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फर्जी प्रमाणपत्रों से सेना में भर्ती हो गए
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 14 Jul 2016 01:43 AM IST
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दिल्ली के सेना भर्ती कार्यालय से भर्ती करके ट्रैनिंग के लिए जाट रेजीमेंट सेंटर में भेजे गए हापुड़ व गाजियाबाद क्षेत्र के चार युवकों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। इनको एक जुलाई को यहां ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था लेकिन फिर से कराए गए सत्यापन में उनके प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए हैं। जाट सेंटर की ओर से चारों को बुधवार शाम को कैंट थाने लाया गया लेकिन बाद में कुछ और दस्तावेज लाने की बात कह कर उन्हें वापस ले जाया गया।
सेना भर्ती में पहले भी फर्जीवाड़े के मामले सामने आ चुके हैं लेकिन यह मामला उनसे इसलिए अलग है क्योंकि इसमें भर्ती के बाद अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग भी शुरू हो गई थी। बताया गया कि दिल्ली के एआरओ कार्यालय मेें इन चारों की भर्ती के बाद इनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी कराया गया था। मेडिकल के बाद ही इनको ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। इनमें तीन सैनिक जीडी और एक सैनिक ट्रेडमैन बताया जा रहा है। नियमानुसार जाट रेजीमेंट सेंटर ने इन चारों के प्रमाणपत्रों की जांच फिर से कराई गई। इस बारे में जाट रेजीमेंट सेंटर की ओर से अभी कोई अधिकृत बयान जारी नहीं किया गया है। शाम को सेना चारों युवकों को लेकर कैंट थाने के हवाले करने गई लेकिन पुलिस ने तहरीर के साथ प्रमाणपत्र भी मांगे, इसलिए उनको सेना वापस ले गई। जाट सेंटर के एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। बता दें कि बरेली में पिछले वर्षों में हुई सेना भर्ती में भर्ती प्रक्रिया से पहले ही कई अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। चूंकि पहले ही मामले पकड़ में आ गए इसलिए उनको ट्रेनिंग के लिए भेजने की नौबत नहीं आ पाई।
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सेना भर्ती में पहले भी फर्जीवाड़े के मामले सामने आ चुके हैं लेकिन यह मामला उनसे इसलिए अलग है क्योंकि इसमें भर्ती के बाद अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग भी शुरू हो गई थी। बताया गया कि दिल्ली के एआरओ कार्यालय मेें इन चारों की भर्ती के बाद इनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी कराया गया था। मेडिकल के बाद ही इनको ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। इनमें तीन सैनिक जीडी और एक सैनिक ट्रेडमैन बताया जा रहा है। नियमानुसार जाट रेजीमेंट सेंटर ने इन चारों के प्रमाणपत्रों की जांच फिर से कराई गई। इस बारे में जाट रेजीमेंट सेंटर की ओर से अभी कोई अधिकृत बयान जारी नहीं किया गया है। शाम को सेना चारों युवकों को लेकर कैंट थाने के हवाले करने गई लेकिन पुलिस ने तहरीर के साथ प्रमाणपत्र भी मांगे, इसलिए उनको सेना वापस ले गई। जाट सेंटर के एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। बता दें कि बरेली में पिछले वर्षों में हुई सेना भर्ती में भर्ती प्रक्रिया से पहले ही कई अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। चूंकि पहले ही मामले पकड़ में आ गए इसलिए उनको ट्रेनिंग के लिए भेजने की नौबत नहीं आ पाई।
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