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नगर निगम कर्मी पर गिरी जर्जर दीवार, मौत के बाद बवाल
बरेली।
Updated Mon, 13 Mar 2017 01:02 AM IST
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Shabby wall collapsed on municipal corporation, after death
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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ईंट पजाया चौराहा के पास खान टिंबर हाउस की दीवार गिरने से मलबे में दबकर नगर निगम के सफाई कर्मचारी की मौत हो गई। लोगों ने मलबा हटाकर बचाने की कोशिश की लेकिन देर हो चुकी थी। टिंबर मालिक की लापरवाही से हादसा होने का हवाला देते हुए सैकड़ों लोगों ने कर्मचारी का शव ईंट पजाया चौराहा पर रखकर जाम लगा दिया। एसपी सिटी समीर सौरभ, एसपी ट्रैफिक ओपी यादव, एलआइयू सीओ राकेश पांडेय सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। लोगों को समझाने की कोशिशें शुरू हुई, लेकिन गुस्साई भीड़ टिंबर मालिक की गिरफ्तारी चाहती थी। पुलिस के अधिकारियों के गिरफ्तारी के आश्वासन और टिंबर हाउस को सीज करने के बाद लोगों ने करीब ढाई गंटे बाद जाम खोल दिया। बारादरी थाने में टिंबर मालिक के खिलाफ गैर इरादत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
ईंट पजाया चौराहा के पास पुराना शहर निवासी नाजिम का खान टिंबर हाउस है। टिंबर हाउस से सटी वाल्मीकि बस्ती में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के परिवार रहते हैं। शिव मूर्ति कांत उर्फ पप्पू (45) पुत्र शिव लाल नगर निगम के सफाई कर्मचारी थे। रविवार दोपहर करीब एक बजे वह अपने बेेटे अमन के साथ होली की सजावट कर रहे थे। टिंबर हाउस की दीवार पर सीढ़ी लगाकर साउंड सिस्टम लगाया जा रहा था। वह सीढ़ी से नीचे उतरकर सजावट करने लगे, इसी दौरान भरभराकर टिंबर हाउस की दीवार ढह गई। दीवार के मलबे के नीचे शिव मूर्ति दब गए। दीवार ढहने की आवाज सुनकर बस्ती के लोग इकट्ठा हो गए। ईंटों के ढेर के नीचे शिव मूर्ति को ढूंढा जाने लगा। लोगों ने मशक्कत करके शिव को बाहर निकाला। उन्हें बारादरी स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
टिंबर हाउस मेें तोड़फोड़
भीड़ ने टिंबर हाउस पर पत्थरबाजी भी की, जिससे कार्यालय के खिड़की के शीशें टूट गए। पुलिस ने लोगों को शांत करवाया। लोगों के जाम लगाने के बाद शांति व्यवस्था बिगड़ते देखकर एसपी सिटी समीर सौरभ, एसपी ट्रैफिक ओपी यादव, एलआइयू सीओ राकेश पांडेय सहित प्रशासकीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पीड़ित परिवार से लंबी वार्ता के बाद रजामंदी बनी कि टिंबर मालिक को हिरासत में लिया जाएगा। परिवार की तहरीर पर बारादरी थाने में गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा लिखा गया। पुराना शहर स्थित टिंबर मालिक के घर दबिश दी गई, लेकिन वह फरार हो चुका था।
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चार थानों की पुलिस, पैरामिलिट्री तैनात
पुलिस ने लोगों को शांत करवाने के लिए खान टिंबर हाउस को तत्काल सील करवा दिया। बारादरी, प्रेमनगर, इज्जतनगर और कोतवाली का पुलिसबल होने के बाद भी लोगों के भड़के गुस्से को देखते हुए पैरा मिलिट्री को भी बुला लिया गया। एहतियातन पुलिसबल को तैनात कर दिया गया।
दीवार गिरने से हादसा हुआ है। टिंबर मालिक के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। टिंबर हाउस को सीज भी कर दिया गया है। मामले की जांच चल रही है।
-समीर सौरभ, एसपी सिटी
मलबे में ढूंढते रहे और दबे लोगों को
हादसा होने के बाद वाल्मीकि बस्ती के लोग दौड़कर मौके पर पहुंच गए। लोगों को पहले यही समझ नहीं आया कि कितने लोग दबें हैं और कहां। ईट को उठाकर टिंबर हाउस के अंदर ही फेंका जाने लगा। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद नगर निगम कर्मचारी को बाहर निकाला जा सका। एक बच्चे के दबे होने की सूचना पर लोग उसे भी मलबे में ढूंढते रहे, हालांकि कुछ देर बात पता चला कि कोई बच्चा नहीं दबा है।
डेढ़ साल से मरम्मत को लोग कर रहे थे शिकायत
आरोप है कि करीब डेढ़ साल से दीवार की मरम्मत के लिए टिंबर मालिक को कहा जा रहा था, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं था। जिसका खामियाजा शिव मूर्ति को अपनी जान देकर चूकाना पड़ा। लंबे समय से दीवार की मरम्मत की शिकायतों को अनदेखा करने के बाद हुए हादसा से लोग खासे आक्रोशित नजर आए।
दीवार की चपेट में बस्ती के तीन मकान
शिव मूर्ति के अतिरिक्त बस्ती के भगवान दास और अर्जुन कुमार के घर भी प्रभावित हुए हैं। भगवान दास की साइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई। शिवमूर्ति के घर के अंदर तक दीवार का मलबा गिरा पड़ा था। लोग इसलिए भी नाराज थे कि दीवार हाथ लगाने से भी ढही जा रही थी।
दो परिवार का एकमात्र सहारा था शिव मूर्ति
-छोटे भाई की मौत के बाद पांच बच्चों के भरण पोषण की थी जिम्मेदारी
हर साल करता था होली की सजावट
बरेली । शिव मूर्ति दो परिवारों का अकेला सहारा थे। पांच भाईयों में सबसे बड़े शिवमूर्ति के छोटे भाई बड़े की बीमारी से मौत के बाद उनके पांच बच्चों के भरण पोषण की जिम्मेदारी भी शिव ने अपने कंधे पर ले ली थी। परिवार में भी वह सभी की मदद करते थे। शिव की पत्नी ऊषा से उन्हें चार बच्चे थे। बेटे शिवम, अमर, बेटियां शिवानी और संजना सभी साथ में रहते थे। हादसा में शिव की मौत के बाद पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।
शिव मूर्ति का छोटा भाई राजू टेंट हाउस में काम करता है। रामू बैल कोल्हू की फैक्ट्री में काम करता है। श्यामू प्राइवेट नौकरी करता है। उसकी तीन बहनें हैं। जिस वक्त हादसा हुआ छोटी बहन सुधा घर पर मौजूद थी। हादसे के बाद वह सबसे पहले बाहर निकली। भाई के दबे होने की खबर पर वह पागलों की तरह ईटें हटाने लगी। डॉक्टरों के शिव को मृत घोषित करने के बाद भी वह मानने को तैयार नही थी कि उसका भाई अब इस दुनिया में नहीं रहा है। पत्नी ऊषा भी विलाप करते हुए बेहोश होती नजर आई। लोग परिवार को सांत्वना देते हुए संभालते रहे। बेहद सामाजिक व्यक्ति शिव मूर्ति की असमय मौत का पूरी बस्ती को दुख था।
होली की करता था सजावट
शिव हर होली पर बस्ती की गली की सजावट करता था। होलिका दहन से पहले साउंड सिस्टम लगाता था। लोगों ने बताया कि होली की सजावट के दौरान ही हादसा हुआ था
होली से ठीक पहले बिगड़ा त्योहार
परिवार होली की तैयारियों में व्यस्त था, लेकिन एक हादसा ने खुशियों के माहौल में मातम छा गया। छोटी होली के दिन हुए हादसा से लोगों के दिल रो पड़े। शिव का शव लेकर चौराहा पर धरना देते हुए लोग जार जार रो रहे थे।
एक दिन बाद हादसा होता तो जाती कई जानें
लोगों में चर्चा थी कि अगर एक दिन बाद रंग चलने के दौरान हादसा होता तो कई की जान पर बन आती। दरअसल, गली के बाहर डीजे लगाकर लोग डांस करते हैं, यहां जमकर होली खेली जाती है। बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा रहता है। टिंबर मालिक नाजिम कांकरटोला में पार्षद रह चुका है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार से अच्छे संबंध थे। रविवार को जब सीढ़ी लगाकर शिव मूर्ति सजावट कर रहा था, तो उन्होंने मना भी किया था। उन्होंने बताया कि मुहल्ले के लोगों से दीवार को लेकर कोई विवाद नहीं था। उत्तर प्रदेश के स्वच्छकार महासमिति के जिला संयोजक राजकुमार समदर्शी भी नगर निगम कर्मचारी के परिवार की मदद के लिए पहुंचे। कांग्रेसी नेता अमजद सलीम भी मौके पर पहुंचे।
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ईंट पजाया चौराहा के पास पुराना शहर निवासी नाजिम का खान टिंबर हाउस है। टिंबर हाउस से सटी वाल्मीकि बस्ती में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के परिवार रहते हैं। शिव मूर्ति कांत उर्फ पप्पू (45) पुत्र शिव लाल नगर निगम के सफाई कर्मचारी थे। रविवार दोपहर करीब एक बजे वह अपने बेेटे अमन के साथ होली की सजावट कर रहे थे। टिंबर हाउस की दीवार पर सीढ़ी लगाकर साउंड सिस्टम लगाया जा रहा था। वह सीढ़ी से नीचे उतरकर सजावट करने लगे, इसी दौरान भरभराकर टिंबर हाउस की दीवार ढह गई। दीवार के मलबे के नीचे शिव मूर्ति दब गए। दीवार ढहने की आवाज सुनकर बस्ती के लोग इकट्ठा हो गए। ईंटों के ढेर के नीचे शिव मूर्ति को ढूंढा जाने लगा। लोगों ने मशक्कत करके शिव को बाहर निकाला। उन्हें बारादरी स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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टिंबर हाउस मेें तोड़फोड़
भीड़ ने टिंबर हाउस पर पत्थरबाजी भी की, जिससे कार्यालय के खिड़की के शीशें टूट गए। पुलिस ने लोगों को शांत करवाया। लोगों के जाम लगाने के बाद शांति व्यवस्था बिगड़ते देखकर एसपी सिटी समीर सौरभ, एसपी ट्रैफिक ओपी यादव, एलआइयू सीओ राकेश पांडेय सहित प्रशासकीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पीड़ित परिवार से लंबी वार्ता के बाद रजामंदी बनी कि टिंबर मालिक को हिरासत में लिया जाएगा। परिवार की तहरीर पर बारादरी थाने में गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा लिखा गया। पुराना शहर स्थित टिंबर मालिक के घर दबिश दी गई, लेकिन वह फरार हो चुका था।
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चार थानों की पुलिस, पैरामिलिट्री तैनात
पुलिस ने लोगों को शांत करवाने के लिए खान टिंबर हाउस को तत्काल सील करवा दिया। बारादरी, प्रेमनगर, इज्जतनगर और कोतवाली का पुलिसबल होने के बाद भी लोगों के भड़के गुस्से को देखते हुए पैरा मिलिट्री को भी बुला लिया गया। एहतियातन पुलिसबल को तैनात कर दिया गया।
दीवार गिरने से हादसा हुआ है। टिंबर मालिक के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। टिंबर हाउस को सीज भी कर दिया गया है। मामले की जांच चल रही है।
-समीर सौरभ, एसपी सिटी
मलबे में ढूंढते रहे और दबे लोगों को
हादसा होने के बाद वाल्मीकि बस्ती के लोग दौड़कर मौके पर पहुंच गए। लोगों को पहले यही समझ नहीं आया कि कितने लोग दबें हैं और कहां। ईट को उठाकर टिंबर हाउस के अंदर ही फेंका जाने लगा। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद नगर निगम कर्मचारी को बाहर निकाला जा सका। एक बच्चे के दबे होने की सूचना पर लोग उसे भी मलबे में ढूंढते रहे, हालांकि कुछ देर बात पता चला कि कोई बच्चा नहीं दबा है।
डेढ़ साल से मरम्मत को लोग कर रहे थे शिकायत
आरोप है कि करीब डेढ़ साल से दीवार की मरम्मत के लिए टिंबर मालिक को कहा जा रहा था, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं था। जिसका खामियाजा शिव मूर्ति को अपनी जान देकर चूकाना पड़ा। लंबे समय से दीवार की मरम्मत की शिकायतों को अनदेखा करने के बाद हुए हादसा से लोग खासे आक्रोशित नजर आए।
दीवार की चपेट में बस्ती के तीन मकान
शिव मूर्ति के अतिरिक्त बस्ती के भगवान दास और अर्जुन कुमार के घर भी प्रभावित हुए हैं। भगवान दास की साइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई। शिवमूर्ति के घर के अंदर तक दीवार का मलबा गिरा पड़ा था। लोग इसलिए भी नाराज थे कि दीवार हाथ लगाने से भी ढही जा रही थी।
दो परिवार का एकमात्र सहारा था शिव मूर्ति
-छोटे भाई की मौत के बाद पांच बच्चों के भरण पोषण की थी जिम्मेदारी
हर साल करता था होली की सजावट
बरेली । शिव मूर्ति दो परिवारों का अकेला सहारा थे। पांच भाईयों में सबसे बड़े शिवमूर्ति के छोटे भाई बड़े की बीमारी से मौत के बाद उनके पांच बच्चों के भरण पोषण की जिम्मेदारी भी शिव ने अपने कंधे पर ले ली थी। परिवार में भी वह सभी की मदद करते थे। शिव की पत्नी ऊषा से उन्हें चार बच्चे थे। बेटे शिवम, अमर, बेटियां शिवानी और संजना सभी साथ में रहते थे। हादसा में शिव की मौत के बाद पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।
शिव मूर्ति का छोटा भाई राजू टेंट हाउस में काम करता है। रामू बैल कोल्हू की फैक्ट्री में काम करता है। श्यामू प्राइवेट नौकरी करता है। उसकी तीन बहनें हैं। जिस वक्त हादसा हुआ छोटी बहन सुधा घर पर मौजूद थी। हादसे के बाद वह सबसे पहले बाहर निकली। भाई के दबे होने की खबर पर वह पागलों की तरह ईटें हटाने लगी। डॉक्टरों के शिव को मृत घोषित करने के बाद भी वह मानने को तैयार नही थी कि उसका भाई अब इस दुनिया में नहीं रहा है। पत्नी ऊषा भी विलाप करते हुए बेहोश होती नजर आई। लोग परिवार को सांत्वना देते हुए संभालते रहे। बेहद सामाजिक व्यक्ति शिव मूर्ति की असमय मौत का पूरी बस्ती को दुख था।
होली की करता था सजावट
शिव हर होली पर बस्ती की गली की सजावट करता था। होलिका दहन से पहले साउंड सिस्टम लगाता था। लोगों ने बताया कि होली की सजावट के दौरान ही हादसा हुआ था
होली से ठीक पहले बिगड़ा त्योहार
परिवार होली की तैयारियों में व्यस्त था, लेकिन एक हादसा ने खुशियों के माहौल में मातम छा गया। छोटी होली के दिन हुए हादसा से लोगों के दिल रो पड़े। शिव का शव लेकर चौराहा पर धरना देते हुए लोग जार जार रो रहे थे।
एक दिन बाद हादसा होता तो जाती कई जानें
लोगों में चर्चा थी कि अगर एक दिन बाद रंग चलने के दौरान हादसा होता तो कई की जान पर बन आती। दरअसल, गली के बाहर डीजे लगाकर लोग डांस करते हैं, यहां जमकर होली खेली जाती है। बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा रहता है। टिंबर मालिक नाजिम कांकरटोला में पार्षद रह चुका है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार से अच्छे संबंध थे। रविवार को जब सीढ़ी लगाकर शिव मूर्ति सजावट कर रहा था, तो उन्होंने मना भी किया था। उन्होंने बताया कि मुहल्ले के लोगों से दीवार को लेकर कोई विवाद नहीं था। उत्तर प्रदेश के स्वच्छकार महासमिति के जिला संयोजक राजकुमार समदर्शी भी नगर निगम कर्मचारी के परिवार की मदद के लिए पहुंचे। कांग्रेसी नेता अमजद सलीम भी मौके पर पहुंचे।