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जहर खाकर ट्रेन से आगे कूद कर छात्र-छात्रा ने जान दी
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 15 Jul 2016 01:22 AM IST
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एक छात्र और छात्रा ने पहले जहर खाया और फिर बरेली-लखनऊ रेल लाइन पर बिलपुर -टिसुआ रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। छात्र राहुल राय बिहार के गोपालगंज का और छात्रा श्रद्धा मिश्रा मिर्जापुर की रहने वाली थी। पुलिस के मुताबिक दोनों ने इलाहाबाद से एलएलबी किया था और अब दिल्ली में पीसीएस जे की कोचिंग ले रहे थे। उनके पास बरेली से इलाहाबाद तक पैसेंजर ट्रेन का टिकट भी मिला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक छात्र-छात्रा के बीच गहरी दोस्ती थी। पुलिस ने फोन पर दोनों के परिवारीजनों को सूचना दे दी है। बताया जा रहा है कि दोनों किसी परीक्षा के सिलसिले में बरेली आए थे।
बृहस्पतिवार सुबह छात्र-छात्रा बरेली जंक्शन से इलाहाबाद जाने वाली प्रयाग पैसेंजर ट्रेन में सवार हुए और करीब 25 किलोमीटर आगे टिसुआ रेलवे स्टेशन पर जाकर उतर गए। वहां से रेलवे लाइन किनारे पैदल चलते हुए शिवनगर हरेली गांव से कुछ पहले पीपल के पेड़ के नीचे चबूतरे पर बैठ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वहीं उन्होंने जहरीली गोलियां खाईं। उसी समय शाहजहांपुर होकर बरेली को जा रही मालगाड़ी उधर से गुजरी। तभी दोनों ने ट्रेन के आग छलांग लगा दी, दोनों की मौके पर मौत हो गई। ट्रेन से कटने के बाद दोनों के शव कुछ दूर तक घिसटते चले गए। ट्रेन के चालक ने इसकी सूचना बिलपुर स्टेशन मास्टर को दी। वहां से टिसुआ स्टेशन को सूचना दी गई। स्टेशन मास्टर के बताने पर फतेहगंज पूर्वी थाने की पुलिस और आरपीएफ वाले मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तलाशी ली तो उनके कपड़ों से पास दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड और इलाहाबाद यूनीवर्सिटी के छह साल पुराने आई कार्ड मिले। इससे मालूम पड़ता है कि छात्रा श्रद्धा मिश्रा मिर्जापुर के शिवपुरी कॉलोनी के रहने वाले सतिकांत मिश्रा की बेटी थी और उम्र करीब 23 वर्ष थी। पिता सतिकांत एक स्कूल के प्रबंधक बताए जाते हैं। वहीं छात्र राहुल राय गोपालगंज के वार्ड छह निवासी सुखदेव राय का बेटा था और उसकी उम्र करीब 24 वर्ष थी।
मौके से पुलिस को जहर की गोलियां के खाली पैकेट भी मिले। पुलिस सूत्रों के मुताबिक छात्र और छात्रा के बीच गहरी दोस्ती थी। दोनों जीवनसाथी बनना चाहते थे। मगर इसके लिए उनके परिवार वाले तैयार नहीं थे। दोनों किसी परीक्षा के सिलसिले में यहां पहुंचे थे। बृहस्पतिवार देर शाम तक परिजन बरेली नहीं पहुंच सके थे।
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घंटे भर ठप रहा ट्रेनों का संचालन
बिलपुर स्टेशन के एसएस हरजीराम मीना ने बताया कि छात्र-छात्रा के ट्रेन से कटने की जानकारी मालगाड़ी के ड्राइवर ने टिसुआ स्टेशन मास्टर को बाकी-टाकी से दी। इसकी सूचना देने के बाद भी पुलिस पटरी के बीच पड़ी लाशों को हटाने नहीं पहुंची। इस पर हावड़ा से हरिद्वार जा रही गाड़ी संख्या 12369 कुंभ नगरी सुपरफास्ट के ड्राइवर ने ट्रेन आगे ले जाने से मना कर दिया। इससे दोनों तरफ ट्रेनों का संचालन ठप हो गया। करीब एक घंटे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों लाशों को पटरी से हटाया। इस दौरान कुंभनगरी के पीछे आ रही मुगलसराय ऐक्सप्रेस, सहारनपुर पैसेंजर ट्रेन, राजधानी एक्सप्रेस समेत इधर-उधर स्टेशनों पर खड़ी रहीं।
छात्र और छात्रा के शव रेलवे लाइन पर पड़े मिले थे। कुछ लोग उनके पहले जहर खाकर ट्रेन के आगे कूदने की बात कह रहे हैं। वहीं पर जहर के खाली पैकेट भी मिले हैं। वे दोनों यहां क्यों और कैसे पहुंचे, इसकी जांच की जा रही है -नीति द्विवेदी, सीओ फरीदपुर
एक-दूसरे का हाथ पकड़ा और मौत को गले लगा लिया
साथ-साथ जान देने का इरादा करके ट्रेन से उतरे थे दोनों
छात्र श्रद्धा मिश्रा और छात्र राहुल राय को ट्रेन के आगे कूदते देख आसपास मौजूद ग्रामीण सन्न रह गए। उनका कहना है कि दोनों साथ-साथ जान देने के इरादा करके ही ट्रेन से उतरे थे। इसीलिए जहर की गोलियां अपने साथ लेकर गए थे।
घटना स्थल के पास खेत में काम कर रहे हरेली गांव के विश्वनाथ गंगवार और विनोद ने बताया कि छात्र-छात्रा पेड़ के नीचे पहुंचे तो उन्होंने सोचा कि वे आसपास किसी गांव के रहने वाले होंगे जो गर्मी की वजह से बैठे होंगे। दोनों ने एक साथ जहरीली गोलियां खाईं और नल पर पानी पिया। पांच-दस मिनट बाद ट्रेन आते देख दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़कर लाइन किनारे गए और ट्रैक पर कूद गए। यह देख आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़कर पहुंचे तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। विनोद के मुताबिक छात्र के पास काला बैग था, जिसमें अन्य चीजों के अलावा यहां के एक विश्वविद्यालय का नाम लिखी दो कापियां मिलीं। छात्रा के पास लेडीज पर्स था। इस हादसे की चर्चा इलाके में फैली तो लोग सन्न रह गए और कुछ ही देर में मौके की भीड़ जमा हो गई। पुलिस का भी कहना है कि दोनों जान देने का पक्का इरादा करके ही पैसेंजर ट्रेन में बैठे होंगे, जिससे रास्ते में उतर सकें।
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बृहस्पतिवार सुबह छात्र-छात्रा बरेली जंक्शन से इलाहाबाद जाने वाली प्रयाग पैसेंजर ट्रेन में सवार हुए और करीब 25 किलोमीटर आगे टिसुआ रेलवे स्टेशन पर जाकर उतर गए। वहां से रेलवे लाइन किनारे पैदल चलते हुए शिवनगर हरेली गांव से कुछ पहले पीपल के पेड़ के नीचे चबूतरे पर बैठ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वहीं उन्होंने जहरीली गोलियां खाईं। उसी समय शाहजहांपुर होकर बरेली को जा रही मालगाड़ी उधर से गुजरी। तभी दोनों ने ट्रेन के आग छलांग लगा दी, दोनों की मौके पर मौत हो गई। ट्रेन से कटने के बाद दोनों के शव कुछ दूर तक घिसटते चले गए। ट्रेन के चालक ने इसकी सूचना बिलपुर स्टेशन मास्टर को दी। वहां से टिसुआ स्टेशन को सूचना दी गई। स्टेशन मास्टर के बताने पर फतेहगंज पूर्वी थाने की पुलिस और आरपीएफ वाले मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तलाशी ली तो उनके कपड़ों से पास दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड और इलाहाबाद यूनीवर्सिटी के छह साल पुराने आई कार्ड मिले। इससे मालूम पड़ता है कि छात्रा श्रद्धा मिश्रा मिर्जापुर के शिवपुरी कॉलोनी के रहने वाले सतिकांत मिश्रा की बेटी थी और उम्र करीब 23 वर्ष थी। पिता सतिकांत एक स्कूल के प्रबंधक बताए जाते हैं। वहीं छात्र राहुल राय गोपालगंज के वार्ड छह निवासी सुखदेव राय का बेटा था और उसकी उम्र करीब 24 वर्ष थी।
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मौके से पुलिस को जहर की गोलियां के खाली पैकेट भी मिले। पुलिस सूत्रों के मुताबिक छात्र और छात्रा के बीच गहरी दोस्ती थी। दोनों जीवनसाथी बनना चाहते थे। मगर इसके लिए उनके परिवार वाले तैयार नहीं थे। दोनों किसी परीक्षा के सिलसिले में यहां पहुंचे थे। बृहस्पतिवार देर शाम तक परिजन बरेली नहीं पहुंच सके थे।
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बिलपुर स्टेशन के एसएस हरजीराम मीना ने बताया कि छात्र-छात्रा के ट्रेन से कटने की जानकारी मालगाड़ी के ड्राइवर ने टिसुआ स्टेशन मास्टर को बाकी-टाकी से दी। इसकी सूचना देने के बाद भी पुलिस पटरी के बीच पड़ी लाशों को हटाने नहीं पहुंची। इस पर हावड़ा से हरिद्वार जा रही गाड़ी संख्या 12369 कुंभ नगरी सुपरफास्ट के ड्राइवर ने ट्रेन आगे ले जाने से मना कर दिया। इससे दोनों तरफ ट्रेनों का संचालन ठप हो गया। करीब एक घंटे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों लाशों को पटरी से हटाया। इस दौरान कुंभनगरी के पीछे आ रही मुगलसराय ऐक्सप्रेस, सहारनपुर पैसेंजर ट्रेन, राजधानी एक्सप्रेस समेत इधर-उधर स्टेशनों पर खड़ी रहीं।
छात्र और छात्रा के शव रेलवे लाइन पर पड़े मिले थे। कुछ लोग उनके पहले जहर खाकर ट्रेन के आगे कूदने की बात कह रहे हैं। वहीं पर जहर के खाली पैकेट भी मिले हैं। वे दोनों यहां क्यों और कैसे पहुंचे, इसकी जांच की जा रही है -नीति द्विवेदी, सीओ फरीदपुर
एक-दूसरे का हाथ पकड़ा और मौत को गले लगा लिया
साथ-साथ जान देने का इरादा करके ट्रेन से उतरे थे दोनों
छात्र श्रद्धा मिश्रा और छात्र राहुल राय को ट्रेन के आगे कूदते देख आसपास मौजूद ग्रामीण सन्न रह गए। उनका कहना है कि दोनों साथ-साथ जान देने के इरादा करके ही ट्रेन से उतरे थे। इसीलिए जहर की गोलियां अपने साथ लेकर गए थे।
घटना स्थल के पास खेत में काम कर रहे हरेली गांव के विश्वनाथ गंगवार और विनोद ने बताया कि छात्र-छात्रा पेड़ के नीचे पहुंचे तो उन्होंने सोचा कि वे आसपास किसी गांव के रहने वाले होंगे जो गर्मी की वजह से बैठे होंगे। दोनों ने एक साथ जहरीली गोलियां खाईं और नल पर पानी पिया। पांच-दस मिनट बाद ट्रेन आते देख दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़कर लाइन किनारे गए और ट्रैक पर कूद गए। यह देख आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़कर पहुंचे तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। विनोद के मुताबिक छात्र के पास काला बैग था, जिसमें अन्य चीजों के अलावा यहां के एक विश्वविद्यालय का नाम लिखी दो कापियां मिलीं। छात्रा के पास लेडीज पर्स था। इस हादसे की चर्चा इलाके में फैली तो लोग सन्न रह गए और कुछ ही देर में मौके की भीड़ जमा हो गई। पुलिस का भी कहना है कि दोनों जान देने का पक्का इरादा करके ही पैसेंजर ट्रेन में बैठे होंगे, जिससे रास्ते में उतर सकें।