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आईजी रेलवे ने कहा, आउटसोर्सिंग स्टॉफ भी सुरक्षा के लिए चैलेंज
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 14 Jul 2016 01:59 AM IST
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उत्तर रेलवे के पुलिस महानिरीक्षक संजय कौशल ने शाहजहांपुर से सहारनपुर रेलवे रूट को खतरनाक माना है। उनका कहना है कि इस रूट पर अपराधियों को बोलबाला है। इसके लिए अभियान भी चलाया गया और कई लोग पकड़े गए हैं। उन्होंने रेलवे में आउटसोर्सिंग के जरिए रखे जा रहे स्टॉफ को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि जब तक ये लोग रहेंगे तब तक रेलवे में सुरक्षा एक बड़ा चैलेंज है।
बुधवार को आरपीएफ के जवानों के व्यवहार कौशल विकास कार्यशाला में शामिल होने आए संजय कौशल ने प्रेसवार्ता में कहा कि आरपीएफ ने जो तहकीकात की है उसके अनुसार अमरोहा से सहारनपुर और रामपुर से बरेली रूट ऐसे हैं जहां क्राइम अधिक होता है। इसे परखने के लिए इसे दो सेक्शन में बांटकर दो टीमें लगाई गई थी। इस दौरान 22 मामले पकड़े गए हैं और 36 लोग गिरफ्तार हुए। उन्हाेंने बताया कि इनमें सात मामले तो गैंग बनाकर चलने वालों के थे। चार लूट, दो डकैती और अन्य मामले भी सामने आए हैं। आईजी ने बताया कि ट्रेन कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन मुद्दा प्राइवेसी का उठा तो इसे गेलेरी में लगाया गया। प्रयोग के तौर पर अभी शान ए पंजाब ट्रेन में यह लगाया गया है। अच्छा रिस्पांस मिला तो इसे सभी ट्रेनों में लगाएंगे।
182 सुरक्षा के लिए सबसे अहम
आईजी ने कहा कि अगर उनके परिवार में भी कोई घटना होती है तो वह 182 नंबर डायल करने को कहते हैं। यह महत्वपूर्ण नंबर है। इस पर तुरंत रिस्पांस मिलता है। यात्रियों को इसका लाभ लेना चाहिए। अब ट्वीटर के लिए भी सभी को ट्रेंड किया जाएगा।
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सुधरे आरपीएफ का व्यवहार
कार्यशाला के दौरान जवानों को व्यवहार में कुशलता लाने को कहा गया। यह कार्यशाला जालंधर, अंबाला और दिल्ली में हो चुकी है। सभी जगह कार्यशाला होने के बाद इसका परिणाम डीजी रेलमंत्री के साथ प्रेसवार्ता में शेयर करेंगे। उन्होंने बताया कि स्टॉफ अगर संतुष्ट रहेगा तो उसका व्यवहार भी सकारात्मक होगा। यात्रियाें का आरपीएफ पर विश्वास कैसे बढ़े इस बारे में भी चर्चा की गई।
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बुधवार को आरपीएफ के जवानों के व्यवहार कौशल विकास कार्यशाला में शामिल होने आए संजय कौशल ने प्रेसवार्ता में कहा कि आरपीएफ ने जो तहकीकात की है उसके अनुसार अमरोहा से सहारनपुर और रामपुर से बरेली रूट ऐसे हैं जहां क्राइम अधिक होता है। इसे परखने के लिए इसे दो सेक्शन में बांटकर दो टीमें लगाई गई थी। इस दौरान 22 मामले पकड़े गए हैं और 36 लोग गिरफ्तार हुए। उन्हाेंने बताया कि इनमें सात मामले तो गैंग बनाकर चलने वालों के थे। चार लूट, दो डकैती और अन्य मामले भी सामने आए हैं। आईजी ने बताया कि ट्रेन कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन मुद्दा प्राइवेसी का उठा तो इसे गेलेरी में लगाया गया। प्रयोग के तौर पर अभी शान ए पंजाब ट्रेन में यह लगाया गया है। अच्छा रिस्पांस मिला तो इसे सभी ट्रेनों में लगाएंगे।
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182 सुरक्षा के लिए सबसे अहम
आईजी ने कहा कि अगर उनके परिवार में भी कोई घटना होती है तो वह 182 नंबर डायल करने को कहते हैं। यह महत्वपूर्ण नंबर है। इस पर तुरंत रिस्पांस मिलता है। यात्रियों को इसका लाभ लेना चाहिए। अब ट्वीटर के लिए भी सभी को ट्रेंड किया जाएगा।
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सुधरे आरपीएफ का व्यवहार
कार्यशाला के दौरान जवानों को व्यवहार में कुशलता लाने को कहा गया। यह कार्यशाला जालंधर, अंबाला और दिल्ली में हो चुकी है। सभी जगह कार्यशाला होने के बाद इसका परिणाम डीजी रेलमंत्री के साथ प्रेसवार्ता में शेयर करेंगे। उन्होंने बताया कि स्टॉफ अगर संतुष्ट रहेगा तो उसका व्यवहार भी सकारात्मक होगा। यात्रियाें का आरपीएफ पर विश्वास कैसे बढ़े इस बारे में भी चर्चा की गई।