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स्कूटी पर जा रहे भाई-बहन की ट्रक से कुचलकर मौत
बरेली।
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:59 AM IST
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हादसे से दुख्ाी छात्राएं
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सौ फुटा रोड पर बुधवार सुबह तेज गति से जा रहे ट्रक ने स्कूटी में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है। इनके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में अब सिर्फ एक भाई ही बचा है।
फतेहगंज पूर्वी कस्बे के निवासी दुर्गेश पाठक डब्ल्यूएचओ के फील्ड ऑफिस में तैनात थे। कुछ साल पहले उन्होंने हरुनगला में मकान बनवाया था और यहीं आकर रहने लगे थे। डेढ़ साल पहले उनकी पत्नी नीलम पाठक की कैंसर से मौत हो गई थी, जबकि डेढ़ महीने पहले इसी बीमारी ने दुर्गेश पाठक की भी जान ले ली थी। उनकी बेटी प्रिया पाठक डब्ल्यूएचओ में ट्रेनिंग कर रही थी तो बेटा हर्षित रीजनल कॉलेज से बीसीए प्रथम वर्ष का छात्र था। बुधवार सुबह हर्षित को कॉलेज छोड़ने के लिए प्रिया स्कूटी लेकर निकली। जैसे ही दोनों सौ फुटा रोड पर पहुंचे, पीछे से आए ट्रक ने स्कूटी में टक्कर मार दी। हर्षित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रिया ने अस्पताल ले जाते वक्त दम तोड़ दिया। सूचना पर परिवारवाले और रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए। पोस्टमार्टम हाउस पर भी खासी भीड़ थी। बैरियर टू चौकी पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया। चालक फरार हो गया।
अकेला रह गया साकेत
दुर्गेश पाठक का बड़ा पुत्र साकेत दिल्ली में रहकर बीएससी कर रहा है। माता-पिता के बाद छोटे भाई-बहन की मौत से अब वह परिवार का अकेला सदस्य रह गया है। पुलिस ने फोन से उसे हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही वह बरेली के लिए निकल पड़ा।
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एक दिन पहले ही मिला था लाइसेंस
प्रिया होनहार लड़की थी। उसने बीएससी (नर्सिंग) कर रखा था। फिलहाल सिविल लाइंस स्थित ऑफिस में उसकी ट्रेनिंग चल रही थी, जिसके बाद उसे डब्ल्यूएचओ में जॉब मिल जाती। माता-पिता की मौत के बाद वही अभिभावक की तरह हर्षित की देखभाल कर रही थी। कुछ दिन पहले उसने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर टेस्ट दिया था। एक दिन पहले ही उसका लर्निंग लाइसेंस बनकर आया था।
फतेहगंज पूर्वी कस्बे के निवासी दुर्गेश पाठक डब्ल्यूएचओ के फील्ड ऑफिस में तैनात थे। कुछ साल पहले उन्होंने हरुनगला में मकान बनवाया था और यहीं आकर रहने लगे थे। डेढ़ साल पहले उनकी पत्नी नीलम पाठक की कैंसर से मौत हो गई थी, जबकि डेढ़ महीने पहले इसी बीमारी ने दुर्गेश पाठक की भी जान ले ली थी। उनकी बेटी प्रिया पाठक डब्ल्यूएचओ में ट्रेनिंग कर रही थी तो बेटा हर्षित रीजनल कॉलेज से बीसीए प्रथम वर्ष का छात्र था। बुधवार सुबह हर्षित को कॉलेज छोड़ने के लिए प्रिया स्कूटी लेकर निकली। जैसे ही दोनों सौ फुटा रोड पर पहुंचे, पीछे से आए ट्रक ने स्कूटी में टक्कर मार दी। हर्षित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रिया ने अस्पताल ले जाते वक्त दम तोड़ दिया। सूचना पर परिवारवाले और रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए। पोस्टमार्टम हाउस पर भी खासी भीड़ थी। बैरियर टू चौकी पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया। चालक फरार हो गया।
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अकेला रह गया साकेत
दुर्गेश पाठक का बड़ा पुत्र साकेत दिल्ली में रहकर बीएससी कर रहा है। माता-पिता के बाद छोटे भाई-बहन की मौत से अब वह परिवार का अकेला सदस्य रह गया है। पुलिस ने फोन से उसे हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही वह बरेली के लिए निकल पड़ा।
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एक दिन पहले ही मिला था लाइसेंस
प्रिया होनहार लड़की थी। उसने बीएससी (नर्सिंग) कर रखा था। फिलहाल सिविल लाइंस स्थित ऑफिस में उसकी ट्रेनिंग चल रही थी, जिसके बाद उसे डब्ल्यूएचओ में जॉब मिल जाती। माता-पिता की मौत के बाद वही अभिभावक की तरह हर्षित की देखभाल कर रही थी। कुछ दिन पहले उसने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर टेस्ट दिया था। एक दिन पहले ही उसका लर्निंग लाइसेंस बनकर आया था।