फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Shildar complained about the shops' shops, now fighting councilor

दुकानाें का मामला उलझा गए शीलधर, अब लड़ रहे पार्षद 

Fri, 09 Jun 2017 01:29 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Fri, 09 Jun 2017 01:29 AM IST
विज्ञापन
Shildar complained about the shops' shops, now fighting councilor
Shildar complained about the shops' shops, now fighting councilor - फोटो : बरेली, अमर उजाला
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में कुतुबखाना दुकानों को लेकर हर बार पार्षद झगड़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी यही स्थिति रही। तीन जून को कार्यकारिणी दो भाजपा पार्षदाें के झगड़े के चलते स्थगित की गई और 8 जून को दोबारा बैठक बुलाई गई। लेकिन आज भी इस मामले पर कोई सहमति नहीं बनी। मेयर ने नगर आयुक्त को 45 दिन में जांच करके मामला सुलझाने के लिए कहा है। 
विज्ञापन

दरअसल, यह मामला पूर्व नगर आयुक्त शीलधर यादव की वजह से पूरी तरह उलझ गया है। कुतुबखाना की दुकान अंकुर अरोरा व राधे श्याम अरोरा के नाम पर है। वर्तमान में दुकान में डॉ. अजीत साहनी के नाम पर भी आवंटन है। इस दौरान प्रेम प्रकाश आहूजा ने कमिश्नर से शिकायत की कि दुकान के बीच की दीवार को हटाकर अनाधिकृत से निर्माण करा लिया गया है और स्वरूप बदला गया है जो गलत है। बोर्ड में मामला उठा। इस पर मेयर के निर्देश पर दौरा हुआ तो मामला गलत पाया गया। नगर आयुक्त शीलधर यादव ने दुकान को सील करने के निर्देश दिये, लेकिन बाद में इसे खुलवा भी दिया। इस पर पार्षदाें की आपत्ति थी कि दुकान सील करने के बाद इसे खुलवाने के लिए कार्यकारिणी की अनुमति क्यों नहीं ली गई। भाजपा पार्षद कपिल कांत ने कहा कि जो भी पत्राचार दुकान को लेकर निगम की ओर से किया गया है उसमें पत्रांक संख्या नहीं है सिर्फ मेमो लिखा है जो संदिग्धता पता चलती है। वहीं दुकान का किराया बढ़ाने के लिए भी नगर आयुक्त का पत्र बिना पत्रांक संख्या के लिखा गया है जो गलत है। इस मामले पर अधिकतर कार्यकारिणी सदस्य मामले को निपटाने के पक्ष में दिखे लेकिन कपिल कांत की जिद के चलते मेयर ने 45 दिन में जांच का समय नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव को दे दिया है। इसके अलावा महावीर सरन की दुकान का भी ऐसा ही मामला जांच को दिया गया है। इस मौके पर मेयर डॉ. आईएस तोमर, उप सभापति उषा अरोड़ा, नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह, सहायक नगर आयुक्त निशा मिश्रा, जीएम जलकल बलराम सिंह, कार्यकारिणी सदस्य विपुल लाला, रीना गुप्ता, अनुपम चमन, रचना मेहरोत्रा, रूबी सलीम, गौरव सक्सेना, कपिल कांत, रेहान अली, अब्दुल कयूम मुन्ना, महेंद्र सिंह कनौजिया, आरिफ कुरैशी शामिल रहे।  
विज्ञापन


दुकान के चक्कर में अन्य प्रस्ताव पर चर्चा नहीं 
दुकान के चक्कर में पार्षदों के द्वारा लगाए गए 91 (2) के दो प्रस्तावाें पर चर्चा नहीं हो सकी। इसमें एक प्रस्ताव में सिटी शमशान भूमि के पास कब्रिस्तान की चार दीवारी कराने और शहामतगंज फ्लाईओवर के आसपास नालियाें में लोहे की ग्रिल लगवाने की मांग की गई थी। फरवरी माह के मासिक लेखा जोखा पर भी चर्चा नहीं हो सकी। इसमें मेयर ने आपत्ति जरूर मांगी लेकिन न आपत्ति आई न सुझाव। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 ... तो फल बेचेगा नगर निगम 
नगर निगम गांधी उद्यान में लीची और आम के बाग हैं। हर साल यहां अच्छी फसल होती है। इसका ठेका उठाने के लिए पहली बोली में कोई नहीं आया, दूसरी बोली में डेढ़ लाख रुपये का बोलीदाता मिला। लेकिन इसे कम मानकर फिर बोली लगवाई गई तो यह घटकर 58 हजार हो गई। इसे फिर निरस्त करके चौथी बोली में मात्र 20 हजार रुपये का बोलीदाता मिला है। अब निगम परेशान हैं। फल पक चुके हैं और इसके बेचने की जरूरत है। लेकिन कोई ठेकेदार नहीं मिल रहा है। मेयर ने कार्यकारिणी बैठक में विभागीय वसूली नियमानुसार कराने की बात कही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed