगार से 3.20 लाख रुपये ठग लिए गए। वायदे के बाद नौकरी लगी न पैसा वापस मिला। ठगी के शिकार युवक ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी ने पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
शाही के गांव दिनरा मिर्जापुर के रहने वाले राजेश कुमार ने बताया कि वह बीए पास है और नौकरी की तलाश में भटक रहा है। इसकी जानकारी होने पर पड़ोेस के ही गांव पंथरा का एक व्यक्ति कुछ दिन पहले उसके पास आया। उसने अपने को जिला सहकारी संघ का संचालक और अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग का सदस्य बताया। उसने इससे संबंधित दस्तावेज और एक रसीद दिखाई। बताया कि पार्टी को दस लाख रुपये देकर उसे यह सब मिला है। राजेश ने बताया कि इस व्यक्ति ने उसे साढ़े तीन लाख रुपये में पंद्रह हजार प्रतिमाह तनख्वाह के हिसाब से सिंचाई विभाग में नौकरी दिलाने की बात कही। राजेश ने बताया कि उसने उसकी बात का विश्वास किया और छह जून को 3.20 लाख रुपये दे दिया। जिसकी बाकायदा लिखा पढ़ी कराई। कहा कि जुलाई तक नौकरी न लगी तो वह उसे पैसे वापस कर देगा। उसने गारंटी के तौर पर एक ट्रैक्टर का सेल लेटर भी हस्ताक्षर कर दिया। कहा, अगर उसकी नौकरी नहीं लगी और पैसा वापस नहीं किया तो वह उसका ट्रैक्टर ले ले। राजेश ने बताया कि इतना करने पर उसने विश्वास में रकम दे दी, लेकिन अब तक नौकरी नहीं लगी और न ही पैसा वापस दिया गया। जब वह ट्रैक्टर के कागज लेकर आरटीओ दफ्तर पहुंचा तो वह भी पैसा लेने वाले व्यक्ति के नाम नहीं निकला। ठगी के शिकार युवक की शिकायत पर एसएसपी ने शाही पुलिस को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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शाही के गांव दिनरा मिर्जापुर के रहने वाले राजेश कुमार ने बताया कि वह बीए पास है और नौकरी की तलाश में भटक रहा है। इसकी जानकारी होने पर पड़ोेस के ही गांव पंथरा का एक व्यक्ति कुछ दिन पहले उसके पास आया। उसने अपने को जिला सहकारी संघ का संचालक और अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग का सदस्य बताया। उसने इससे संबंधित दस्तावेज और एक रसीद दिखाई। बताया कि पार्टी को दस लाख रुपये देकर उसे यह सब मिला है। राजेश ने बताया कि इस व्यक्ति ने उसे साढ़े तीन लाख रुपये में पंद्रह हजार प्रतिमाह तनख्वाह के हिसाब से सिंचाई विभाग में नौकरी दिलाने की बात कही। राजेश ने बताया कि उसने उसकी बात का विश्वास किया और छह जून को 3.20 लाख रुपये दे दिया। जिसकी बाकायदा लिखा पढ़ी कराई। कहा कि जुलाई तक नौकरी न लगी तो वह उसे पैसे वापस कर देगा। उसने गारंटी के तौर पर एक ट्रैक्टर का सेल लेटर भी हस्ताक्षर कर दिया। कहा, अगर उसकी नौकरी नहीं लगी और पैसा वापस नहीं किया तो वह उसका ट्रैक्टर ले ले। राजेश ने बताया कि इतना करने पर उसने विश्वास में रकम दे दी, लेकिन अब तक नौकरी नहीं लगी और न ही पैसा वापस दिया गया। जब वह ट्रैक्टर के कागज लेकर आरटीओ दफ्तर पहुंचा तो वह भी पैसा लेने वाले व्यक्ति के नाम नहीं निकला। ठगी के शिकार युवक की शिकायत पर एसएसपी ने शाही पुलिस को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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