{"_id":"592c7b0a4f1c1bb349bdb6ec","slug":"teacher-accused-of-trying-to-rape-commotion","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीचर पर रेप की कोशिश का आरोप, हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
टीचर पर रेप की कोशिश का आरोप, हंगामा
Updated Tue, 30 May 2017 01:27 AM IST
विज्ञापन
Teacher accused of trying to rape, commotion
- फोटो : Teacher accused of trying to rape, commotion
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साहू राम स्वरूप डिग्री कॉलेज की एमए प्रथम वर्ष की छात्रा ने शिक्षक पर 22 फरवरी को कोचिंग के बहाने धोखे से घर ले जाकर बंधक बनाने और बलात्कार की कोशिश का आरोप लगाया है। शिक्षक पर कोई कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए तीन महीने बाद छात्रा ने इसकी शिकायत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं से की। हालांकि, इन तीन महीनों में पुलिस से कोई शिकायत नहीं की गई। छात्रा की शिकायत पर कार्यकर्ता सोमवार को कॉलेज पहुंचे और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। गेट पर रखी प्लास्टिक की दो कुर्सियां फेंककर तोड़ दी गईं। ऑफिस और कॉलेज में चल रहा समर कैंप बंद कराने के बाद कार्यकर्ता गेट पर ही धरने पर बैठ गए। प्रिंसिपल ने कॉलेज स्तर से शिक्षक पर की गई कार्रवाई के बारे में कार्यकर्ताओं को विस्तार से बताया। साथ ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने पर छात्रा का कॉलेज स्तर से साथ दिए जाने की बात भी कही। इस पर कार्यकर्ता शांत हो गए। प्रेमनगर थाने में शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
अमरोहा शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दानिश मंदान निवासी बीस वर्षीय युवती बरेली के साहू राम स्वरूप डिग्री कॉलेज में एमए प्रथम वर्ष की छात्रा है। उसने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षा करीब आने पर 22 फरवरी को संगीत विभाग के शिक्षक ने उससे कहा कि उनके घर पर एक मैडम कोचिंग पढ़ाने आती हैं। शिक्षक ने इन मैडम से प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए कोचिंग पढ़ने के लिए घर चलकर बात करने को कहा। शिक्षक उसे प्रेमनगर थाने के सामने स्थित अपने मकान पर कॉलेज से बाइक पर बैठाकर ले गए। यहां उसने देखा कि न ही शिक्षक की पत्नी घर पर थीं और न कोई मैडम कोचिंग पढ़ा रही थी। छात्रा का आरोप है कि शिक्षक ने दरवाजा बंद कर लिया और चाय बनाई। इसके बाद उसके साथ बलात्कार की कोशिश की। वह जैसे-तैसे बचकर बाहर आई और एक महिला को पूरी बात बताई। महिला की मदद से वह सेटेलाइट स्थित अपने किराये के कमरे पर पहुंची और अगले दिन पूरे मामले की लिखित शिकायत कॉलेज की प्रिंसिपल से की। जिन्होंने शिक्षक पर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो मार्च को छात्रा ने स्पीड पोस्ट से प्रिंसिपल को शिकायती पत्र भेजकर कहा कि अगर शिक्षक पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी। इस पर कॉलेज स्तर से जांच कराई गई, जिसमें सिर्फ लीपापोती की गई। शिक्षक पर कार्रवाई न होती देख 26 मई को मामले की शिकायत छात्रा ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं से की। इस पर सोमवार को एबीवीपी के अवनीश चौबे, अजीत पटेल, राहुल चौहान, सुमन चौहान, गौरव यादव, सिद्धार्थ आदि छात्रा के साथ कॉलेज पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। जब उनकी बात किसी ने नहीं सुनी तो वे और भड़क उठे। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के प्रिंसिपल ऑफिस और समर कैंप को भी बंद करा दिया। यही नहीं गेट पर पड़ी प्लास्टिक की दो कुर्सी फेंककर तोड़ दीं। कार्यकर्ताओं ने शिक्षक पर कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की और गेट पर ही धरने पर बैठ गए। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। दोपहर एक बजे प्रिंसिपल कॉलेज आईं और कॉलेज स्तर से शिक्षक के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में प्रदर्शनकारियों को अवगत कराया। इस पर प्रदर्शनकारी उच्च शिक्षाधिकारी को पूरे प्रकरण की रिपोर्ट भेजने और पुलिस कार्रवाई की मांग करने लगे। प्रिंसिपल ने छात्रा का पूरा साथ देने का आश्वासन दिया तो एबीवीपी कार्यकर्ता शांत हो गए। इसके बाद प्रेमनगर थाने में छात्रा की ओर से तहरीर दिलाई गई, जिस पर शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्जकर लिया गया।
भड़के कार्यकर्ताओं ने दरोगा से की धक्का-मुक्की
हंगामे की सूचना पर मठ की चौकी इंचार्ज वृक्षपाल यादव एक सिपाही के साथ कॉलेज पहुंच गए। कार्यकर्ताओं को शांत करते हुए उन्होंने पुलिस को कोई शिकायत न मिलने की बात कही। इस पर एबीवीपी कार्यकर्ता भड़क गए और दरोगा से धक्का-मुक्की कर हाथापाई तक करने की कोशिश की। कार्यकर्ता प्रिंसिपल को कॉलेज बुलाने की जिद पर अड़े रहे। इस पर दरोगा ने प्रिंसिपल को फोन किया तब कार्यकर्ता शांत हुए
विज्ञापन
पहले भी छात्राओं से कर चुका है गलत हरकत
प्रिंसिपल ने शिक्षक के खिलाफ की गई जांच और कार्रवाई की फाइल सभी को विस्तार से पढ़कर सुनाई। बताया गया कि शिक्षक पहले भी दो छात्राओं से गलत हरकत कर चुका है, जिसकी शिकायत कॉलेज प्रशासन से की गई थी। अब एक और शिकायत आने पर शिक्षक को अंतिम वार्निंग लेटर जारी कर दिया गया।
कॉलेज के बाहर लगा जाम
साहू राम स्वरूप डिग्री कॉलेज में हंगामे के दौरान बाहर सड़क पर भीड़ लग गई। इसे लेकर काफी अफरा-तफरी रही। कुछ देर के लिए जाम भी लग गया।
शिक्षक के घर तक पहुंच गए भड़के कार्यकर्ता
प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ता थाने के सामने किराये के मकान में रहने वाले शिक्षक के घर तक पहुंच गए, लेकिन वह घर पर नहीं मिले। उनकी पत्नी घर पर मौजूद थी। बताया गया कि वह बाहर गए हैं।
छात्रा की शिकायत को गंभीरता से लिया गया था। शिक्षक से जवाब-तलब कर तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराई गई। जांच में शिक्षक पर लगे कुछ आरोप सही नहीं पाए गए। पांच छात्राओं ने बयान दिया कि जब शिक्षक अमरोहा की छात्रा को घर ले गए थे तो वे भी उनके घर थीं। फिर भी शिक्षक को अंतिम वार्निंग लेटर जारी किया गया है।
- राकेश अरोड़ा, प्रिंसिपल, साहू राम स्वरूप डिग्री कॉलेज
विज्ञापन
अमरोहा शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दानिश मंदान निवासी बीस वर्षीय युवती बरेली के साहू राम स्वरूप डिग्री कॉलेज में एमए प्रथम वर्ष की छात्रा है। उसने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षा करीब आने पर 22 फरवरी को संगीत विभाग के शिक्षक ने उससे कहा कि उनके घर पर एक मैडम कोचिंग पढ़ाने आती हैं। शिक्षक ने इन मैडम से प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए कोचिंग पढ़ने के लिए घर चलकर बात करने को कहा। शिक्षक उसे प्रेमनगर थाने के सामने स्थित अपने मकान पर कॉलेज से बाइक पर बैठाकर ले गए। यहां उसने देखा कि न ही शिक्षक की पत्नी घर पर थीं और न कोई मैडम कोचिंग पढ़ा रही थी। छात्रा का आरोप है कि शिक्षक ने दरवाजा बंद कर लिया और चाय बनाई। इसके बाद उसके साथ बलात्कार की कोशिश की। वह जैसे-तैसे बचकर बाहर आई और एक महिला को पूरी बात बताई। महिला की मदद से वह सेटेलाइट स्थित अपने किराये के कमरे पर पहुंची और अगले दिन पूरे मामले की लिखित शिकायत कॉलेज की प्रिंसिपल से की। जिन्होंने शिक्षक पर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो मार्च को छात्रा ने स्पीड पोस्ट से प्रिंसिपल को शिकायती पत्र भेजकर कहा कि अगर शिक्षक पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी। इस पर कॉलेज स्तर से जांच कराई गई, जिसमें सिर्फ लीपापोती की गई। शिक्षक पर कार्रवाई न होती देख 26 मई को मामले की शिकायत छात्रा ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं से की। इस पर सोमवार को एबीवीपी के अवनीश चौबे, अजीत पटेल, राहुल चौहान, सुमन चौहान, गौरव यादव, सिद्धार्थ आदि छात्रा के साथ कॉलेज पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। जब उनकी बात किसी ने नहीं सुनी तो वे और भड़क उठे। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के प्रिंसिपल ऑफिस और समर कैंप को भी बंद करा दिया। यही नहीं गेट पर पड़ी प्लास्टिक की दो कुर्सी फेंककर तोड़ दीं। कार्यकर्ताओं ने शिक्षक पर कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की और गेट पर ही धरने पर बैठ गए। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। दोपहर एक बजे प्रिंसिपल कॉलेज आईं और कॉलेज स्तर से शिक्षक के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में प्रदर्शनकारियों को अवगत कराया। इस पर प्रदर्शनकारी उच्च शिक्षाधिकारी को पूरे प्रकरण की रिपोर्ट भेजने और पुलिस कार्रवाई की मांग करने लगे। प्रिंसिपल ने छात्रा का पूरा साथ देने का आश्वासन दिया तो एबीवीपी कार्यकर्ता शांत हो गए। इसके बाद प्रेमनगर थाने में छात्रा की ओर से तहरीर दिलाई गई, जिस पर शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्जकर लिया गया।
विज्ञापन
भड़के कार्यकर्ताओं ने दरोगा से की धक्का-मुक्की
हंगामे की सूचना पर मठ की चौकी इंचार्ज वृक्षपाल यादव एक सिपाही के साथ कॉलेज पहुंच गए। कार्यकर्ताओं को शांत करते हुए उन्होंने पुलिस को कोई शिकायत न मिलने की बात कही। इस पर एबीवीपी कार्यकर्ता भड़क गए और दरोगा से धक्का-मुक्की कर हाथापाई तक करने की कोशिश की। कार्यकर्ता प्रिंसिपल को कॉलेज बुलाने की जिद पर अड़े रहे। इस पर दरोगा ने प्रिंसिपल को फोन किया तब कार्यकर्ता शांत हुए
विज्ञापन
पहले भी छात्राओं से कर चुका है गलत हरकत
प्रिंसिपल ने शिक्षक के खिलाफ की गई जांच और कार्रवाई की फाइल सभी को विस्तार से पढ़कर सुनाई। बताया गया कि शिक्षक पहले भी दो छात्राओं से गलत हरकत कर चुका है, जिसकी शिकायत कॉलेज प्रशासन से की गई थी। अब एक और शिकायत आने पर शिक्षक को अंतिम वार्निंग लेटर जारी कर दिया गया।
कॉलेज के बाहर लगा जाम
साहू राम स्वरूप डिग्री कॉलेज में हंगामे के दौरान बाहर सड़क पर भीड़ लग गई। इसे लेकर काफी अफरा-तफरी रही। कुछ देर के लिए जाम भी लग गया।
शिक्षक के घर तक पहुंच गए भड़के कार्यकर्ता
प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ता थाने के सामने किराये के मकान में रहने वाले शिक्षक के घर तक पहुंच गए, लेकिन वह घर पर नहीं मिले। उनकी पत्नी घर पर मौजूद थी। बताया गया कि वह बाहर गए हैं।
छात्रा की शिकायत को गंभीरता से लिया गया था। शिक्षक से जवाब-तलब कर तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराई गई। जांच में शिक्षक पर लगे कुछ आरोप सही नहीं पाए गए। पांच छात्राओं ने बयान दिया कि जब शिक्षक अमरोहा की छात्रा को घर ले गए थे तो वे भी उनके घर थीं। फिर भी शिक्षक को अंतिम वार्निंग लेटर जारी किया गया है।
- राकेश अरोड़ा, प्रिंसिपल, साहू राम स्वरूप डिग्री कॉलेज