फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Roadways bus crushed by innocent school going

स्कूल जा रही मासूम को रोडवेज बस ने कुचल दिया

Thu, 18 Aug 2016 01:47 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Thu, 18 Aug 2016 01:47 AM IST
विज्ञापन
नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। पड़ोसी की बाइक से स्कूल जा रही नौ साल की छात्रा को रोडवेज बस ने कुचल दिया। उसकी मौैके पर ही मौत हो गई। हादसे में बाइक सवार और उसकी बेटी घायल हो गई। ड्राइवर और कंडक्टर बस छोड़कर भाग गए। गुस्साए लोगों ने हाईवे पर जमकर हंगामा भी किया। 
विज्ञापन

सीबीगंज के जौहरपुर गांव के आटा चक्की मालिक परमानंद की नौ वर्षीय बेटी गरिमा जेपी एकेडमी में तीसरी में पढ़ती थी। इसी स्कूल में परमानंद के पड़ोसी पप्पू अली की आठ साल की बेटी गुलनाज भी पढ़ती है। बुधवार सुबह पप्पू बाइक पर अपनी बेटी गुलनाज को स्कूल छोड़ने जा रहे थे। परमानंद ने अपनी बेटी गरिमा को भी उनके साथ भेज दिया। पप्पू के मुताबिक बाइक जीटीआई के पास नेशनल हाईवे पार करके जेपी एकेडमी के सामने पहुंची होगी तभी रामपुर की ओर से आई रुहेलखंड डिपो की बस यूपी 25 एटी 3713 ने टक्कर मार दी। अचानक टक्कर लगने से बाइक पर पीछे बैठी गरिमा छिटककर रोड पर जा गिरी। पप्पू और उनकी बेटी बाइक समेत दूसरी तरफ जा गिरे। आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे तो गरिमा की सांसें थम चुकी थी। भीड़ जमा होते ही बस का ड्राइवर और कंडक्टर भाग गए। इस पर लोगों ने हंगामा कर दिया। पुलिस ने उन्हें शांत कर घायलों को मिनी बाईपास रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया। उधर, हादसे की सूचना मिली तो परिवारीजन रोते बिलखते मौके पर पहुंच गए। इसके बाद बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
विज्ञापन

ओवरटेक करते समय हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बच्चों को स्कूल पहुंचाने जा रहे पप्पू अली नेशनल हाइवे पार कर चुके थे। उसी समय रोडवेज बस ड्राइवर ने अपने आगे चल रहे ट्रक को ओवरटेक कर दिया और विपरीत दिशा से होकर निकली। पप्पू कुछ समझ पाते इससे पहले बस ने बाइक में टक्कर मार दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

बेटी को अफसर बनाना चाहते थे घरवाले
परमानंद के दो बेटियां गरिमा, अंजलि और एक बेटा कुनाल हैं। उनकी ख्वाहिश बेटी गरिमा को अफसर बनाने की थी। वह अपना खर्च कम करके बेटी को प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रहे थे। गरिमा भी पढ़ाई लिखाई में होशियार थी। खेलों में भी रुचि रखती थी मगर परमानंद की इच्छा अधूरी रह गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed