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ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी के नाम पर ठगा
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Thu, 31 Mar 2016 01:36 AM IST
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थाना आंवला के मोहल्ला गंज त्रिकोलिया की हिमानी गुप्ता से निजी बैंक में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी के बहाने ठगी कर ली गई। पीड़िता ने डीआईजी से इंसाफ की गुहार लगाई तो उन्होंने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
हिमानी ने बताया कि चार मार्च को उसके मोबाइल पर करीब एक बजे फोन आया। फोन करने वाले का कहना था कि वह साईन डाट कॉम से बोल रहा उसने कहा कि निजी बैंक की बरेली शाखा ऑफिस असिस्टेंट की जगह खाली है। अगर आप रुचि रखती हो तो अपने प्रमाण पत्र मेल कर दो। छह मार्च का उसने अपने प्रमाण पत्र मेल कर दिए। हिमानी के मुताबिक आठ मार्च को उसके मोबाइल पर फोन आया कि उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन हो गया है। अब आपको 2500 रुपयेे सिक्योरिटी जमा करनी है। यह रकम आपकी सेलरी के साथ वापस कर दी जाएगी। 9 मार्च को उसने अतुल कुमार सिंह के एकाउंट में रुपये जमा कर दिए। इसके बाद रश्मी पटेल नाम की महिला का उसके मोबाइल पर फोन आया। आपको तुरंत इंटरव्यू से पहले ढाई हजार रुपये और जमा करने हैं। इसके बाद अंकुर महरोत्रा नाम के व्यक्ति ने फोन पर ही उनका इंटरव्यू ले लिया। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग पीरियड में में आपको साढ़े 22 हजार रुपये मिलेंगे। इसके बाद तीस हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद शिखा नाम की महिला ने फोन करके हिमानी को सलेक्शन होने की जानकारी दी। अब आपको आठ हजार रुपये का बांड करना होगा। हिमानी ने फिर से अतुल कुमार सिंह के खाते में साढ़े छह हजार रुपये जमा कर दिए। इसके बाद सौरभ शर्मा का फोन आया, उसका कहना था कि आपका सेविंग एकांउट खुलना है। इसके लिए आपको अतुल कुमार के खाते में पांच हजार रुपये जमा कराने होंगे। आपका नियुक्ति पत्र ईमेल पर पहुंच जाएगा। कोरियर खर्च के रुप में 3500 रुपये जमा कराए गए। अब तक कोई नौकरी नहीं मिली। हिमानी को सबने मिलकर ठग लिया।
होटल में बुला रहा था मनोज
नौकरी के नाम पर ठगी करने का आरोपी मनोज शर्मा ने तो हिमानी गुप्ता को बात करने के बहाने एक होटल में पहुंचने को कहा। उसकी नीयत ठीक नहीं थी। हिमानी ने इंकार कर दिया। इसके वह आग बबूला हो गया।
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हिमानी ने गहने बेचकर दिए थे रुपये
हिमानी ने बताया कि उसने नौकरी के लिए अपने गहने बेचकर रुपये दिए थे, लेकिन जिस निजी बैंक के नाम से उसके साथ ठगी हुई, वहां जाकर पता किया तो मालूम हुआ वहां कोई वेकेंसी ही नहीं निकली है।
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हिमानी ने बताया कि चार मार्च को उसके मोबाइल पर करीब एक बजे फोन आया। फोन करने वाले का कहना था कि वह साईन डाट कॉम से बोल रहा उसने कहा कि निजी बैंक की बरेली शाखा ऑफिस असिस्टेंट की जगह खाली है। अगर आप रुचि रखती हो तो अपने प्रमाण पत्र मेल कर दो। छह मार्च का उसने अपने प्रमाण पत्र मेल कर दिए। हिमानी के मुताबिक आठ मार्च को उसके मोबाइल पर फोन आया कि उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन हो गया है। अब आपको 2500 रुपयेे सिक्योरिटी जमा करनी है। यह रकम आपकी सेलरी के साथ वापस कर दी जाएगी। 9 मार्च को उसने अतुल कुमार सिंह के एकाउंट में रुपये जमा कर दिए। इसके बाद रश्मी पटेल नाम की महिला का उसके मोबाइल पर फोन आया। आपको तुरंत इंटरव्यू से पहले ढाई हजार रुपये और जमा करने हैं। इसके बाद अंकुर महरोत्रा नाम के व्यक्ति ने फोन पर ही उनका इंटरव्यू ले लिया। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग पीरियड में में आपको साढ़े 22 हजार रुपये मिलेंगे। इसके बाद तीस हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद शिखा नाम की महिला ने फोन करके हिमानी को सलेक्शन होने की जानकारी दी। अब आपको आठ हजार रुपये का बांड करना होगा। हिमानी ने फिर से अतुल कुमार सिंह के खाते में साढ़े छह हजार रुपये जमा कर दिए। इसके बाद सौरभ शर्मा का फोन आया, उसका कहना था कि आपका सेविंग एकांउट खुलना है। इसके लिए आपको अतुल कुमार के खाते में पांच हजार रुपये जमा कराने होंगे। आपका नियुक्ति पत्र ईमेल पर पहुंच जाएगा। कोरियर खर्च के रुप में 3500 रुपये जमा कराए गए। अब तक कोई नौकरी नहीं मिली। हिमानी को सबने मिलकर ठग लिया।
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होटल में बुला रहा था मनोज
नौकरी के नाम पर ठगी करने का आरोपी मनोज शर्मा ने तो हिमानी गुप्ता को बात करने के बहाने एक होटल में पहुंचने को कहा। उसकी नीयत ठीक नहीं थी। हिमानी ने इंकार कर दिया। इसके वह आग बबूला हो गया।
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हिमानी ने गहने बेचकर दिए थे रुपये
हिमानी ने बताया कि उसने नौकरी के लिए अपने गहने बेचकर रुपये दिए थे, लेकिन जिस निजी बैंक के नाम से उसके साथ ठगी हुई, वहां जाकर पता किया तो मालूम हुआ वहां कोई वेकेंसी ही नहीं निकली है।