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रिठौरा में पकड़े संदिग्धों की रिहाई लटकी
बरेली
Updated Tue, 12 Jan 2016 01:52 AM IST
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बरेली। पठानकोट में आतंकी हमला होने के बाद वेस्ट यूपी में आने वाले कश्मीरियों की खुफिया एजेंसियों ने कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। गृह मंत्रालय ने सभी जिलों के पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को चेकिंग करने की हिदायत दी है। हाफिजगंज के रिठौरा में मोबाइल फोन रिचार्ज कराते पकड़े गए दो कश्मीरियों की रिहाई पर भी अब तक फैसला नहीं हो पाया है। हालांकि कॉल डिटेल खंगालने पर उनके संबंध में कोई संदिग्ध जानकारी नहीं मिल पाई है। दो कश्मीरियों के परिवार वालों को बुलाया गया है। मंगलवार को उनके आने के बाद ही उनकी रिहाई पर फैसला होगा।
सर्दी के दिनों हर हाल कश्मीर से हजारों की तादाद में लोग इमदाद मांगने के बहाने आते हैं। इस साल भी कश्मीर से लोगों के आने का सिलसिला चल रहा है। वेस्ट यूपी के मुस्लिम आबादी वाले मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, अलीगढ़, अमरोहा, रामपुर, बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों में इमदाद मांगने के बहाने से सबसे ज्यादा कश्मीरी आ रहे हैं। पठानकोट में आतंकी हमला होने के बाद त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा को लेकर संजीदा इज्जतनगर पुलिस ने दो कश्मीरी पकड़ लिए थे। उनके पते तस्दीक कराने के बाद दोनों को रिहा कर दिया। शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ के मोरहा (सूरनकोट) निवासी मोहब्बत हुसैन पुत्र असलम और जफर इकबाल पुत्र बरकत हुसैन को पुलिस ने रिठौरा से पकड़कर उनके बारे में छानबीन करा ली है। उनके बारे में तस्दीक कराने के बाद यह भी पता लग गया है कि वह इमदाद मांगने के लिए ही आए थे। दोनों की कॉल डिटेल भी सोमवार को मिल गई। कॉल डिटेल से भी कुछ नहीं मिला है। एसओ धर्मेंद्र कु मार ने बताया कि पहले कश्मीरी युवकों ने अपनी आईडी के सिम खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन दुकानदार देने के लिए तैयार नहीं हुआ। उसने 70 रुपये लेकर बिना आईडी के ही उन्हें सिम दे दिया था। उस सिम से भी कोई संदिग्ध कॉल नहीं हुई है। तुलाशेरपुर की मस्जिद से उन्हें तीन हजार रुपये मिले थे। इसके बाद उन्होंने गांव में घूमकर मस्जिद के लिए इमदाद मांगी थी। एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि कश्मीरियों की रिहाई के लिए संयुक्त रिपोर्ट बनेगी। उनके परिवार वाले भी मंगलवार को बरेली आ रहे हैं। आला अफसरों से बात करके उन्हें उनके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
सुरक्षा के लिहाज से संदिग्धों पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। बरेली जोन में आने वाले कश्मीरियों को भी चेक कराया जा रहा है। किसी को भी कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आए तो पुलिस को सूचना दे- विजय सिंह मीना, आईजी
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सर्दी के दिनों हर हाल कश्मीर से हजारों की तादाद में लोग इमदाद मांगने के बहाने आते हैं। इस साल भी कश्मीर से लोगों के आने का सिलसिला चल रहा है। वेस्ट यूपी के मुस्लिम आबादी वाले मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, अलीगढ़, अमरोहा, रामपुर, बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों में इमदाद मांगने के बहाने से सबसे ज्यादा कश्मीरी आ रहे हैं। पठानकोट में आतंकी हमला होने के बाद त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा को लेकर संजीदा इज्जतनगर पुलिस ने दो कश्मीरी पकड़ लिए थे। उनके पते तस्दीक कराने के बाद दोनों को रिहा कर दिया। शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ के मोरहा (सूरनकोट) निवासी मोहब्बत हुसैन पुत्र असलम और जफर इकबाल पुत्र बरकत हुसैन को पुलिस ने रिठौरा से पकड़कर उनके बारे में छानबीन करा ली है। उनके बारे में तस्दीक कराने के बाद यह भी पता लग गया है कि वह इमदाद मांगने के लिए ही आए थे। दोनों की कॉल डिटेल भी सोमवार को मिल गई। कॉल डिटेल से भी कुछ नहीं मिला है। एसओ धर्मेंद्र कु मार ने बताया कि पहले कश्मीरी युवकों ने अपनी आईडी के सिम खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन दुकानदार देने के लिए तैयार नहीं हुआ। उसने 70 रुपये लेकर बिना आईडी के ही उन्हें सिम दे दिया था। उस सिम से भी कोई संदिग्ध कॉल नहीं हुई है। तुलाशेरपुर की मस्जिद से उन्हें तीन हजार रुपये मिले थे। इसके बाद उन्होंने गांव में घूमकर मस्जिद के लिए इमदाद मांगी थी। एसपी देहात बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि कश्मीरियों की रिहाई के लिए संयुक्त रिपोर्ट बनेगी। उनके परिवार वाले भी मंगलवार को बरेली आ रहे हैं। आला अफसरों से बात करके उन्हें उनके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
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सुरक्षा के लिहाज से संदिग्धों पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। बरेली जोन में आने वाले कश्मीरियों को भी चेक कराया जा रहा है। किसी को भी कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आए तो पुलिस को सूचना दे- विजय सिंह मीना, आईजी
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