फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Lucknow highway nine hours jam

बरेली-लखनऊ हाईवे रहा नौ घंटे जाम

Tue, 02 Aug 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Tue, 02 Aug 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
नेशनल हाईवे पर बुलंदशहर की घटना के बाद भी पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। बुखारा रोड पर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने हाईवे पर ट्रक रोक दिए। ड्राइवरों ने अपने वाहन रोड पर आड़े तिरछे खड़े कर दिए। इसके चलते फरीदपुर कस्बे से शुरू हुआ बरेली लखनऊ हाईवे पर जाम नौ घंटे तक लगा रहा।
विज्ञापन

हाईवे पर रात 10 बजे सफर करने वाले यात्रियों को अपना वाहन जाम से निकालने के लिए सुबह सात बजे तक इंतजार करना पड़ा। जाम में चार एंबुलेंस भी फंसी रहीं। पुलिस ने उनको भी जाम से निकलवाने की जहमत नहीं उठाई। दोनों तरफ सैकड़ों वाहन फंसे रहे। कई लोगों को यात्रा निरस्त करनी पड़ी और बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। 
विज्ञापन

दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर शाहजहांपुर और बरेली के बीच में फरीदपुर से पचौमी तक लगभग चार किलोमीटर तक रविवार की रात 10 बजे अचानक जाम लग गया। बताया गया कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस ने बुखारा रोड पर जाने के लिए फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी में ट्रक रोक दिए। ड्राइवरों ने ट्रक और अन्य भारी वाहनों को हाईवे पर आड़े तिरछे तरीके से खड़ा कर दिया। इसके चलते चार किलोमीटर लंबा जाम लगा। इसमें शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, गोरखपुर, बनारस और इलाहाबाद जाने वाली रोडवेज बसें, ट्रक और छोटे वाहन जाम में फंस गए। रात 10 बजे से लेकर सुबह साढ़े छह बजे तक जाम लगा रहा। दिल्ली से परिवार के साथ हरदोई लौट रहे नितिन अग्रवाल ने बताया कि रात 10 बजे फरीदपुर के आगे जाम खुलने का पूरी रात इंतजार करते रहे। सोमवार को सुबह सात बजे जाम खुला। जाम में चार एंबुलेंस भी फंसी रहीं। यात्रियों की मानें तो हाईवे पर जाम खुलवाने के लिए कहीं भी पुलिस नजर नहीं आई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

कांवड़ियों के चक्कर में रूट डायवर्जन के लिए बुखारा रोड पर जाने से रोकने के लिए ट्रकों को खड़ा करा लिया गया था। मुझे भी जाम की सूचना सुबह मिली। एंबुलेंस फंसने की बात जानकारी में नही है। -ओपी यादव, एसपी ट्रैफिक 
एसपी ट्रैफिक और सीओ तो चैन की सांस सोते रहे
हजारों यात्री रात भर जाम में फंसे रहे और एसपी ट्रैफिक ओपी यादव सोते रहे। उनको जाम लगने की घटना की जानकारी रात भर नहीं हो पाई। एसओ सज्जाद अख्तर अब कावंड़ियों पर जाम लगने का ठीकरा फोड़कर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। 
सीओ नीति द्विवेदी को भी रात भर हाईवे पर ट्रैफिक जाम की जानकारी नहीं लगी। बुखारा मोड़ पर अगर पुलिस अपने वीवीआईपी अफसर की गाड़ी जाम के बीच में से नहीं निकलवाती तो इतना लंबा जाम रात भर नहीं लगता और यात्री बेहाल नहीं होते। ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी है कि हाईवे समेत तमाम मार्गों पर वाहनों का आवागमन सुचारु रहे और जाम न लगने पाए। लेकिन ट्रैफिक पुलिस वसूली प्वाइंटों और शहर के चौराहों तक सीमित होकर रह गई है। ग्रामीण क्षेत्र या हाईवे पर जाम लग जाए तो उसे संबंधित इलाके की पुलिस के ऊपर ठेल दिया जाता है। ट्रैफिक पुलिस शाम ढलते ही बड़ा बाईपास पर आपको दौड़ते हुए मिल जाएगी। जहां से भारी वाहन निकलते हैं, उन चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस के सिपाही सुबह से रात तक खड़े रहते हैं। सेटेलाइट, चौपुला चौराहा, मिनी बाईपास समेत तमाम चौराहे इसका जीता जागता उदाहरण हैं। 
डेड बॉडी ले जा रही एंबुलेंस को भी नहीं मिला रास्ता
गुड़गांव में 19 घंटे का जाम की बात अभी लोग भूले भी नहीं कि लखनऊ-दिल्ली हाइवे पर नौ घंटे के जाम ने यात्रियों को परेशान करके रख दिया। इसमें बड़ी संख्या में एंबुलेंस भी रात भर फंसी रहीं। फतेहगंज पूर्वी के कमल किशोर अपने ससुर का शव रुहेलखंड मेडिकल कालेज से घर ले जा रहे थे। रात भर उनको रास्ता नहीं मिला। उनकी एंबुलेंस सुबह छह बजे बमुश्किल निकल पाई। फरीदपुर से पचौमी तक जाम इतना भयानक था कि तीन घंटे तक वाहन टस से मस नहीं हुए। 
फिर नहीं उठा 100 नंबर  
हाइवे पर जाम में फंसे यात्रियों ने 100 नंबर पर सैकड़ों बार डायल किया लेकिन ये लाइन लगातार बिजी बताती रही। साहिबाबाद डिपो की बोल्वो में सवार सवारियों ने पुलिस के बड़े अफसर एसएसपी को फोन किया। एक यात्री की उस अफसर से हॉटटाक भी हो गई। अफसर ने यात्री को डांटकर फोन रख दिया। 

वीआईपी गाड़ी निकलवाना बन गया मुसीबत
फौजी ढाबे के पास सिंगल लेन में चल रहे वाहनों के बीच अपने अफसर की कार को जल्दी निकलवाने के लिए पुलिस ने लेन तुड़वा दी जो जाम की वजह बनी। नीली बत्ती की सफेद रंग की होंडा सिटी कार को निकालते समय अन्य वाहन चालकों ने भी कार के पीछे अपनी गाड़ियां लगा दी। इससे अफसर की गाड़ी तो निकल गई लेकिन रोड के दोनों ओर की लाइन जाम हो गई। बाद में आने वाले वाहन चार से पांच लाइनों में खड़े हो गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed