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विवेचनाएं लटकाने में नवाबगंज नंबर वन
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 09 Sep 2016 01:37 AM IST
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विवेचनाएं लटकाने में जिले का नवाबगंज थाना नंबर वन है। शहरी क्षेत्र के थानों में कोतवाली सबसे आगे और बारादरी थाना दूसरे नंबर पर है। 39 गंभीर अपराधों की विवेचना पिछले कई महीने से लंबित हैं। मुकदमों की ये दशा तब है जब हर महीने जिले से लेकर आईजी तक अपराध समीक्षा बैठक करते हैं।
जिले में 296 विवेचनाएं लंबित हैं। इनमें सबसे अधिक 40 विवेनाएं थाना नवाबगंज में है। देहात के थानों में दूसरे नंबर पर देखें तो फरीदपुर में 21 विवेचनाएं चल रही हैं। शहर में सबसे अधिक 26 विवेचना कोतवाली में पेंडिंग हैं। थाना बारादरी 24 मुकदमों के साथ दूसरे नंबर पर है। महिला थाने में 18, कैंट 14, इज्जतनगर 13, सीबीगंज 9, किला 7, सुभाषनगर 4, बिथरी चैनपुर 2, भोजीपुरा 13, फतेहगंज पश्चिमी 12, बहेड़ी 10, सिरौली 9, हाफिजगंज 7, शेरगढ़ 6, मीरगंज 6, आंवला 6, बिशारतगंज 5, अलीगंज 4, भमोरा 3, देवरनियां 3, भुता एक विवेचना लंबित है। विवेचक ओआर के वक्त के लिए बहाना तलाश लेते हैं। इसकी वजह से किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती है।
केस-वन
थाना कैं ट के नकटिया में डॉक्टर बाल किशन की कोठी में 28 अप्रैल 2015 को डकैती हो गई थी। तत्कालीन डीजीपी के आश्वासन के बाद भी घटना का खुलासा नहीं हो पाया। पुलिस अभी तक इस विवेचना को लटकाए है।
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केस-दो
गार्डन सिटी में 20 सिंतबर 2015 को रिटायर बीडीओ और उनकी पत्नी पर बदमाशों ने हमला कर दिया था। उनकी स्कूटी भी बदमाश लूटकर ले गए थे। पत्नी की घटना के दिन ही मौत हो गई थी। बाद में बीडीओ ने भी दम तोड़ दिया था।
केस-तीन
थाना इज्जतनगर के मुंशीनगर में सराफ अब्दुल हसन के यहां दस फरवरी 2016 को 40 लाख रुपये की डकैती का पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर पाई है। उनकी गिरवीं गांठें भी सराफ हड़पने से चक्कर में है। उसकी कोई सुनने को तैयार नहीं है।
महिला उत्पीड़न के मामले भी लटकाए
मानीटरिंग की कमी की वजह से पुलिस लापरवाह होती जा रही है। महिला थाने की पुलिस भी सही के काम नहीं कर रही है। 18 विवेचनाओं को दरोगा लटकाए हैं। महिलाएं इंसाफ न मिलने की वजह से परेशान घूमती रहती हैं।
लंबित विवेचनाओं को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। अब संगीन मामलों में एक-एक करके विवेचकों को बुलाकर प्रगति पूछी जाएगी। ताकि विवेचनाओं का समय से निस्तारण हो जाए। विवेचना लटकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी- आशुतोष कुमार, डीआईजी
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जिले में 296 विवेचनाएं लंबित हैं। इनमें सबसे अधिक 40 विवेनाएं थाना नवाबगंज में है। देहात के थानों में दूसरे नंबर पर देखें तो फरीदपुर में 21 विवेचनाएं चल रही हैं। शहर में सबसे अधिक 26 विवेचना कोतवाली में पेंडिंग हैं। थाना बारादरी 24 मुकदमों के साथ दूसरे नंबर पर है। महिला थाने में 18, कैंट 14, इज्जतनगर 13, सीबीगंज 9, किला 7, सुभाषनगर 4, बिथरी चैनपुर 2, भोजीपुरा 13, फतेहगंज पश्चिमी 12, बहेड़ी 10, सिरौली 9, हाफिजगंज 7, शेरगढ़ 6, मीरगंज 6, आंवला 6, बिशारतगंज 5, अलीगंज 4, भमोरा 3, देवरनियां 3, भुता एक विवेचना लंबित है। विवेचक ओआर के वक्त के लिए बहाना तलाश लेते हैं। इसकी वजह से किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती है।
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केस-वन
थाना कैं ट के नकटिया में डॉक्टर बाल किशन की कोठी में 28 अप्रैल 2015 को डकैती हो गई थी। तत्कालीन डीजीपी के आश्वासन के बाद भी घटना का खुलासा नहीं हो पाया। पुलिस अभी तक इस विवेचना को लटकाए है।
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केस-दो
गार्डन सिटी में 20 सिंतबर 2015 को रिटायर बीडीओ और उनकी पत्नी पर बदमाशों ने हमला कर दिया था। उनकी स्कूटी भी बदमाश लूटकर ले गए थे। पत्नी की घटना के दिन ही मौत हो गई थी। बाद में बीडीओ ने भी दम तोड़ दिया था।
केस-तीन
थाना इज्जतनगर के मुंशीनगर में सराफ अब्दुल हसन के यहां दस फरवरी 2016 को 40 लाख रुपये की डकैती का पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर पाई है। उनकी गिरवीं गांठें भी सराफ हड़पने से चक्कर में है। उसकी कोई सुनने को तैयार नहीं है।
महिला उत्पीड़न के मामले भी लटकाए
मानीटरिंग की कमी की वजह से पुलिस लापरवाह होती जा रही है। महिला थाने की पुलिस भी सही के काम नहीं कर रही है। 18 विवेचनाओं को दरोगा लटकाए हैं। महिलाएं इंसाफ न मिलने की वजह से परेशान घूमती रहती हैं।
लंबित विवेचनाओं को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। अब संगीन मामलों में एक-एक करके विवेचकों को बुलाकर प्रगति पूछी जाएगी। ताकि विवेचनाओं का समय से निस्तारण हो जाए। विवेचना लटकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी- आशुतोष कुमार, डीआईजी