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वकीलों ने कानूनगो को चप्पलों से पीटा
बरेली
Updated Sat, 27 Feb 2016 01:52 AM IST
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नवाबगंज। चकरोड पैमाइश को लेकर हुए विवाद के बाद बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव ने अपनी जूनियर महिला अधिवक्ता के साथ कानूनगो की उनके ही कार्यालय में पिटाई कर दी, बाद में दोनों अधिवक्ता कुछ देर के लिए एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे। तहसीलदार के आदेश पर पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी इस मामले में कानूनगो का दोष बता रहे हैं।
पूर्व सचिव अशर्फी लाल गंगवार की जूनियर नीरज देवी गंगवार मूल रूप से रिछोला चौधरी गांव की निवासी हैं। गुरुवार को उन्होंने अपने पिता के साथ एसडीएम मनीष बंसल को पत्र देकर गांव के ही केसरीलाल पर चकरोड पर दीवार बनाने की शिकायत की थी। एसडीएम के निर्देश पर उसी दिन राजस्व निरीक्षक बाबूराम विभागीय टीम के साथ गांव गए थे। नीरज देवी की मौजूदगी में पैमाइश करते हुए दोनों पक्षों के हस्ताक्षर कराकर निर्माण रुकवा दिया था। शुक्रवार दोपहर बाबूराम अपने कार्यालय में बैठकर जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे थे। तभी अशर्फी लाल नीरज देवी के साथ वहां आ गए। आरोप है कि दोनों ने पहले बाबूराम से झगड़ा किया और फिर उनकी पिटाई कर डाली। महिला अधिवक्ता पर तो चप्पल से कानूनगो को पीटने का आरोप है। घटना से तहसील में हड़कंप मच गया, मौके पर पहुंचे राजस्व कर्मियों ने इन्हें अलग किया। कमरे से निकलकर दोनों अधिवक्ता कुछ देर एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर भी बैठे। कुछ जगह फोन मिलाने के बाद वह चले गए। इधर, बाबूराम ने घटना के बारे में एसडीएम को बताया। बाबूराम की ओर से दोनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, अभिलेख फाड़ने और जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल की तहरीर दी गई। तहसीलदार के निर्देश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। कोतवाल आरके सिंह ने कहा कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
लेखपाल संघ नाराज
लेखपाल संघ के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार, मंत्री शिवशंकर रस्तोगी, कोषाध्यक्ष छत्रपाल देववंशी के साथ ही जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र गंगवार ने बताया कि घटना गंभीर है, संगठन की बैठक कर आरोपी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की मांग की जाएगी।
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बार ने अनभिज्ञता जताई
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिशुपाल गंगवार ने बताया कि घटना के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। अशर्फीलाल ने भी कुछ नहीं बताया है। वह शिकायत करेंगे तो बार इस मामले की जांच कराएगी। वकील निर्दोष होंगे तो उनका साथ दिया जाएगा।
आरोपी की बात
गुरुवार तक सब ठीक था। शुक्रवार सुबह केसरी ने फिर निर्माण शुरू करा दिया। इस बारे में हम कानूनगो बाबूराम के पास शिकायत लेकर गए थे, उल्टे बाबूराम ने ही कुर्सी से उठकर हमारा गिरेबान पकड़ लिया। नीरज न छुड़ातीं तो जाने क्या होता। अभद्रता से नाराज होकर हम धरने पर बैठे। एसडीएम ने नहीं सुनी तो कमिश्नर को फोन पर बताया। उनके कहने पर धरना खत्म कर दिया। हमें नहीं पता कि किसने क्या रिपोर्ट कराई। ऐसा है तो हम भी हम रिपोर्ट कराएंगे। पुलिस नहीं सुनेगी तो कोर्ट की शरण लेंगे।- अशर्फीलाल गंगवार, अधिवक्ता
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पूर्व सचिव अशर्फी लाल गंगवार की जूनियर नीरज देवी गंगवार मूल रूप से रिछोला चौधरी गांव की निवासी हैं। गुरुवार को उन्होंने अपने पिता के साथ एसडीएम मनीष बंसल को पत्र देकर गांव के ही केसरीलाल पर चकरोड पर दीवार बनाने की शिकायत की थी। एसडीएम के निर्देश पर उसी दिन राजस्व निरीक्षक बाबूराम विभागीय टीम के साथ गांव गए थे। नीरज देवी की मौजूदगी में पैमाइश करते हुए दोनों पक्षों के हस्ताक्षर कराकर निर्माण रुकवा दिया था। शुक्रवार दोपहर बाबूराम अपने कार्यालय में बैठकर जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे थे। तभी अशर्फी लाल नीरज देवी के साथ वहां आ गए। आरोप है कि दोनों ने पहले बाबूराम से झगड़ा किया और फिर उनकी पिटाई कर डाली। महिला अधिवक्ता पर तो चप्पल से कानूनगो को पीटने का आरोप है। घटना से तहसील में हड़कंप मच गया, मौके पर पहुंचे राजस्व कर्मियों ने इन्हें अलग किया। कमरे से निकलकर दोनों अधिवक्ता कुछ देर एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर भी बैठे। कुछ जगह फोन मिलाने के बाद वह चले गए। इधर, बाबूराम ने घटना के बारे में एसडीएम को बताया। बाबूराम की ओर से दोनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, अभिलेख फाड़ने और जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल की तहरीर दी गई। तहसीलदार के निर्देश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। कोतवाल आरके सिंह ने कहा कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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लेखपाल संघ नाराज
लेखपाल संघ के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार, मंत्री शिवशंकर रस्तोगी, कोषाध्यक्ष छत्रपाल देववंशी के साथ ही जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र गंगवार ने बताया कि घटना गंभीर है, संगठन की बैठक कर आरोपी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की मांग की जाएगी।
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बार ने अनभिज्ञता जताई
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिशुपाल गंगवार ने बताया कि घटना के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। अशर्फीलाल ने भी कुछ नहीं बताया है। वह शिकायत करेंगे तो बार इस मामले की जांच कराएगी। वकील निर्दोष होंगे तो उनका साथ दिया जाएगा।
आरोपी की बात
गुरुवार तक सब ठीक था। शुक्रवार सुबह केसरी ने फिर निर्माण शुरू करा दिया। इस बारे में हम कानूनगो बाबूराम के पास शिकायत लेकर गए थे, उल्टे बाबूराम ने ही कुर्सी से उठकर हमारा गिरेबान पकड़ लिया। नीरज न छुड़ातीं तो जाने क्या होता। अभद्रता से नाराज होकर हम धरने पर बैठे। एसडीएम ने नहीं सुनी तो कमिश्नर को फोन पर बताया। उनके कहने पर धरना खत्म कर दिया। हमें नहीं पता कि किसने क्या रिपोर्ट कराई। ऐसा है तो हम भी हम रिपोर्ट कराएंगे। पुलिस नहीं सुनेगी तो कोर्ट की शरण लेंगे।- अशर्फीलाल गंगवार, अधिवक्ता