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बदसूरत कहा तो फांसी लगा ली
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 30 Jul 2016 01:19 AM IST
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सहेली की ओर से बदसूरत कह देना मेडिकल की तैयारी की एक छात्रा को इतना बुरा लगा कि उसने जान दे दी। घर वाले उसके इस कदम से घर वाले भौचक रह गए। पुलिस को सूचना दिए बिना उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पीपलसाना चौधरी गांव के हरिपाल यादव की 17 वर्षीय बेटी माधुरी इंटरमीडिएट करने के बाद सीपीएमटी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह रोज बरेली में एक कोचिंग सेंटर आती थी। परिवारीजनों के मुताबिक माधुरी की एक आंख कुछ छोटी थी। रंग भी श्यामल था। दो दिन पहले कोचिंग में बातचीत के दौरान उसकी एक सहेली ने उसे बदसूरत कह दिया। यह भी कहा कि उसकी शादी कैसे होगी? उसे कौन पसंद करेगा? किसी तरह शादी हो भी गई तो पति मारपीट करेगा। सहेली की ये बातें माधुरी के मन में घर कर गईं। तभी से वह मानसिक तनाव में रहने लगी। माता-पिता ने गुमसुम रहने का कारण पूछा तो उसने सारी बात बता दी। माता-पिता ने उसे काफी समझाया। इस तरह के बेवजह तंज पर ध्यान न देने की सलाह दी। यह भी कहा कि वह अपने लक्ष्य पर नजर रखे। जिस उद्देश्य से वह कोचिंग कर रही उसे पूरा कर दूषित मानसिकता वालों को जवाब दे। बृहस्पतिवार रात को घर के सभी लोग खाना खाकर सो गए। शुक्रवार सुबह हरिपाल और उनकी पत्नी शशिबाला घर के बाहर बैठे थे। तभी माधुरी ने कमरा बंद किया और फांसी पर लटकर आत्महत्या कर ली। पिता हरिपाल ने कमरा बंद देखा तो घबरा गए। उनके शोर मचाने पर इकट्ठे हुए पड़ोसियों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो माधुरी की लाश लटकी हुई थी। परिवारीजनों ने शव नीचे उतारा और इसके बाद श्मशान भूमि ले जाकर दाह संस्कार कर दिया। हरिपाल ग्राम सभा के सदस्य भी हैं। इस मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी गई।
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पीपलसाना चौधरी गांव के हरिपाल यादव की 17 वर्षीय बेटी माधुरी इंटरमीडिएट करने के बाद सीपीएमटी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह रोज बरेली में एक कोचिंग सेंटर आती थी। परिवारीजनों के मुताबिक माधुरी की एक आंख कुछ छोटी थी। रंग भी श्यामल था। दो दिन पहले कोचिंग में बातचीत के दौरान उसकी एक सहेली ने उसे बदसूरत कह दिया। यह भी कहा कि उसकी शादी कैसे होगी? उसे कौन पसंद करेगा? किसी तरह शादी हो भी गई तो पति मारपीट करेगा। सहेली की ये बातें माधुरी के मन में घर कर गईं। तभी से वह मानसिक तनाव में रहने लगी। माता-पिता ने गुमसुम रहने का कारण पूछा तो उसने सारी बात बता दी। माता-पिता ने उसे काफी समझाया। इस तरह के बेवजह तंज पर ध्यान न देने की सलाह दी। यह भी कहा कि वह अपने लक्ष्य पर नजर रखे। जिस उद्देश्य से वह कोचिंग कर रही उसे पूरा कर दूषित मानसिकता वालों को जवाब दे। बृहस्पतिवार रात को घर के सभी लोग खाना खाकर सो गए। शुक्रवार सुबह हरिपाल और उनकी पत्नी शशिबाला घर के बाहर बैठे थे। तभी माधुरी ने कमरा बंद किया और फांसी पर लटकर आत्महत्या कर ली। पिता हरिपाल ने कमरा बंद देखा तो घबरा गए। उनके शोर मचाने पर इकट्ठे हुए पड़ोसियों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो माधुरी की लाश लटकी हुई थी। परिवारीजनों ने शव नीचे उतारा और इसके बाद श्मशान भूमि ले जाकर दाह संस्कार कर दिया। हरिपाल ग्राम सभा के सदस्य भी हैं। इस मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी गई।
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