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सरेराह नाबालिग छात्रा का अपहरण, गैंगरेप
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sat, 28 May 2016 01:28 AM IST
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गैंगरेप के स्थान पर जांच करती पुलिस
दुनका/शीशगढ़। दवा लेने दुकान जा रही 15 साल की एक छात्रा को बेखौफ दरिंदों ने अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप किया। चीख पुकार पर पहुंचे ग्रामीणों ने दो दरिंदों को दौड़ाकर पकड़ लिया। सत्तारूढ़ पार्टी के एक बड़े नेता के दबाव में पुलिस मामले पर पर्दा डालने की कोशिश करती रही। लड़की के माता-पिता को थाने में तीन घंटे तक नजरबंद करके रखा गया मगर अफसरों के दबाव में शाम को अपहरण, गैंगरेप और एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
शीशगढ़ के एक गांव की 15 वर्षीया लड़की ने इलाके के इंटर कॉलेज से इसी साल हाईस्कूल पास किया है। शुक्रवार सुबह दस बजे वह दवा लेने अकेली सहोड़ा आई थी। लौटते वक्त बूंची के इम्तियाज अली और राशिद अली ने उससे जोखनपुर का रास्ता पूछा और उसे जबरन बाइक पर बैठा लिया। वे उसे अगवा कर जोखनपुर पुलिया के आगे गन्ने के खेत में ले गए। वहां उसका मुंह बंद कर उसके साथ गैंगरेप किया। लड़की के चिल्लाने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी भी दी।
बाद में किसी तरह बंधनमुक्त होकर लड़की ने चीख-पुकार मचाई तो खेतों में काम कर रहे किसानों ने दोनों दरिंदों को दौड़ाकर पकड़ लिया। दोनों को बैंक ऑफ बड़ौदा में ड्यूटी कर रहे एचसीपी राजेंद्र सिंह और सिपाही के हवाले कर दिया। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी भी आरोपियों को थाने भिजवाने के बजाय बचाने में जुट गए। जोखनपुर प्रधान चोखेलाल के बेटे हरिकिशोर की सूचना पर लड़की के मां-बाप मौके पर पहुंचे। उधर, शीशगढ़ थाने से एसआई वीरपाल सिंह भी मय फोर्स पहुंच गए। दरोगा ने फोटो खींच रहे मीडियाकर्मियों को धमकाया। पीड़िता के माता-पिता ने तहरीर लिखी तो उसे खारिज कर दिया।
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दोपहर डेढ़ बजे पुलिस दोनों आरोपियों, पीड़िता, उसके मां-बाप को सरकारी जीप से थाने ले गई। शीशगढ़ थाने में दोपहर दो बजे से देर शाम तक पीड़िता और उसके मां-बाप को भी नजरबंद रखा गया। इस दौरान मीडिया कर्मियों को भी थाने में घुसने नहीं दिया गया। दो अलग-अलग समुदाय का मामला होने के कारण थाने में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। बताते हैं कि सत्तारूढ़ सपा से जुड़े एक स्थानीय नेता ने थाना पुलिस पर दोनों आरोपियों को छोड़ने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। मामला बरेली में पुलिस के आला अफसरों तक पहुंचा तो देर शाम रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
ये धाराएं लगाई गईं
363 : अपहरण
376(डी) : गैंगरेप
31(10) : हरिजन उत्पीड़न
पाक्सो एक्ट
पुलिस का खेल धरा रह गया
शीशगढ़। अपहरण और गैंगरेप की घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में तो आई मगर उसने अपना खेल शुरू कर दिया। आरोपियों को बचाने के हर हथकंडे अपनाए गए। मौके पर लड़की के माता-पिता ने जो तहरीर लिखी उसे गलत करार दे दिया गया। थाने चलकर नई तहरीर लिखने को कहा गया। वहां पहुंचते ही पुलिस के सुर बदल गए। बताया जा रहा कि शीशगढ़ के सपा के एक बड़े नेता ने आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस समझौते के प्रयास करने लगी। तीन घंटे तक लड़की और उसके माता-पिता को थाने के एक कमरे में बैठाया रखा। एक महिला सिपाही तीनों को समझौते के लिए समझाती रही। इस दौरान मीडिया वालों का भी थाने में प्रवेश रोक दिया गया। शाम को पुलिस अफसरों के फोन आने लगे तो थाना पुलिस बैकफुट पर आई। इससे पहले सीओ बहेड़ी ने भी थाने में पहुंचकर लड़की के बयान दर्ज किए।
पुलिस दिखाती रही हमदर्दी
दुनका। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा होने के बाद भी पुलिस आरोपियों के प्रति हमदर्दी दिखाती रही। मीडिया कर्मी लड़की और उसके परिवार वालों से बात करने लगे तो उन्हें टोका गया। विरोध करने पर पुलिस ने इसे अपना काम बता दिया। इस दौरान मीडिया वालों से उनकी नोकझोंक भी हुई।
पीड़ितों को तीन घंटे थाने में बिठाने का आरोप गलत है। राजनीतिक दबाव में मुकदमा लिखने में देरी की बात भी ठीक नहीं है। पुलिस पीड़ितों से मामले की जानकारी कर रही थी। गैंगरेप में दो युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के साथ उनको गिरफ्तार भी कर लिया गया है। लड़की का मेडिकल कराया जा रहा है।
-यमुना प्रसाद, एसपी देहात
शीशगढ़ कांड पर सियासत भी गरम
शीशगढ़ में लड़की से दिन दहाड़े गैंगरेप के मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने शुक्रवार देर रात एसएसपी आरके भारद्वाज से मुलाकात की। एसएसपी के समक्ष शीशगढ़ पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार को तीन घंटे थाने में बिठाने पर आपत्ति जताई गई। साथ ही पीड़ित लड़की का मेडिकल परीक्षण कराने और गैंगरेप के आरोपियों पर धाराएं बढ़ाने की मांग की।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, महानगर अध्यक्ष पुष्पेंदु शर्मा, भारतीय जनता युवा मोर्चा के सुधीर पांडेय, कमल चतुर्वेदी, संजीव उपाध्याय, मोहित उपाध्याय आदि नेताओं ने एसएसपी से कहा कि शीशगढ़ में हाईस्कूल की छात्रा से दिन दहाड़े दुस्साहसिक गैंगरेप को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। भाजपा नेताओं के मुताबिक एसएसपी ने भाजपा नेताओं को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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शीशगढ़ के एक गांव की 15 वर्षीया लड़की ने इलाके के इंटर कॉलेज से इसी साल हाईस्कूल पास किया है। शुक्रवार सुबह दस बजे वह दवा लेने अकेली सहोड़ा आई थी। लौटते वक्त बूंची के इम्तियाज अली और राशिद अली ने उससे जोखनपुर का रास्ता पूछा और उसे जबरन बाइक पर बैठा लिया। वे उसे अगवा कर जोखनपुर पुलिया के आगे गन्ने के खेत में ले गए। वहां उसका मुंह बंद कर उसके साथ गैंगरेप किया। लड़की के चिल्लाने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी भी दी।
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बाद में किसी तरह बंधनमुक्त होकर लड़की ने चीख-पुकार मचाई तो खेतों में काम कर रहे किसानों ने दोनों दरिंदों को दौड़ाकर पकड़ लिया। दोनों को बैंक ऑफ बड़ौदा में ड्यूटी कर रहे एचसीपी राजेंद्र सिंह और सिपाही के हवाले कर दिया। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी भी आरोपियों को थाने भिजवाने के बजाय बचाने में जुट गए। जोखनपुर प्रधान चोखेलाल के बेटे हरिकिशोर की सूचना पर लड़की के मां-बाप मौके पर पहुंचे। उधर, शीशगढ़ थाने से एसआई वीरपाल सिंह भी मय फोर्स पहुंच गए। दरोगा ने फोटो खींच रहे मीडियाकर्मियों को धमकाया। पीड़िता के माता-पिता ने तहरीर लिखी तो उसे खारिज कर दिया।
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दोपहर डेढ़ बजे पुलिस दोनों आरोपियों, पीड़िता, उसके मां-बाप को सरकारी जीप से थाने ले गई। शीशगढ़ थाने में दोपहर दो बजे से देर शाम तक पीड़िता और उसके मां-बाप को भी नजरबंद रखा गया। इस दौरान मीडिया कर्मियों को भी थाने में घुसने नहीं दिया गया। दो अलग-अलग समुदाय का मामला होने के कारण थाने में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। बताते हैं कि सत्तारूढ़ सपा से जुड़े एक स्थानीय नेता ने थाना पुलिस पर दोनों आरोपियों को छोड़ने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। मामला बरेली में पुलिस के आला अफसरों तक पहुंचा तो देर शाम रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
ये धाराएं लगाई गईं
363 : अपहरण
376(डी) : गैंगरेप
31(10) : हरिजन उत्पीड़न
पाक्सो एक्ट
पुलिस का खेल धरा रह गया
शीशगढ़। अपहरण और गैंगरेप की घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में तो आई मगर उसने अपना खेल शुरू कर दिया। आरोपियों को बचाने के हर हथकंडे अपनाए गए। मौके पर लड़की के माता-पिता ने जो तहरीर लिखी उसे गलत करार दे दिया गया। थाने चलकर नई तहरीर लिखने को कहा गया। वहां पहुंचते ही पुलिस के सुर बदल गए। बताया जा रहा कि शीशगढ़ के सपा के एक बड़े नेता ने आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस समझौते के प्रयास करने लगी। तीन घंटे तक लड़की और उसके माता-पिता को थाने के एक कमरे में बैठाया रखा। एक महिला सिपाही तीनों को समझौते के लिए समझाती रही। इस दौरान मीडिया वालों का भी थाने में प्रवेश रोक दिया गया। शाम को पुलिस अफसरों के फोन आने लगे तो थाना पुलिस बैकफुट पर आई। इससे पहले सीओ बहेड़ी ने भी थाने में पहुंचकर लड़की के बयान दर्ज किए।
पुलिस दिखाती रही हमदर्दी
दुनका। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा होने के बाद भी पुलिस आरोपियों के प्रति हमदर्दी दिखाती रही। मीडिया कर्मी लड़की और उसके परिवार वालों से बात करने लगे तो उन्हें टोका गया। विरोध करने पर पुलिस ने इसे अपना काम बता दिया। इस दौरान मीडिया वालों से उनकी नोकझोंक भी हुई।
पीड़ितों को तीन घंटे थाने में बिठाने का आरोप गलत है। राजनीतिक दबाव में मुकदमा लिखने में देरी की बात भी ठीक नहीं है। पुलिस पीड़ितों से मामले की जानकारी कर रही थी। गैंगरेप में दो युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के साथ उनको गिरफ्तार भी कर लिया गया है। लड़की का मेडिकल कराया जा रहा है।
-यमुना प्रसाद, एसपी देहात
शीशगढ़ कांड पर सियासत भी गरम
शीशगढ़ में लड़की से दिन दहाड़े गैंगरेप के मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने शुक्रवार देर रात एसएसपी आरके भारद्वाज से मुलाकात की। एसएसपी के समक्ष शीशगढ़ पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार को तीन घंटे थाने में बिठाने पर आपत्ति जताई गई। साथ ही पीड़ित लड़की का मेडिकल परीक्षण कराने और गैंगरेप के आरोपियों पर धाराएं बढ़ाने की मांग की।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, महानगर अध्यक्ष पुष्पेंदु शर्मा, भारतीय जनता युवा मोर्चा के सुधीर पांडेय, कमल चतुर्वेदी, संजीव उपाध्याय, मोहित उपाध्याय आदि नेताओं ने एसएसपी से कहा कि शीशगढ़ में हाईस्कूल की छात्रा से दिन दहाड़े दुस्साहसिक गैंगरेप को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। भाजपा नेताओं के मुताबिक एसएसपी ने भाजपा नेताओं को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।