{"_id":"58b4855a4f1c1b7c05830eb1","slug":"it-was-not-the-death-of-the-elderly-dogs-pluck","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुत्तों के नोचने से नहीं हुई थी बुजुर्ग की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कुत्तों के नोचने से नहीं हुई थी बुजुर्ग की मौत
बरेली।
Updated Tue, 28 Feb 2017 01:39 AM IST
विज्ञापन
It was not the death of the elderly dogs pluck
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रइयानगला गांव में बुजुर्ग अफसर नूर की मौत को प्रशासन ने संदिग्ध माना है। नायब तहसीलदार की अगुवाई में गांव पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने कहा कि कुत्तों के नोचने से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। बुजुर्ग का शव तबेले में ही पाया गया जहां गाय बंधी थी। ग्रामीण भी इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। नायब तहसीलदार का कहना है कि न तो पंचनामा हुआ न ही पोस्टमार्टम और पुलिस को भी सूचना नहीं दी गई।
एसडीएम अर्चना द्विवेदी के निर्देश पर नायब तहसीलदार सत्य प्रकाश और हलका लेखपाल गिरंद सिंह सोमवार को गांव पहुंचे और घटना के बारे में ग्रामीणों से बात की। अफसर नूर के पड़ोस में रहने वाली भूरी बेगम, शकीना आदि ने कुत्तों को देखे जाने की तस्दीक नहीं की। उन्होंने बताया कि अफसर नूर की पत्नी कादरी बेगम की काफी पहले मौत हो चुकी है। इकलौता बेटा मो. शहीम शादीशुदा है और दिल्ली में चप्पल के कारखाने में मजदूरी करता है। पांचों बेटियां शादीशुदा हैं। अफसर नूर अकेले रहकर गाय पालते थे। घर से आटा लेकर थान पर बंधी गाय दुहने आए थे। शनिवार सुबह दुहते वक्त गाय ने लात मार दी थी जिससे उसका सिर फट गया और ज्यादा खून बह जाने की वजह से मर गया। टीम का कहना है कि मृतक के घर वालों ने पुलिस कार्रवाई के बजाय एक-दो लोगों ने सुनी-सुनाई बातों के आधार पर कुत्तों के नोचने की बात कह दी। नायब तहसीलदार ने बताया कि स्थलीय रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई है।
विज्ञापन
एसडीएम अर्चना द्विवेदी के निर्देश पर नायब तहसीलदार सत्य प्रकाश और हलका लेखपाल गिरंद सिंह सोमवार को गांव पहुंचे और घटना के बारे में ग्रामीणों से बात की। अफसर नूर के पड़ोस में रहने वाली भूरी बेगम, शकीना आदि ने कुत्तों को देखे जाने की तस्दीक नहीं की। उन्होंने बताया कि अफसर नूर की पत्नी कादरी बेगम की काफी पहले मौत हो चुकी है। इकलौता बेटा मो. शहीम शादीशुदा है और दिल्ली में चप्पल के कारखाने में मजदूरी करता है। पांचों बेटियां शादीशुदा हैं। अफसर नूर अकेले रहकर गाय पालते थे। घर से आटा लेकर थान पर बंधी गाय दुहने आए थे। शनिवार सुबह दुहते वक्त गाय ने लात मार दी थी जिससे उसका सिर फट गया और ज्यादा खून बह जाने की वजह से मर गया। टीम का कहना है कि मृतक के घर वालों ने पुलिस कार्रवाई के बजाय एक-दो लोगों ने सुनी-सुनाई बातों के आधार पर कुत्तों के नोचने की बात कह दी। नायब तहसीलदार ने बताया कि स्थलीय रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई है।
विज्ञापन